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Tiger Deaths in MP: चीते बढ़ रहे...बाघ खोते जा रहा मध्यप्रदेश, इस साल अब तक नौ टाइगर की मौत

Sat, 18 Feb 2023 11:26 AM IST
Arvind Kumar अरविंद कुमार
Updated Sat, 18 Feb 2023 11:26 AM IST
सार

देश के जिस राज्य को टाइगर स्टेट का तमगा हासिल है। वहीं, बाघों की सबसे ज्यादा मौत के मामले सामने आ रहे हैं। सरकार एक तरफ तो चीतों को बढ़ाने की लगातार कोशिश कर रही है, दूसरी तरफ बाघों की मौत चिंता का सबब बनती जा रही है।

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Tiger Deaths in MP Nine tiger deaths in Madhya Pradesh so far in the year 2023
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मध्यप्रदेश टूरिज्म का आपने वीडियो जरूर देखा होगा, जिसमें गाना बजता है 'एमपी अजब है, सबसे गजब है' इस वीडियो में खासतौर पर वाइल्ड लाइफ और टाइगर को अलग से ही हाइलाइट किया जाता है। लेकिन टाइगर स्टेट मध्यप्रदेश का हाल सबसे बुरा है।

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बताते चलें, इस साल मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा नौ बाघों की मौत हुई है। दूसरे नंबर पर राजस्थान है, जहां तीन बाघों की मौत हुई। कर्नाटक और उत्तराखंड में दो मौत दर्ज हुईं तो असम और केरल में एक-एक बाघ की मौत हुई है।
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साल 2022 में एमपी में 34 टाइगरों की मौत...
देश में बाघों के संरक्षण के लिए सरकार की ओर से कई कदम उठाए जा रहे हैं। लेकिन टाइगर स्टेट कहे जाने वाले मध्यप्रदेश में ही बाघों की मौत ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में साल 2022 में कुल 34 बाघों की मौत हुई थी। वहीं, देश में बाघों की आबादी के मामले में दूसरे स्थान पर मौजूद कर्नाटक में 15 बाघों की जान गई थी।

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Tiger Deaths in MP Nine tiger deaths in Madhya Pradesh so far in the year 2023
टाइगर - फोटो : सोशल मीडिया

साल 2018 की गणना के अनुसार, मध्यप्रदेश में 526 बाघ थे। राष्ट्रीय बाघ गणना हर चाल साल में एक बार की जाती है। साल 2021 में मध्यप्रदेश में 42 बाघों की मौत हुई थी। हालांकि, साल 2021 की तुलना में बाघों की मौत का आंकड़े मध्यप्रदेश में घटे हैं, लेकिन साल 2022 में 34 बाघों की मौत फिर भी चिंताजनक है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मध्यप्रदेश में सालाना लगभग 250 शावक पैदा होते हैं। प्रदेश में छह बाघ अभ्यारण्य हैं, इनमें कान्हा, बांधवगढ़, पेंच, सतपुड़ा, पन्ना और संजय डुबरी है।

Tiger Deaths in MP Nine tiger deaths in Madhya Pradesh so far in the year 2023
चीता - फोटो : सोशल मीडिया

10 साल में 270 टाइगरों की मौत...
मध्यप्रदेश में टाइगरों की सुरक्षा की बात कही जाती है, लेकिन प्रदेश में बाघों की कितनी सुरक्षा होती है, NTCA के आंकड़े इसकी पोल खोलते हुए नजर आ रहे हैं। मध्यप्रदेश में पिछले 10 साल में जुलाई 2022 से अब तक 270 टाइगरों की मौत हो चुकी है। इनमें भी सबसे ज्यादा 66 टाइगरों की मौत बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में दर्ज की गई है। ऐसे में बाघों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पिछले साल ही दोबारा से मध्यप्रदेश को टाइगर स्टेट का दर्जा मिला था, लेकिन टाइगरों की मौत के मामले में भी मध्यप्रदेश सबसे आगे है।

बाघों पर भी ध्यान देना होगा...
बता दें कि अब मध्यप्रदेश को चीता राज्य के रूप में भी देखा जाने लगा है। 52 साल पहले बिलुप्त हुए चीते फिर बसाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर आठ चीते मध्यप्रदेश के कूनों में छोड़े गए थे। 18 फरवरी को 12 नए चीते दक्षिण अफ्रीका से लाए गए।

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