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बुरहानपुर: कुपोषण का शिकार हुई बिन मां की बच्ची,10 माह में सिर्फ 4 किलो है वजन, मानवाधिकार आयोग ने मांगा जवाब
Thu, 24 Mar 2022 07:57 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Thu, 24 Mar 2022 07:57 PM IST
सार
बुरहानपुर जिले में एक 10 माह की बच्ची गंभीर कुपोषण का शिकार मिली है। वहीं पूरे जिले में करीब 4 हजार बच्चे कुपोषण के शिकार हैं। मानवाधिकार आयोग ने कलेक्टर, सीएमएचओ और WCD अधिकारी से तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।
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बुरहानपुर में कुपोषण का शिकार हुई 10 माह की बच्ची (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बुरहानपुर जिले में एक 10 माह की बच्ची कुपोषण का दंश झेल रही है। बीते 10 दिनों से उसका इलाज सरकारी अस्पताल में जारी है। वहीं मानवाधिकार आयोग ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए कलेक्टर, सीएमएचओ व महिला बाल विकास अधिकारी, बुरहानपुर से तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।
मामला बुरहानपुर जिले के धुलकोट के बसाली गांव का है। यहां रहने वाली दस महीने की आसमा पिता महेन्द्र का वजन सिर्फ 4.06 किलोग्राम है। सामान्य तौर 10 माह के बच्चों का वजन 9 किलो होता है। गंभीर कुपोषण की शिकार आसमा की मां बीमारी के चलते डेढ़ माह पहले दम तोड़ चुकी हैं। फिलहाल बच्ची आसमा का दस दिन से सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है। बच्ची के दादा किशन भाभरिया ने बताया बेटा मजदूरी करता है।
जिले के करीब 4 हजार बच्चे कुपोषण का शिकार
जिले में 4 हजार बच्चों का वजन सामान्य से कम है। 1947 अति कम वजन के हैं। इनमें से 231 सिर्फ 15 दिन में मिले हैं। पोषण पखवाड़े की रिपोर्ट में यह हकीकत सामने आई है।
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वहीं, इस मामले पर संज्ञान लेते हुए मध्य प्रदेश मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति नरेन्द्र कुमार जैन ने कलेक्टर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा महिला व बाल विकास अधिकारी, बुरहानपुर को तीन सप्ताह में जवाब देने कहा है। आयोग अध्यक्ष ने अधिकारियों से पूछा है कि पूरे जिले में कितने बच्चे कुपोषण का शिकार हुए हैं एवं वर्तमान में कितने कुपोषित हैं ? जनवरी 2022 से मार्च 2022 तक की विस्तृत जानकारी दें। साथ ही यह भी पूछा है कि इस समय पूरे बुरहानपुर जिले में इलाज के लिए (कुपोषण वाले) कितने बच्चे भर्ती हैं ? उनका क्या इलाज चल रहा है ?
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मामला बुरहानपुर जिले के धुलकोट के बसाली गांव का है। यहां रहने वाली दस महीने की आसमा पिता महेन्द्र का वजन सिर्फ 4.06 किलोग्राम है। सामान्य तौर 10 माह के बच्चों का वजन 9 किलो होता है। गंभीर कुपोषण की शिकार आसमा की मां बीमारी के चलते डेढ़ माह पहले दम तोड़ चुकी हैं। फिलहाल बच्ची आसमा का दस दिन से सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है। बच्ची के दादा किशन भाभरिया ने बताया बेटा मजदूरी करता है।
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जिले के करीब 4 हजार बच्चे कुपोषण का शिकार
जिले में 4 हजार बच्चों का वजन सामान्य से कम है। 1947 अति कम वजन के हैं। इनमें से 231 सिर्फ 15 दिन में मिले हैं। पोषण पखवाड़े की रिपोर्ट में यह हकीकत सामने आई है।
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वहीं, इस मामले पर संज्ञान लेते हुए मध्य प्रदेश मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति नरेन्द्र कुमार जैन ने कलेक्टर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा महिला व बाल विकास अधिकारी, बुरहानपुर को तीन सप्ताह में जवाब देने कहा है। आयोग अध्यक्ष ने अधिकारियों से पूछा है कि पूरे जिले में कितने बच्चे कुपोषण का शिकार हुए हैं एवं वर्तमान में कितने कुपोषित हैं ? जनवरी 2022 से मार्च 2022 तक की विस्तृत जानकारी दें। साथ ही यह भी पूछा है कि इस समय पूरे बुरहानपुर जिले में इलाज के लिए (कुपोषण वाले) कितने बच्चे भर्ती हैं ? उनका क्या इलाज चल रहा है ?
