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Bulli Bai App Case: असम में गिरफ्तार मुख्य साजिशकर्ता को मध्य प्रदेश के वीआईटी ने निष्कासित किया, बीटेक की पढ़ाई कर रहा था
Thu, 06 Jan 2022 07:27 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Thu, 06 Jan 2022 07:27 PM IST
सार
Bulli Bai App Case के मुख्य साजिशकर्ता का मध्य प्रदेश के सीहोर से कनेक्शन है। वह वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी- भोपाल का बीटेक सेकंड ईयर का छात्र था। मामला सामने आने के बाद कॉलेज ने उसे निष्कासित कर दिया है।
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Bulli Bai App Case
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
बुल्ली बाई ऐप मामले के तार अब मध्यप्रदेश से भी जुड़ गए हैं। दिल्ली पुलिस ने नीरज विश्नोई को असम के जोरहाट से गिरफ्तार किया है। 21 वर्षीय नीरज वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी भोपाल (वीआईटी) का सेकंड ईयर बीटेक का छात्र है। यह मामला सामने आने के बाद वीआईटी ने नीरज विश्नोई को कॉलेज से निष्कासित कर दिया है।
नीरज असम के जोरहाट का रहने वाला है। बीते दो साल वह सीहोर में पढ़ाई कर रहा था। बुल्ली बाई ऐप केस में पुलिस अब तक चार लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस ने उत्तराखंड से श्वेता सिंह, बेंगलुरु से विशाल कुमार झा और मयंक रावल को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि बुल्ली बाई ऐप बनाने वाला मास्टरमाइंड नीरज ही है। उसने ही गिटहब पर बुल्ली बाई ऐप बनाया था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर बुल्ली बाई को प्रमोट करता था। बुल्ली बाई ऐप मुस्लिम महिलाओं के ऑक्शन के लिए गिटहब प्लेटफॉर्म पर बनाया गया एक ऐप है। इस पर मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें डील ऑफ द डे के साथ पोस्ट की जाती थी।
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मामले में यूनिवर्सिटी प्रबंधन कार्य देख रहे अमित सिंह ने कहा कि छात्र ने वर्ष 2020 में कॉलेज में प्रवेश लिया था। वह एक बार भी क्लास नहीं आया है। वह ऑनलाइन क्लास अटेंड कर रहा था। इस पूरे प्रकरण से कॉलेज प्रबंधन का कोई लेना-देना नहीं है। कॉलेज ने छात्र को रेस्टीकेट कर दिया है।
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नीरज असम के जोरहाट का रहने वाला है। बीते दो साल वह सीहोर में पढ़ाई कर रहा था। बुल्ली बाई ऐप केस में पुलिस अब तक चार लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस ने उत्तराखंड से श्वेता सिंह, बेंगलुरु से विशाल कुमार झा और मयंक रावल को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि बुल्ली बाई ऐप बनाने वाला मास्टरमाइंड नीरज ही है। उसने ही गिटहब पर बुल्ली बाई ऐप बनाया था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर बुल्ली बाई को प्रमोट करता था। बुल्ली बाई ऐप मुस्लिम महिलाओं के ऑक्शन के लिए गिटहब प्लेटफॉर्म पर बनाया गया एक ऐप है। इस पर मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें डील ऑफ द डे के साथ पोस्ट की जाती थी।
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मामले में यूनिवर्सिटी प्रबंधन कार्य देख रहे अमित सिंह ने कहा कि छात्र ने वर्ष 2020 में कॉलेज में प्रवेश लिया था। वह एक बार भी क्लास नहीं आया है। वह ऑनलाइन क्लास अटेंड कर रहा था। इस पूरे प्रकरण से कॉलेज प्रबंधन का कोई लेना-देना नहीं है। कॉलेज ने छात्र को रेस्टीकेट कर दिया है।
