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Saurabh Sharma: मां-पत्नी और कंपनी डायरेक्टर समेत कई लोग आरोपी, इनोवा में मिला 52 KG सोना और 11 करोड़ सौरभ के

Tue, 08 Apr 2025 10:12 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: अरविंद कुमार Updated Tue, 08 Apr 2025 10:12 PM IST
सार

Saurabh Sharma Case News: ईडी ने सौरभ शर्मा, चेतन और शरद के खिलाफ चालान पेश किया। साथ ही कहा कि इनोवा में मिला 52 किग्रा सोना और 11 करोड़ रुपये कैश भी पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के हैं।

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Saurabh Sharma Case Bhopal Many people including mother-wife and company director are accused
कोर्ट रूम के बाहर सौरभ की मां और अन्य आरोपियों के परिजन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्यप्रदेश में परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा, उसके राजदार चेतन सिंह गौर और शरद जायसवाल सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को भोपाल में विशेष अदालत में चालान प्रस्तुत कर दिया। ईडी ने अपने चालान में सौरभ की मां उमा शर्मा, पत्नी दिव्या शर्मा और उसके संस्थान और कंपनियों के डायरेक्टरों सहित 12 लोगों को आरोपी बनाया है।

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बता दें कि इतना ही नहीं ईडी ने चालान में लिखा है कि 19-20 दिसंबर की दरमियानी देर रात मेंडोरा के जंगलों में स्थित एक फार्म हाउस में लावारिस हालत में खड़ी इनोवा से बरामद 52 किलोग्राम से अधिक सोना और करीब 11 करोड़ नकद भी सौरभ शर्मा के हैं। ईडी धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के प्रावधानों के तहत प्रकरण दर्ज कर संपत्तियों को कुर्क किया है। ईडी ने अदालत में प्रस्तुत चालान में बताया है कि सौरभ और उसके राजदार किस तरह से ब्लैक मनी को व्हाइट में बदलने के लिए कंपनियों का इस्तेमाल करते थे।
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चालान में बताया गया है कि परिवहन विभाग और अन्य स्रोतों से होने वाली अवैध कमाई को सौरभ शर्मा शातिराना अंदाज में कार्य करते हुए कंपनियों के जरिए उसे व्हाइट मनी में बदलता था। मंगलवार को सौरभ शर्मा से मिलने उनकी मां और अन्य आरोपियों के परिजन भी मौजूद थे। लेकिन आरोपी बनाए जाने के बाद भी ईडी ने सौरभ की मां को अरेस्ट नहीं किया। हालांकि, बाकी आरोपियों को अगली पेशी पर हाजिर होने के लिए समन जारी किए जाने की संभावना है।

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बुधवार को जमानत की अर्जी लगाएंगे अधिवक्ता
ईडी ने 27 दिसंबर को भोपाल स्थित सौरभ शर्मा के निवास, कार्यालय सहित चेतन सिंह गौर और शरद जायसवाल के ठिकानों सहित सौरभ के साले और ग्वालियर स्थित आवास पर सर्चिंग की थी। ईडी ने सौरभ और उसके करीबियों के ठिकानों से जब्त किए गए दस्तावेजों की जांच के 8.29 करोड़ रुपये के बैंक बैलेंस वाले बैंक खातों को फ्रीज कर दिया था और 2.50 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की गई थी। साथ ही 14.20 लाख रुपये और 9.17 लाख रुपये की चांदी जब्त की गई है। इसके बाद ईडी ने जांच के बाद सौरभ और उसके करीबियों की 92 करोड़ से अधिक की संपत्ति की कुर्की और जब्ती फिर की थी। अब तक ईडी सौ करोड़ से अधिक की संपत्ति को जब्त कर चुकी है।

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ईडी के विशेष न्यायालय मे सौरभ शर्मा के अधिवक्ता बुधवार नौ अप्रैल को जमानत की अर्जी लगाने जा रहे हैं। लोकायुक्त पुलिस द्वारा समय पर चालान प्रस्तुत नहीं किए जाने के कारण सौरभ, चेतन और शरद को बीते दिनों लोकायुक्त में दर्ज भ्रष्टाचार के प्रकरण में जमानत मिल चुकी है। हालांकि, ईडी के मामले में जतानत नहीं मिलने के कारण तीनों अभी भी जेल में हैं। बताया जा रहा है कि बुधवार को तीनों की ओर से जमानत की याचिका विशेष न्यायाधीश की अदालत में प्रस्तुत की जाएगी। 

बिना क्लेम वाली संपत्ति जब्त करने की मांग
ईडी के अधिवक्ता हरीश मेहता ने मीडिया को बताया कि ईडी ने अपने चालान में सौरभ शर्मा की कई ऐसी संपत्तियों का उल्लेख किया है, जो न तो सौरभ ने अपनी होना स्वीकार किया है और न ही उसके किसी करीबी ने, जैसे इनोवा में मिला सोना और नकदी है। इस तरह की सभी संपत्तियों को ईडी ने अदालत से राजसात करने की अनुमति देने की गुजारिश की है। ईडी ने चालान में बताया कि सौरभ ने करोड़ों की संपत्ति अपने रिश्तेदारों के नाम से बनाई है। अपने कार्यालय के सहयोगियों, करीबियों के नाम पर संपत्तियां खरीदी हैं और निवेश किया है। 

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क्या है पूरा मामला
परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा और उसके राजदार चेतन सिंह गौर, शरद जायसवाल के ठिकानों पर लोकायुक्त पुलिस ने 18 दिसंबर को छापेमारी की थी। इसके बाद 19-20 दिसंबर की दरमियानी देर रात रातीबड़ थाना क्षेत्र के मेंडोरा में लावारिस हालत में खड़ी इनोवा से आयकर विभाग  की टीम ने 52 किलोग्राम सोना और करीब 11 लाख नकद जब्त किए थे। जिस इनोवा से सोना और नकदी मिली थी वह चेतन सिंह गौर की है।

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चेतन ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि उस इनोवा का उपयोग सौरभ के कार्यालय में होता था और सौरभ ही उसकी ईएमआई जमा करता है। इसके बाद 27 दिसंबर को ईडी ने इन्हीं आरोपियों के ठिकानों पर छापा मारा था। आयकर विभाग भी जब्त किए गए सोने और नदकी को लेकर जांच पूरी कर उसे बेनामी संपत्ति घोषित करने की कार्रवाई कर रहा है। तीनों जांच एजेंसियों की पूछताछ में सौरभ और उसके राजदारों ने इनोवा में मिले सोना और नकदी को अपना होने से इंकार कर चुके हैं, जबकि कंपनियां दावा कर रही हैं कि उक्त सोना और नकदी सौरभ का है। उसमें करीबियों की भी हिस्सेदारी संभव है।

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