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भोपाल स्लॉटर हाउस मामला: असलम चमड़ा और ट्रक ड्राइवर के खिलाफ अदालत में चालान पेश, 18 मार्च को अगली सुनवाई

Sat, 07 Mar 2026 10:55 AM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Sat, 07 Mar 2026 10:55 AM IST
सार

जिंसी स्लॉटर हाउस के कथित गोमांस मामले में एसआईटी ने संचालक असलम चमड़ा और ड्राइवर शोएब के खिलाफ भोपाल कोर्ट में चालान पेश किया है। मथुरा लैब की रिपोर्ट में मांस को गौवंश का बताया गया है, जबकि डीएनए जांच की रिपोर्ट अभी लंबित है। मामले की अगली सुनवाई 18 मार्च को होगी और जांच एजेंसी अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका भी खंगाल रही है।

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Bhopal slaughter house case: Challan presented in court against Aslam Chamdaar and truck driver, next hearing
जिंसी स्थित स्लॉटर हाउस - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी के जिंसी स्थित स्लॉटर हाउस में कथित गोमांस मामले में विशेष जांच दल (SIT) ने संचालक असलम चमड़ा और ट्रक ड्राइवर शोएब के खिलाफ भोपाल की अदालत में चालान पेश कर दिया है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 18 मार्च तय की है। जांच एजेंसी का कहना है कि प्रकरण की पड़ताल अभी जारी है और आगे अन्य आरोपियों की भूमिका सामने आने पर सप्लीमेंट्री चालान भी पेश किया जाएगा। एसआईटी द्वारा पेश किए गए चालान में मथुरा स्थित लैब में भेजे गए मांस के नमूनों की रिपोर्ट का हवाला दिया गया है। रिपोर्ट में मांस को गौवंश का बताया गया है। हालांकि डीएनए जांच के लिए हैदराबाद भेजे गए सैंपलों की रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है, इसलिए उसे चालान में शामिल नहीं किया गया। जांच अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही डीएनए रिपोर्ट मिलेगी, उसे केस डायरी में जोड़ते हुए पूरक चालान अदालत में प्रस्तुत किया जाएगा।
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डीएनए रिपोर्ट का इंतजार
एसआईटी का कहना है कि मांस के कुछ नमूने डीएनए जांच के लिए हैदराबाद भेजे गए हैं, ताकि अंतिम रूप से यह स्पष्ट हो सके कि मांस किस पशु का है। रिपोर्ट आने के बाद जांच को और मजबूत आधार मिलेगा और यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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18 मार्च को होगी अगली सुनवाई
चालान दाखिल होने के बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 18 मार्च तय की है। इस दौरान कोर्ट में जांच से जुड़े दस्तावेजों और सबूतों पर आगे की प्रक्रिया चलेगी।चालान में दर्ज असलम चमड़ा के बयान के मुताबिक 7 जनवरी 2026 को उसे जानकारी मिली कि पुलिस उसकी तलाश कर रही है। इसके बाद वह स्वयं थाने पहुंच गया। पुलिस ने उसे बताया कि मथुरा लैब से आई रिपोर्ट में मांस को गौवंश का बताया गया है, जिसके आधार पर उसके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
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17 दिसंबर को कंटेनर से लिए गए थे नमूने
मामले की शुरुआत 17 दिसंबर को हुई थी, जब पुलिस ने एक कंटेनर को पकड़कर उसमें रखे मांस के सैंपल लिए थे। यह सैंपल पशु चिकित्सक डॉ. एस.के. श्रीवास्तव द्वारा लिए गए थे। शुरुआती जांच में इसे भैंस का मांस बताया गया था, लेकिन बाद में मथुरा स्थित लैब से आई रिपोर्ट में इसे गौवंश का मांस बताया गया।

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कंटेनर पकड़े जाने के बाद भी जारी रही सप्लाई
जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया है कि कंटेनर पकड़े जाने के बावजूद ड्राइवर शोएब ने 20 दिसंबर को उसी मांस को लेकर मुंबई तक परिवहन किया। इसके बाद भी दो बार मांस मुंबई पहुंचाने की जानकारी जांच एजेंसी को मिली है। इस पहलू को लेकर एसआईटी मामले की गहन जांच कर रही है कि सप्लाई चेन में और कौन-कौन लोग शामिल थे।


 
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