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सिंगरौली कोल ब्लॉक पर हंगामा: सरकार बोली-प्रभावितों को मिल रहा मुआवजा, विपक्ष का अदाणी को लाभ पहुंचाने का आरोप

Thu, 26 Feb 2026 08:08 PM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Anand Pawar Updated Thu, 26 Feb 2026 08:08 PM IST
सार

सिंगरौली के कोल ब्लॉक को लेकर विधानसभा में जोरदार बहस और हंगामा हुआ। सरकार ने कहा कि प्रभावित आदिवासियों को नियमानुसार मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि विपक्ष ने आरोप लगाया कि परियोजना से एक निजी कंपनी को फायदा पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने मंत्री प्रहलाद पटेल की अध्यक्षता में जीपीसी बनाने की मांग की। अंततः सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।

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Uproar over Singrauli coal block: Government says affected people are receiving compensation, opposition alleg
मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र शुरू - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सिंगरौली जिले के धिरौली कोयला ब्लॉक में कथित अनियमितताओं को लेकर विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान जोरदार हंगामा हुआ। विपक्ष ने आरोप लगाया कि कोयला परियोजना के नाम पर बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई हुई है और इससे जुड़े मामलों में निजी कंपनी को फायदा पहुंचाया गया है। इसको लेकर सदन में जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष ने खदान संचालन तत्काल रोकने और विधानसभा की संयुक्त समिति (जेपीसी) गठित कर जांच कराने की मांग की।  अध्यक्ष ने दो बार सदन को स्थगित किया। सदन के समवेत होने पर विपक्ष ने सरकार के जवाब से असंतुष्ट होकर वॉकआउट कर दिया।  प्रश्नकाल में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सिंगरौली जिले के धिरौली कोयला ब्लॉक के भूमि अधिग्रहण, मुआवजा वितरण और खनन गतिविधियों को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि आठ गांवों को प्रभावित बताते हुए अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, जबकि खदान का काम शुरू कर दिया गया है और आदिवासी परिवारों को घोषित मुआवजा नहीं मिल रहा।
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8 गांव में से 5 की भूमि का अधिग्रहण 
राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने जवाब में बताया कि परियोजना के लिए निजी भूमि 554.01 हेक्टेयर, शासकीय गैर वन भूमि 681.80 हेक्टेयर, संरक्षित वन भूमि 1335.35 हेक्टेयर तथा राजस्व वन भूमि 100.84 हेक्टेयर शामिल है। उन्होंने कहा कि धारा 11 के तहत 15 फरवरी 2022 को 208.12 हेक्टेयर भूमि के लिए अधिसूचना जारी की गई थी। कुल 8 गांवों में से 5 गांवों की भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है, शेष में आवश्यकता अनुसार कार्रवाई होगी।

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1552 प्रभावितों को दिया गया मुआवजा 
मंत्री ने कहा कि निजी भूमि अधिग्रहण से 1552 किसान प्रभावित हुए हैं और 368 करोड़ 11 लाख 12 हजार 118 रुपये का अवॉर्ड पारित किया गया है। इनमें से 144 करोड़ 68 लाख रुपये वितरित किए जा चुके हैं, जबकि शेष 223 करोड़ 82 लाख रुपये वितरण की प्रक्रिया में हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पात्रों को 12 प्रतिशत ब्याज भी दिया जाएगा। पुनर्वास पैकेज के तहत प्लॉट के बदले 2.50 लाख रुपये, मकान के बदले 6 लाख रुपये, नौकरी के बदले 6 लाख रुपये एकमुश्त, पुनर्वास सहायता 75 हजार रुपये तथा मकान निर्माण हेतु 3 लाख रुपये देने का प्रावधान है। 126 विस्थापित परिवारों को प्लॉट आवंटित किए गए हैं और 40 को रोजगार दिया जा चुका है।


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बाहरी लोगों को शामिल कर मुआवजा दिया गया
हालांकि, नेता प्रतिपक्ष ने सरकार के आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रति परिवार 50 लाख रुपये देने का दावा भ्रामक है और जमीनी स्तर पर 2 से 3 लाख रुपये से अधिक नहीं मिल रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ बाहरी लोगों को भी सूची में शामिल कर मुआवजा दिया गया है, जबकि कई स्थानीय आदिवासी परिवारों को राशि नहीं मिली। सिंघार ने आरोप लगाया कि सरई थाने में पिछले दो वर्षों से पदस्थ टीआई जितेंद्र भदौरिया की पत्नी प्रियंका सिंह के खाते में 15,94,989 रुपये जमा हैं और सूची में उनका नाम 66वें क्रमांक पर है। इसी प्रकार यातायात प्रभारी दीपेंद्र सिंह कुशवाह की पत्नी स्वाति सिंह का नाम 67 वें क्रमांक पर बताया गया है, जिनके खाते में 14,83,442 रुपये होने का दावा किया गया है।

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जीपीसी गठित कर जांच करें : सिंघार
सिंघार ने पूछा कि वहां खनन कैसे शुरू हो गया। मंत्री बोले कि वहां अभी खनन शुरू नहीं हुआ। कोई खदान चालू नहीं है। इस पर कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत बोले कि जीपीसी बना दीजिए, वहां जाकर देख आएंगे। सब दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। सिंघार ने खदान संचालन तत्काल रोकने और विधानसभा की मंत्री प्रहलाद पटेल के नेतृत्व में संयुक्त समिति (जेपीसी) गठित कर जांच कराने की मांग की। वहीं, मंत्री ने बाहरी लोगों को मुआवजा देने के आरोप पर कहा कि इसकी जांच कराएंगे। 

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सरकार जांच से पीछे नहीं हटेगी : पटेल 
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि सरकार जांच से पीछे नहीं हटेगी। सूची पटल पर रखी जाएगी और यदि किसी अपात्र को लाभ मिला है या पात्र वंचित हैं तो जांच कर कार्रवाई होगी। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और सिंगरौली की प्रभारी मंत्री संपतिया उइके ने भी कहा कि 33 हजार पेड़ों की कटाई हुई है, वहां से मिट्टी हटाई जा रही है, लेकिन कोयला निकासी शुरू नहीं हुई है और पूर्ण मुआवजा सुनिश्चित होने के बाद ही खनन होगा। इस पर सिंघार ने कहा कि पेड़ काट दिए,मिट्टी निकाली जा रही है, सरकार बताए यह खनन में नहीं आता क्या? 

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विपक्ष ने नारेबाजी के साथ वॉकआउट किया 
विपक्ष के असंतोष और नारेबाजी के बीच सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी। अंततः सरकार के जवाब से असंतुष्ट होकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन कर दिया। मुद्दे पर जांच की घोषणा के बावजूद राजनीतिक तकरार तेज बनी हुई है।
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