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भोपाल: कोरोना जांच में गड़बड़ी, 30-40 के बीच सीटी वैल्यू वाले बताए जा रहे निगेटिव, केस भी छिपाए

Sat, 03 Apr 2021 03:24 PM IST
प्रियंका तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: प्रियंका तिवारी Updated Sat, 03 Apr 2021 03:24 PM IST
सार

  • भोपाल में छुपाया जा रहा संक्रमितों का आंकड़ा
  • आईसीएमआर की गाइडलाइन  का पालन नहीं हो रहा 

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Those with a CT value between 30 and 40 in Bhopal are being called Corona negative cases are been hidden
कोरोना जांच के लिए सैंपल लेती स्वास्थ्य कर्मी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भोपाल में कोरोना जांच रिपोर्ट को लेकर बड़ी गड़बड़ी किए जाने का मामला सामने आया है। दरअसल, यहां कोरोना जांच को लेकर इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की गाइडलाइन का पालन नहीं किया जा रहा। आईसीएमआर की गाइडलाइन के अनुसार सायकल थ्रेशहोल्ड (सीटी) वैल्यू 40 या उसके नीचे है तो मरीज को कोरोना पॉजिटिव माना जाए, लेकिन सरकारी लैब में तैयार हो रही जांच रिपोर्ट में 30 से ज्यादा और 40 से कम सीटी वैल्यू वाले मरीजों को कोविड निगेटिव बताया जा रहा है। सीटी वैल्यू शरीर में वायरस लोड बताने का पैमाना होता है।

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जांच के बाद यह बात सामने आई है कि यह गड़बड़ी जान-बूझकर इसलिए की गई ताकि कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या कम दिखाई जा सके। इस खुलासे के बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के अफसरों ने लैब संचालकों को आदेश दिया है कि 30 से ऊपर सीटी वैल्यू वालों की रिपोर्ट पॉजिटिव न दी जाए। जानकारी के अनुसार भोपाल में आए दिन लगभग पांच सौ कोरोना के मरीज सामने आ रहे हैं। ऐसे में अगर 40 सीटी वैल्यू को लेकर हिसाब लगाया जाए तो संक्रमित मरीजों की अधिक संख्या सामने आएगी। 
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हालांकि, इस मामले में जिला कलेक्टर अविनाश लवानिया का कहना है कि ऐसी कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। यदि ऐसा होता तो शहर में कोरोना के इतने अधिक मामले सामने न आते। ऐसा कोई आदेश नहीं दिया गया है। इधर, सीएमएचओ प्रभाकर तिवारी ने बयान दिया कि अलग-अलग टेस्ट किट पर सीटी वैल्यू अलग आती है। सीटी वैल्यू का वायरस लोड से कोई संबंध नहीं है।
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गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमण काफी तेजी से बढ़ रहा है। कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए लागू किए गए संडे लॉकडाउन और नाइट कर्फ्यू का भी असर कम ही देखने को मिल रहा है। हालांकि, 13 शहरों में संडे लॉकडाउन पहले ही लागू है। इनमें भोपाल, इंदौर, जबलपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा, रतलाम, खरगोन, उज्जैन, ग्वालियर, नरसिंहपुर, रीवा व छिंदवाड़ा जिले के सौंसर शामिल हैं। इस बार नीचम में भी संडे लॉकडाउन रहेगा।

राज्य में जितने कोरोना के मामले इस साल जनवरी और फरवरी में मिलाकर नहीं आए, उससे ज्यादा मार्च में बढ़ गए। जनवरी-फरवरी में जहां केस 20 हजार से कम थे, वहीं मार्च में करीब 34 हजार केस हो गए। अप्रैल के तो शुरुआती दो दिनों में ही कोरोना के मामले पांच हजार के ऊपर चले गए।


राज्य के इंदौर में सबसे अधिक कोरोना के मामले सामने आए हैं। यहां पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा 708 कोरोना के मामले सामने आए हैं। वहीं, भोपाल में पिछले 24 घंटे में 502 केस दर्ज किए जा चुके हैं। इसके अलावा शुक्रवार को जबलपुर में भी 200 से ज्यादा मरीज मिले, जो 18 सितंबर 2020 के बाद सबसे ज्यादा हैं। ग्वालियर की भी स्थिति खराब है यहां 120 पॉजिटिव केस सामने आए हैं।

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