{"_id":"62f891d12e940b093d4aa924","slug":"bolta-tiranga-theatrical-to-be-staged-in-indore-basketball-complex","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP News: आजादी की गाथा पर 'बोलता तिरंगा' नाटक का होगा मंचन, क्रांतिकारियों के संघर्षों की ताजा होंगी यादें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP News: आजादी की गाथा पर 'बोलता तिरंगा' नाटक का होगा मंचन, क्रांतिकारियों के संघर्षों की ताजा होंगी यादें
Sun, 14 Aug 2022 11:41 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Sun, 14 Aug 2022 11:41 AM IST
सार
उज्जैन के नाट्य कलाकारों की टोली लाइट साउंड शो एवं स्पेशल इफेक्ट के जरिए अलग-अलग दौर की क्रांति की गाथा पर प्रस्तुति देंगी।
विज्ञापन
तिरंगा
- फोटो : i stock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
75वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। इसी कड़ी में इंदौर की संस्था समरस द्वारा 14 अगस्त को बास्केटबॉल काम्प्लेक्स में लाइट एवं साउंड शो के माध्यम से आजादी की गौरव गाथा "बोलता तिरंगा' का सजीव चित्रण किया जाएगा।
संस्था समरस के संरक्षक डॉ. राजेश सोनकर ने बताया 'बोलता तिरंगा' के दौरान स्वाधीनता के संघर्ष और बलिदानों को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने का एक प्रयास है। उन्होंने कहा कि सन 1857 से लेकर 1947 तक आजादी के लिए कई क्रांति हुई है, जिसमें लाखों क्रांति वीरों ने अपने प्राणों की आहुति दी है। इतिहास में लाखों देशभक्त क्रांतिकारियों को भुला दिया गया है, जिन्होंने भारत माता की स्वतंत्रता के लिए हंसते-हंसते अपने प्राणों को न्यौछावर कर दिया। संस्था उन सभी वीर क्रांतिकारियों को नमन करते हुए कार्यक्रम के दौरान 1857 में मंगल पांडेय की क्रांति से लेकर कारगिल युद्ध तक के संघर्ष का चित्रण करेगी।
उसके पश्चात कारगिल युद्ध से लेकर देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आहवान पर 'हर घर तिरंगा' अभियान तक के नाटय पर प्रस्तुति देगी। उज्जैन के नाट्य कलाकारों की टोली लाइट साउंड शो एवं स्पेशल इफेक्ट के जरिए अलग-अलग दौर की क्रांति की गाथा पर प्रस्तुति देंगी।
विज्ञापन
महानाट्य में दिखाई देगा धारा 370 हटाने का संघर्ष
महानाट्य में कश्मीर से धारा 370 हटाने का संघर्ष को भी विशेष रूप से चित्रण किया जाएगा। भाजपा के पितृपुरुष डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने देश में दो प्रधान-दो विधान का विरोध करते हुए कश्मीर में प्रवेश किया जहां उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उनकी रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई। धारा 370 को हटाने के लिए उनके संघर्ष और संसद में गृहमंत्री अमित शाह की धारा 370 हटाने की घोषणा भी महानाट्य में दिखाई देगी।
तिरंगामय होगी साजसज्जा
बास्केटबॉल काम्प्लेक्स में आयोजित कार्यक्रम को तिरंगा स्वरूप में सजाया जाएगा। मंच से लेकर बैठक व्यवस्था तक तिरंगामय नजर आएगा। कार्यक्रम स्थल को महापुरुषों के चित्रों से सजाया जाएगा।
विज्ञापन
संस्था समरस के संरक्षक डॉ. राजेश सोनकर ने बताया 'बोलता तिरंगा' के दौरान स्वाधीनता के संघर्ष और बलिदानों को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने का एक प्रयास है। उन्होंने कहा कि सन 1857 से लेकर 1947 तक आजादी के लिए कई क्रांति हुई है, जिसमें लाखों क्रांति वीरों ने अपने प्राणों की आहुति दी है। इतिहास में लाखों देशभक्त क्रांतिकारियों को भुला दिया गया है, जिन्होंने भारत माता की स्वतंत्रता के लिए हंसते-हंसते अपने प्राणों को न्यौछावर कर दिया। संस्था उन सभी वीर क्रांतिकारियों को नमन करते हुए कार्यक्रम के दौरान 1857 में मंगल पांडेय की क्रांति से लेकर कारगिल युद्ध तक के संघर्ष का चित्रण करेगी।
विज्ञापन
उसके पश्चात कारगिल युद्ध से लेकर देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आहवान पर 'हर घर तिरंगा' अभियान तक के नाटय पर प्रस्तुति देगी। उज्जैन के नाट्य कलाकारों की टोली लाइट साउंड शो एवं स्पेशल इफेक्ट के जरिए अलग-अलग दौर की क्रांति की गाथा पर प्रस्तुति देंगी।
विज्ञापन
महानाट्य में दिखाई देगा धारा 370 हटाने का संघर्ष
महानाट्य में कश्मीर से धारा 370 हटाने का संघर्ष को भी विशेष रूप से चित्रण किया जाएगा। भाजपा के पितृपुरुष डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने देश में दो प्रधान-दो विधान का विरोध करते हुए कश्मीर में प्रवेश किया जहां उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उनकी रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई। धारा 370 को हटाने के लिए उनके संघर्ष और संसद में गृहमंत्री अमित शाह की धारा 370 हटाने की घोषणा भी महानाट्य में दिखाई देगी।
तिरंगामय होगी साजसज्जा
बास्केटबॉल काम्प्लेक्स में आयोजित कार्यक्रम को तिरंगा स्वरूप में सजाया जाएगा। मंच से लेकर बैठक व्यवस्था तक तिरंगामय नजर आएगा। कार्यक्रम स्थल को महापुरुषों के चित्रों से सजाया जाएगा।
