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Mp news: आरजीपीवी से मान्यता प्राप्त कॉलेजों में फैकल्टी की कमी, शिकायत लेकर रजिस्ट्रार के पास पहुंचे छात्र
Wed, 07 Aug 2024 05:47 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Wed, 07 Aug 2024 05:47 PM IST
सार
भोपाल समेत प्रदेश भर के आरजीपीवी से मान्यता प्राप्त निजी कॉलेजों की शिकायत आरजीपीवी के रजिस्टार से की गई है। शिकायत करने पहुंचे छात्र नेताओं का कहना है कि निजी कालेजों फैकल्टी तक की व्यवस्था नहीं है।
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आरजीपीवी शिकायत लेकर पहुंचे छात्र नेता
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी भोपाल समेत प्रदेश भर के राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) से मान्यता प्राप्त निजी इंजीनियरिंग कॉलेज कम फैकल्टी में कॉलेज का संचालन कर रहे हैं। जिससे विद्यार्थियों के भविष्य पर असर पड़ेगा। इसकी शिकायत बुधवार को छात्र संगठनों ने आरजीपीवी के रजिस्टार से की है। एनएसयूआई छात्र नेता अंकित भारद्वाज एवं मौसम डेहरिया द्वारा राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से संबंधित मान्यता प्राप्त कॉलेज में हो रही अनियमितता के खिलाफ आरजीपीवी वाइस चांसलर को ज्ञापन दिया, इसमें बताया गया है कि विश्वविद्यालय से मान्यता प्राप्त प्राइवेट इंजीनियरिंग काॅलेज विश्वविद्यालय के नियमों को ताक में रख कर कॉलेज चला रहे हैं।
छात्र संगठनों में कॉलेजो में बताई यह कमियां
1. आरजीपीवी से मान्यता प्राप्त सभी प्राइवेट इंजीनियरिंग काॅलेज बिना फैक्लटी के ही काॅलेज का संचालन किया जा रहा है, ऐसे महाविद्यालयों पर कार्रवाई की जाएं।
2. लगभग सभी निजी महाविद्यालयों में छात्रों से 75 प्रतिशत अटेंडेंस करने के नाम पर छात्रों से करोड़ों रुपये फाइन वसूल रहे हैं। इस पर कमेटी बनाकर जांच की जाएं।
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3. आनलाइन परीक्षा फार्म भरते समय कभी-कभी फीस कट जाती है और फार्म नही भरता है, जिससे छात्रों को दोबारा फार्म भरना पड़ता है और छात्रों द्वारा आरजीपीवी को मेल कर के फीस वापस करने के लिए आग्रह किया जाता है, किन्तु महीनों तक छात्रों की फीस वापस नहीं आती है। छात्रों की फीस एक सप्ताह में वापस की जाए।
4. टीएफडब्ल्यू के द्वारा काॅलेजों में एडमिशन लेने वाले छात्रों से पूरी फीस वसूल की जा रही है। ऐसे काॅलेजों को चिन्हित कर कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाए। यदि हमारी मांगों को शीघ्र निराकरण नहीं किया जाता हैं तो उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी सिर्फ और सिर्फ आपकी होगी।
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छात्र संगठनों में कॉलेजो में बताई यह कमियां
1. आरजीपीवी से मान्यता प्राप्त सभी प्राइवेट इंजीनियरिंग काॅलेज बिना फैक्लटी के ही काॅलेज का संचालन किया जा रहा है, ऐसे महाविद्यालयों पर कार्रवाई की जाएं।
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2. लगभग सभी निजी महाविद्यालयों में छात्रों से 75 प्रतिशत अटेंडेंस करने के नाम पर छात्रों से करोड़ों रुपये फाइन वसूल रहे हैं। इस पर कमेटी बनाकर जांच की जाएं।
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3. आनलाइन परीक्षा फार्म भरते समय कभी-कभी फीस कट जाती है और फार्म नही भरता है, जिससे छात्रों को दोबारा फार्म भरना पड़ता है और छात्रों द्वारा आरजीपीवी को मेल कर के फीस वापस करने के लिए आग्रह किया जाता है, किन्तु महीनों तक छात्रों की फीस वापस नहीं आती है। छात्रों की फीस एक सप्ताह में वापस की जाए।
4. टीएफडब्ल्यू के द्वारा काॅलेजों में एडमिशन लेने वाले छात्रों से पूरी फीस वसूल की जा रही है। ऐसे काॅलेजों को चिन्हित कर कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाए। यदि हमारी मांगों को शीघ्र निराकरण नहीं किया जाता हैं तो उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी सिर्फ और सिर्फ आपकी होगी।
