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MP News: नौरादेही अभयारण्य में गश्ती दल के वाहन पर बम से हमला, बाल-बाल बचे वनकर्मी
Thu, 02 Feb 2023 01:24 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Thu, 02 Feb 2023 01:24 PM IST
सार
सिंगपुर रेंज में बड़ी मात्रा में इमारती लकड़ी व लघु वनोपज, वन संपदा मौजूद है। वन माफियाओं की यहां नजर होती है। पिछले दो माह से लगातार हो रही कार्रवाई व धड़पकड़ के बाद वन माफियाओं में ख़ौफ़ छाया है।
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नौरादेही अभयारण्य (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
मध्य प्रदेश के सागर जिले में स्थित सबसे बड़ा नौरादेही अभयारण्य हमेशा ही वन माफिया के निशाने पर रहता है। यहां आए दिन वनकर्मियों पर हमला होने की घटनाएं होती रहती हैं। इसी तरह की घटना बीती रात सिंगपुर रेंज में हुई, जब वन माफियाओं ने रात्रि गश्त कर रहे वन कर्मियों के वाहन पर देशी बम से हमला कर दिया। घटना में वनकर्मी बाल-बाल बच गए।
इस हमले की जानकारी पुलिस को दी गई है और केस दर्ज कराया गया है। दरअसल, लगातार हो रही कार्रवाई के चलते वन माफिया बौखला गए हैं और अब वन अमले को ही निशाना बना रहे हैं। बीती रात सिंगपुर रेंज का वन अमला जंगल में गश्ती के लिए निकला था, जैसे ही दल देवरी थाना क्षेत्र के कठोतिया में पहुंचा तो अचानक वाहन के आगे बम फेंका गया, इसके तेज धमाके की आवाज से पूरा जंगल दहल गया और आग की चिंगारियां उठने के साथ ही चारों तरफ धुआं ही धुआं हो गया।
धमाके के बाद वन अमला दहशत के बीच वाहन से बाहर निकला और आसपास तलाशी की, लेकिन अंधेरा होने व कोहरे के चलते बम फेंकने वाले आरोपी भागने में सफल हो गए। मौके पर मौजूद पहरा व रमपुरा के बीट गार्ड भगीरथ पटेल ने बताया कि बम के हमले के बाद हम सभी लोग सहम गए थे और डर था कि कहीं दूसरा हमला न हो जाए। रात में अंधेरा बहुत था और बम वाहन के आगे गिरा। यदि यह वाहन पर गिरता तो बड़ी घटना हो जाती।
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जमीन पर दो फीट का गड्ढा हो गया
जहां बम फटा वहां जमीन में भी करीब दो फीट का गड्डा हो गया था। सिंगपुर रेंजर सौरभ जैन ने बताया कि स्टाफ द्वारा सूचना के बाद तत्काल ही मौके पर पहुंचा, लेकिन यह बताना कठिन है कि हमला किसने किया। इसकी जानकारी अभी तक नहीं मिल पाई है। मामले की जांच की जा रही है सभी स्टाफ सुरक्षित हैं।
इमारती लकड़ी वाला है एरिया
बता दें, सिंगपुर रेंज में बड़ी मात्रा में इमारती लकड़ी व लघु वनोपज, वन संपदा मौजूद है। वन माफियाओं की यहां नजर होती है। पिछले दो माह से लगातार हो रही कार्रवाई व धरपकड़ के बाद वन माफिया में खौफ छाया है और वो बौखलाकर वन स्टाफ पर हमला कर रहे हैं। पिछले दिनों दो से तीन बार रेंजर सौरभ जैन पर भी हमला हो चुका है, जिसकी शिकायत भी पुलिस से की गई है।
नौरादेही में घूम रहे 12 बाघ
बता दें, नौरादेही अभयारण्य में इस समय 12 बाघों की दहाड़ गुंजायमान हो रही है। इसके साथ ही अन्य कई जंगली जानवर भी हैं, जिसकी सुरक्षा में वन हमला दिन-रात लगा हुआ है। बाघों की सुरक्षा वन हमले के लिए सबसे बड़ी चुनौती है, क्योंकि 12 बाघ में से 11 बाघ बिना कॉलर आईडी के घूम रहे हैं, केवल एक बाघ को ही कलर आईडी लगी है। इसलिए वन माफिया से जितना नुकसान वन संपदा को है उतना ही खतरा जंगली जानवरों को भी है। कॉलर आईडी नहीं लगी होने के कारण बाघों की लोकेशन पग मार्क से ली जा रही है।
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इस हमले की जानकारी पुलिस को दी गई है और केस दर्ज कराया गया है। दरअसल, लगातार हो रही कार्रवाई के चलते वन माफिया बौखला गए हैं और अब वन अमले को ही निशाना बना रहे हैं। बीती रात सिंगपुर रेंज का वन अमला जंगल में गश्ती के लिए निकला था, जैसे ही दल देवरी थाना क्षेत्र के कठोतिया में पहुंचा तो अचानक वाहन के आगे बम फेंका गया, इसके तेज धमाके की आवाज से पूरा जंगल दहल गया और आग की चिंगारियां उठने के साथ ही चारों तरफ धुआं ही धुआं हो गया।
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धमाके के बाद वन अमला दहशत के बीच वाहन से बाहर निकला और आसपास तलाशी की, लेकिन अंधेरा होने व कोहरे के चलते बम फेंकने वाले आरोपी भागने में सफल हो गए। मौके पर मौजूद पहरा व रमपुरा के बीट गार्ड भगीरथ पटेल ने बताया कि बम के हमले के बाद हम सभी लोग सहम गए थे और डर था कि कहीं दूसरा हमला न हो जाए। रात में अंधेरा बहुत था और बम वाहन के आगे गिरा। यदि यह वाहन पर गिरता तो बड़ी घटना हो जाती।
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जमीन पर दो फीट का गड्ढा हो गया
जहां बम फटा वहां जमीन में भी करीब दो फीट का गड्डा हो गया था। सिंगपुर रेंजर सौरभ जैन ने बताया कि स्टाफ द्वारा सूचना के बाद तत्काल ही मौके पर पहुंचा, लेकिन यह बताना कठिन है कि हमला किसने किया। इसकी जानकारी अभी तक नहीं मिल पाई है। मामले की जांच की जा रही है सभी स्टाफ सुरक्षित हैं।
इमारती लकड़ी वाला है एरिया
बता दें, सिंगपुर रेंज में बड़ी मात्रा में इमारती लकड़ी व लघु वनोपज, वन संपदा मौजूद है। वन माफियाओं की यहां नजर होती है। पिछले दो माह से लगातार हो रही कार्रवाई व धरपकड़ के बाद वन माफिया में खौफ छाया है और वो बौखलाकर वन स्टाफ पर हमला कर रहे हैं। पिछले दिनों दो से तीन बार रेंजर सौरभ जैन पर भी हमला हो चुका है, जिसकी शिकायत भी पुलिस से की गई है।
नौरादेही में घूम रहे 12 बाघ
बता दें, नौरादेही अभयारण्य में इस समय 12 बाघों की दहाड़ गुंजायमान हो रही है। इसके साथ ही अन्य कई जंगली जानवर भी हैं, जिसकी सुरक्षा में वन हमला दिन-रात लगा हुआ है। बाघों की सुरक्षा वन हमले के लिए सबसे बड़ी चुनौती है, क्योंकि 12 बाघ में से 11 बाघ बिना कॉलर आईडी के घूम रहे हैं, केवल एक बाघ को ही कलर आईडी लगी है। इसलिए वन माफिया से जितना नुकसान वन संपदा को है उतना ही खतरा जंगली जानवरों को भी है। कॉलर आईडी नहीं लगी होने के कारण बाघों की लोकेशन पग मार्क से ली जा रही है।
