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Bhopal:जेपी में एक्सरे मशीन खराब,मरीजों को 4 घंटे करना पड़ रहा इंतजार, 2 माह से मशीन नहीं सुधार पा रहा प्रबंधन
Mon, 02 Sep 2024 07:47 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Mon, 02 Sep 2024 07:47 PM IST
सार
जेपी अस्पताल में एक्स-रे की दो मशीने बंद होने से मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। मरीजों को चार-चार घंटे लाइनों में लग कर इंतजार करना पड़ रहा है। अस्पताल प्रबंधन दो महीने से मशीन नहीं सुधार पाया है।
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जेपी अस्पताल में एक्स-रे के लिए लाइन में लगे मरीज
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी भोपाल के जिला अस्पताल जेपी में एक्स-रे मशीन खराब होने से मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। अस्पताल में तीन मशीनों में से केवल एक मशीन चल रही है। मरीजों को चार-चार घंटे एक्स-रे के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। जानकारी के लिए बता दें कि यहां दो मशीन करीब 2 महीने से बंद पड़ी है। प्रबंधन बार-बार यही तर्क देता है की मशीन को रिपेयर किया जा रहा है।
रोज 200 मरीजों का होता है एक्स-रे
रोजाना जेपी में हर दिन लगभग 200 एक्स-रे होते हैं लेकिन वर्तमान में आधे ही हो पा रहे हैं। दरअसल जेपी अस्पताल में एक्सरे की तीन मशीनों में से दो बंद पड़ी हैं। अस्पताल के ब्लॉक बी में संचालित दोनों मशीनें बंद हैं। वहीं सिर्फ ए ब्लॉक में लगी मशीन ही चल रही है। गौरतलब है कि जेपी समेत स्वास्थ्य विभाग के अस्पतालों में डिजिटल एक्सरे सभी मरीजों के लिए फ्री कर दिया गया है। जिसके बाद से अस्पताल में एक्सरे कराने वालों की संख्या दो गुना से अधिक बढ़ गई है। निजी अस्पताल व क्लीनिक में इलाज कराने वाले मरीज भी जांच के लिए अस्पताल आ रहे हैं। ऐसे में डिजीटल मशीन पर उसकी क्षमता से ज्यादा लोड पड़ रहा है। यही कारण है कि ब्लॉक बी की मशीन बार बार खराब हो रही है। वहीं एक अन्य मशीन को कंडम करने की प्रक्रिया चल रही है। जिससे उसके स्थान पर नई मशीन खरीदी जा सके।
अस्पताल में रेडियोग्राफरों की कमी
राजधानी के जिला अस्पाताल जेपी में एक्स-रे करने वाले रेडियोग्रफरों की कमी है, नई भर्ती नहीं होने से परेशानी बढ़ती जा रही है। यहां आउट सोर्स कर्मचारियों से काम चलाया जा रहा है। दरअसल एक्स-रे जांच के लिए एक समय पर तीन कर्मचारियों की जरूरत होती है। एक कर्मचारी रजिस्ट्रेशन के लिए, एक कंप्यूटर पर और एक कर्मचारी मशीन को हैंडल करने के लिए जरूरी है। ऐसे में तीन मशीनों के लिए 9 कर्मचारियों की जरूरत है। जबकि अस्पताल के पास एक्सरे की जांच के लिए वर्तमान में पांच ही कर्मचारी हैं।
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जल्द शुरू हो जाएगी मशीन
जेपी अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. रीकेश श्रीवास्तव का कहना है कि मशीन का कुछ टेक्निकल परेशानी आ रही है। मशीन को सुधारने का काम चल रहा है। एक दो दिन में शुरू हो जाएगी। मरीजों की सुविधा के लिए दूसरी मशीन को देर समय तक चलाया जा रहा है। मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो यह प्रयास किया जा रहा है।
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रोज 200 मरीजों का होता है एक्स-रे
रोजाना जेपी में हर दिन लगभग 200 एक्स-रे होते हैं लेकिन वर्तमान में आधे ही हो पा रहे हैं। दरअसल जेपी अस्पताल में एक्सरे की तीन मशीनों में से दो बंद पड़ी हैं। अस्पताल के ब्लॉक बी में संचालित दोनों मशीनें बंद हैं। वहीं सिर्फ ए ब्लॉक में लगी मशीन ही चल रही है। गौरतलब है कि जेपी समेत स्वास्थ्य विभाग के अस्पतालों में डिजिटल एक्सरे सभी मरीजों के लिए फ्री कर दिया गया है। जिसके बाद से अस्पताल में एक्सरे कराने वालों की संख्या दो गुना से अधिक बढ़ गई है। निजी अस्पताल व क्लीनिक में इलाज कराने वाले मरीज भी जांच के लिए अस्पताल आ रहे हैं। ऐसे में डिजीटल मशीन पर उसकी क्षमता से ज्यादा लोड पड़ रहा है। यही कारण है कि ब्लॉक बी की मशीन बार बार खराब हो रही है। वहीं एक अन्य मशीन को कंडम करने की प्रक्रिया चल रही है। जिससे उसके स्थान पर नई मशीन खरीदी जा सके।
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अस्पताल में रेडियोग्राफरों की कमी
राजधानी के जिला अस्पाताल जेपी में एक्स-रे करने वाले रेडियोग्रफरों की कमी है, नई भर्ती नहीं होने से परेशानी बढ़ती जा रही है। यहां आउट सोर्स कर्मचारियों से काम चलाया जा रहा है। दरअसल एक्स-रे जांच के लिए एक समय पर तीन कर्मचारियों की जरूरत होती है। एक कर्मचारी रजिस्ट्रेशन के लिए, एक कंप्यूटर पर और एक कर्मचारी मशीन को हैंडल करने के लिए जरूरी है। ऐसे में तीन मशीनों के लिए 9 कर्मचारियों की जरूरत है। जबकि अस्पताल के पास एक्सरे की जांच के लिए वर्तमान में पांच ही कर्मचारी हैं।
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जल्द शुरू हो जाएगी मशीन
जेपी अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. रीकेश श्रीवास्तव का कहना है कि मशीन का कुछ टेक्निकल परेशानी आ रही है। मशीन को सुधारने का काम चल रहा है। एक दो दिन में शुरू हो जाएगी। मरीजों की सुविधा के लिए दूसरी मशीन को देर समय तक चलाया जा रहा है। मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो यह प्रयास किया जा रहा है।
