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Mp news: छुट्टी पर गए सागर एसपी पर सरकार ने कर दी कार्रवाई ,उमंघ सिंघार बोले- सस्ती लोकप्रियता पाने वाला फैसला
Mon, 05 Aug 2024 06:38 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Mon, 05 Aug 2024 06:38 PM IST
सार
सागर में दिवार गिरने से 9 बच्चों की मौत पर सरकार ने 15 दिन की छुट्टी पर गए एसपी को हटा दिया गया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार के इस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने इसे सस्ती लोकप्रियता वाला फैंसला बताया है।
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नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार
- फोटो : social media
विस्तार
सागर के शाहपुर में मकान की दीवार गिरने से 9 बच्चों की मौत के बाद सरकार जिले के अधिकारियों पर कार्रवाई करते हुए एसपी अभिषेक तिवारी, कलेक्टर दीपक आर्य और एसडीएम संदीप सिंह को हटा दिया। दूसरे अधिकारियों को हटाना तो ठीक है लेकिन एसपी अभिषेक तिवारी पिछले 15 दिन से विदेश में छुट्टी मना रहे हैं। और उन पर भी कार्रवाई की गई जिस पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सरकार के फैसले पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने अपने सोशल साइट एक्स पर लिखा कि भाजपा सरकार के फैसलों का तो भगवान ही मालिक है। उन्होंने इसे सस्ती लोकप्रियता वाला फैंसला बताया है।
जो अधिकारी देश में ही नहीं है उसे पर कैसे करवाई हो सकती है
सिंघार ने कहा कि सागर में रविवार को दीवार गिरने से 9 बच्चों की दर्दनाक मौत के बाद CM मोहन यादव ने जिले के कई बड़े अधिकारियों को हटा दिया! लेकिन, जिस SP अभिषेक तिवारी को PHQ अटैच किया वे तो 15 दिन से छुट्टी पर अमेरिका में है। वे खुद सागर में रहना नहीं चाहते और 5 महीने से केंद्र में डेपुटेशन पर जाना चाहते हैं। NTRO में उन्हें प्रतिनियुक्ति भी मिल गई, पर सरकार जाने नहीं दे रही। जो अधिकारी सागर तो छोड़ देश में ही नहीं है, सरकार उस पर कैसे जिम्मेदारी ढोल सकती है?
सस्ती लोकप्रियता पाने वाला सरकार का फैसला
उन्होंने कहा कि ये सस्ती लोकप्रियता पाने वाला सरकार का फैसला है। सरकार को उन अधिकारियों के गिरेबान पकड़ना था, जो इस घटना के लिए सीधे जिम्मेदार हैं।उनको सजा तो नहीं देना थी, जो छुट्टी पर विदेश में हैं! वे पिछले 5 महीने से तबादला चाह रहे थे। केंद्र में प्रतिनियुक्ति का आदेश जारी होने के बावजूद डॉ. मोहन यादव सरकार उन्हें रिलीव नहीं कर रही थी।
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यह है पूरा मामला
गौरतलब है कि साल 2013 बैच के IPS अभिषेक तिवारी को मार्च 2024 में नेशनल टेक्निकल रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (एनटीआरओ) में प्रतिनियुक्ति मिल गई थी, लेकिन लोकसभा चुनाव के मद्देनजर उन्हें गृह विभाग ने रिलीव नहीं किया। चुनाव के बाद उन्होंने फिर प्रयास किए, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। अब सागर में हुए हादसे के बाद उन्हें रविवार देर रात पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय भेजा गया है, जबकि सरकार ने 27 जुलाई से 8 अगस्त तक उनकी छुट्टी अप्रूव कर दी थी। वे सरकार से अनुमति लेकर परिवार के साथ निजी यात्रा पर अमेरिका में हैं। सागर एसपी का प्रभार एडिशनल एसपी डॉ. संजीव उइके के पास है। सख्ती के नाम पर लिए गए निर्णय के बाद तिवारी के प्रतिनियुक्ति पर जाने का रास्ता लगभग साफ हो गया है।
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जो अधिकारी देश में ही नहीं है उसे पर कैसे करवाई हो सकती है
सिंघार ने कहा कि सागर में रविवार को दीवार गिरने से 9 बच्चों की दर्दनाक मौत के बाद CM मोहन यादव ने जिले के कई बड़े अधिकारियों को हटा दिया! लेकिन, जिस SP अभिषेक तिवारी को PHQ अटैच किया वे तो 15 दिन से छुट्टी पर अमेरिका में है। वे खुद सागर में रहना नहीं चाहते और 5 महीने से केंद्र में डेपुटेशन पर जाना चाहते हैं। NTRO में उन्हें प्रतिनियुक्ति भी मिल गई, पर सरकार जाने नहीं दे रही। जो अधिकारी सागर तो छोड़ देश में ही नहीं है, सरकार उस पर कैसे जिम्मेदारी ढोल सकती है?
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सस्ती लोकप्रियता पाने वाला सरकार का फैसला
उन्होंने कहा कि ये सस्ती लोकप्रियता पाने वाला सरकार का फैसला है। सरकार को उन अधिकारियों के गिरेबान पकड़ना था, जो इस घटना के लिए सीधे जिम्मेदार हैं।उनको सजा तो नहीं देना थी, जो छुट्टी पर विदेश में हैं! वे पिछले 5 महीने से तबादला चाह रहे थे। केंद्र में प्रतिनियुक्ति का आदेश जारी होने के बावजूद डॉ. मोहन यादव सरकार उन्हें रिलीव नहीं कर रही थी।
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यह है पूरा मामला
गौरतलब है कि साल 2013 बैच के IPS अभिषेक तिवारी को मार्च 2024 में नेशनल टेक्निकल रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (एनटीआरओ) में प्रतिनियुक्ति मिल गई थी, लेकिन लोकसभा चुनाव के मद्देनजर उन्हें गृह विभाग ने रिलीव नहीं किया। चुनाव के बाद उन्होंने फिर प्रयास किए, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। अब सागर में हुए हादसे के बाद उन्हें रविवार देर रात पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय भेजा गया है, जबकि सरकार ने 27 जुलाई से 8 अगस्त तक उनकी छुट्टी अप्रूव कर दी थी। वे सरकार से अनुमति लेकर परिवार के साथ निजी यात्रा पर अमेरिका में हैं। सागर एसपी का प्रभार एडिशनल एसपी डॉ. संजीव उइके के पास है। सख्ती के नाम पर लिए गए निर्णय के बाद तिवारी के प्रतिनियुक्ति पर जाने का रास्ता लगभग साफ हो गया है।
