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कौन हैं IAS परिक्षित झाड़े: बस कंडक्टर के बेटे, डॉक्टर बने,10वीं में कहा था-कलेक्टर बनूंगा; अब शाजापुर की कमान
Wed, 14 Oct 2026 03:01 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Wed, 14 Oct 2026 03:01 PM IST
सार
मध्यप्रदेश में प्रशासनिक फेरबदल के बाद 2017 बैच के आईएएस अधिकारी डॉ. परिक्षित संजयराव झाड़े को शाजापुर का नया कलेक्टर बनाया गया है। महाराष्ट्र के पुसद में बस कंडक्टर के बेटे ने पहले डॉक्टर की पढ़ाई पूरी की, फिर यूपीएससी पास कर आईएएस बने। अब उन्हें शाजापुर जिले की कमान सौंपी गई है
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शाजापुर कलेक्टर परिक्षित झाड़े
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश सरकार ने 2017 बैच के आईएएस अधिकारी डॉ. परिक्षित संजयराव झाड़े को शाजापुर का नया कलेक्टर बनाया है। इससे पहले वे इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) के पद पर कार्यरत थे। महाराष्ट्र के छोटे से शहर पुसद से निकलकर डॉक्टर बनने और फिर भारतीय प्रशासनिक सेवा में पहुंचने तक का उनका सफर प्रेरणादायक है। मां की इच्छा पूरी करने के लिए उन्होंने एमबीबीएस किया, लेकिन आगे करियर में क्या करना है, इसका फैसला खुद करने की बात कही थी। इसके बाद उन्होंने यूपीएससी की तैयारी की और अपने अंतिम प्रयास में परीक्षा पास कर आईएएस बने। अब उन्हें शाजापुर जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बता दें इससे पहले शाजापुर कलेक्टर रही ऋजु बाफना को उज्जैन संभाग में अपर आयुक्त राजस्व बनाया गया हैं।
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पिता बस कंडक्टर, मां ने संभाली परिवार की जिम्मेदारी
डॉ. परिक्षित झाड़े महाराष्ट्र के पुसद शहर के रहने वाले हैं। उनके पिता महाराष्ट्र राज्य परिवहन सेवा में बस कंडक्टर थे। उनकी मां गृहिणी होने के साथ सिलाई और ट्यूशन जैसे काम भी करती थीं। परिवार की जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने बच्चों की पढ़ाई और उनका भविष्य संवारने पर पूरा ध्यान दिया। उनके बड़े भाई उनसे दो साल बड़े हैं और इंजीनियर हैं। परिक्षित ने पढ़ाई के शुरुआती दौर में हर कक्षा में टॉप नहीं किया, लेकिन 10वीं में मेरिट में जगह बनाने के बाद उन्होंने मीडिया में कलेक्टर बनने की बात कही थी। उस समय उन्हें यह भी ठीक से पता नहीं था कि आईएएस अधिकारी या कलेक्टर क्या काम करता है, लेकिन उन्होंने अपना लक्ष्य तय कर लिया था।
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मां की इच्छा से बने डॉक्टर, फिर चुनी IAS की राह
परिवार में बड़े भाई इंजीनियर बन चुके थे। मां चाहती थीं कि परिवार में कोई डॉक्टर भी बने। परिक्षित की रुचि इंजीनियरिंग में थी, जबकि उनके बड़े भाई की पसंद मेडिकल क्षेत्र था। भाई के इंजीनियर बनने के बाद मां की इच्छा थी कि परिक्षित डॉक्टर बनें। उन्होंने मां से कहा था कि उनकी इच्छा पूरी करने के लिए वे एमबीबीएस जरूर करेंगे, लेकिन इसके बाद अपने करियर का फैसला खुद लेंगे। उन्होंने मेडिकल की पढ़ाई पूरी की और फिर अपने पुराने सपने को पूरा करने के लिए सिविल सेवा की तैयारी शुरू कर दी। आखिरकार, 2016 में यूपीएससी परीक्षा पास कर उन्होंने आईएएस बनने का सपना पूरा किया।
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एसडीएम से आईडीए सीईओ तक का सफर
डॉ. परिक्षित संजयराव झाड़े 2017 बैच के मध्यप्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। उनका जन्म 29 नवंबर 1989 को हुआ था। उन्होंने मध्यप्रदेश में खंडवा जिले के हरसूद में एसडीएम के रूप में प्रशासनिक सेवा की शुरुआत की। इसके बाद वे जिला पंचायत सतना के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रहे। फरवरी 2024 में उन्हें नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग में अपर आयुक्त की जिम्मेदारी सौंपी गई। सितंबर 2025 में उन्होंने इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) के सीईओ का पद संभाला। अब प्रशासनिक फेरबदल में उन्हें शाजापुर का कलेक्टर बनाया गया है।
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पिता बस कंडक्टर, मां ने संभाली परिवार की जिम्मेदारी
डॉ. परिक्षित झाड़े महाराष्ट्र के पुसद शहर के रहने वाले हैं। उनके पिता महाराष्ट्र राज्य परिवहन सेवा में बस कंडक्टर थे। उनकी मां गृहिणी होने के साथ सिलाई और ट्यूशन जैसे काम भी करती थीं। परिवार की जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने बच्चों की पढ़ाई और उनका भविष्य संवारने पर पूरा ध्यान दिया। उनके बड़े भाई उनसे दो साल बड़े हैं और इंजीनियर हैं। परिक्षित ने पढ़ाई के शुरुआती दौर में हर कक्षा में टॉप नहीं किया, लेकिन 10वीं में मेरिट में जगह बनाने के बाद उन्होंने मीडिया में कलेक्टर बनने की बात कही थी। उस समय उन्हें यह भी ठीक से पता नहीं था कि आईएएस अधिकारी या कलेक्टर क्या काम करता है, लेकिन उन्होंने अपना लक्ष्य तय कर लिया था।
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मां की इच्छा से बने डॉक्टर, फिर चुनी IAS की राह
परिवार में बड़े भाई इंजीनियर बन चुके थे। मां चाहती थीं कि परिवार में कोई डॉक्टर भी बने। परिक्षित की रुचि इंजीनियरिंग में थी, जबकि उनके बड़े भाई की पसंद मेडिकल क्षेत्र था। भाई के इंजीनियर बनने के बाद मां की इच्छा थी कि परिक्षित डॉक्टर बनें। उन्होंने मां से कहा था कि उनकी इच्छा पूरी करने के लिए वे एमबीबीएस जरूर करेंगे, लेकिन इसके बाद अपने करियर का फैसला खुद लेंगे। उन्होंने मेडिकल की पढ़ाई पूरी की और फिर अपने पुराने सपने को पूरा करने के लिए सिविल सेवा की तैयारी शुरू कर दी। आखिरकार, 2016 में यूपीएससी परीक्षा पास कर उन्होंने आईएएस बनने का सपना पूरा किया।
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एसडीएम से आईडीए सीईओ तक का सफर
डॉ. परिक्षित संजयराव झाड़े 2017 बैच के मध्यप्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। उनका जन्म 29 नवंबर 1989 को हुआ था। उन्होंने मध्यप्रदेश में खंडवा जिले के हरसूद में एसडीएम के रूप में प्रशासनिक सेवा की शुरुआत की। इसके बाद वे जिला पंचायत सतना के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रहे। फरवरी 2024 में उन्हें नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग में अपर आयुक्त की जिम्मेदारी सौंपी गई। सितंबर 2025 में उन्होंने इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) के सीईओ का पद संभाला। अब प्रशासनिक फेरबदल में उन्हें शाजापुर का कलेक्टर बनाया गया है।
