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Sarika Gharoo: नए साल में सूर्यग्रहण और चंद्रग्रहण नहीं दिखेगा, 2024 में भारत के लिए ग्रहण को लगा 'ग्रहण'

Wed, 03 Jan 2024 06:28 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: अरविंद कुमार Updated Wed, 03 Jan 2024 06:28 PM IST
सार

नए साल में भारत में न तो सूर्यग्रहण और न ही चंद्रग्रहण दिखेगा। साल 2024 में भारत के लिए ग्रहण को भी ग्रहण लग गया है। विश्व में चार ग्रहण तो आधे भारत में एक भी ग्रहण नहीं लगेगा। ऐसा कहना है नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू का।

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Sarika Gharoo Solar eclipse and lunar eclipse will not be seen in the new year 2024
सारिका घारू - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नए साल 2024 में पूर्वी एवं मध्य भारत के लिए ग्रहण की खगोलीय घटना पर ग्रहण लगेगा। इसका मतलब हुआ कि इस कैलेंडर वर्ष में भारत के इस भूभाग पर न तो सूर्यग्रहण और न ही चंद्रग्रहण दिखेगा। नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि वैसे तो विश्व में दो सूर्यग्रहण और दो चंद्रग्रहण की खगोलीय घटना होगी। लेकिन इनमें से तीन ग्रहण संपूर्ण भारत में नहीं दिखेंगे। केवल 18 सितंबर को सुबह पश्चिमी भारत के कुछ नगरों में कुछ मिनट के लिए उपछाया चंद्रग्रहण होगा। उपछाया ग्रहण को देख कर महसूस नहीं किया जा सकता है तथा इसकी धार्मिक मान्यता भी नहीं बताई गई है। इस तरह से 2024 भारत के लिए ग्रहण विहीन होगा साल।

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सारिका घारू ने बताया कि सूर्य की परिक्रमा करती पृथ्वी और पृथ्वी की परिक्रमा करते चंद्रमा के एक कतार में आ जाने से दिखने वाली खगोलीय घटना का कोण इस प्रकार होगा कि भारतीय भूभाग पर से इसे देखा नहीं जा सकेगा। सूर्यग्रहण की घटना तब हो रही होगी, जबकि भारत में रात होगी तो वहीं चंद्रग्रहण की घटना के समय भारत में दिन निकल चुका होगा। सारिका ने बताया कि एक साल में चार से लेकर सात तक ग्रहण हो सकते हैं, जिनमें एक साल में दो से लेकर पांच तक सूर्यग्रहण हो सकते हैं। चंद्रग्रहण भी एक साल मे दो से लेकर पांच तक हो सकते हैं। आमतौर पर एक साल में दो सूर्यग्रहण और दो चंद्रग्रहण होते हैं, लेकिन पृथ्वी के किसी एक भूभाग या देश से कितने ग्रहण दिखेंगे, यह हर बार बदलता रहता है।
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अगर आप चंद्रग्रहण भारत में देखना चाहते हैं तो इसके लिए अगले साल सात सितंबर 2025 का इंतजार करना होगा। आंशिक सूर्यग्रहण को दो अगस्त 2027 को देख पाएंगे। भारत के लिए ग्रहण विहीन साल 2024 पर सूरज की रोशनी और चंद्रमा की पूरी चमक पा सकते हैं।
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इस साल विश्व में घटित होने वाले ग्रहण (ये भारत में नहीं दिखेंगे)

  • चंद्रग्रहण- 25 मार्च

  • सूर्यग्रहण- आठ अप्रैल

  • चंद्रग्रहण- 17-18 सितंबर

  • सूर्यग्रहण- दो अक्तूबर

सारिका  ने बताया सूरज और पृथ्वी की बदलती दूरी का विज्ञान
बुधवार, तीन जनवरी की सुबह जब कोहरे और ठिठुरन भरी थी, तब आप सोच रहे होंगे कि सूर्य काश पास होता और कुछ गरमाहट देता। लेकिन वास्तविकता यह है कि सूर्य सचमुच में पृथ्वी के सबसे पास था। सारिका घारू ने सूरज और पृथ्वी की बदलती दूरी का विज्ञान बताते हुए जानकारी दी कि पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा अंडाकार पथ में करती है। इस कारण यह साल में एक दिन सूर्य के सबसे पास आती है और एक दिन सबसे दूर।



सारिका ने बताया कि तीन जनवरी को सुबह छह बजकर आठ मिनट पर पृथ्वी सूर्य के सबसे पास के बिंदु पर थी। यह दूरी घटकर 14 करोड़ 71 लाख 632 किमी रह गई थी। इसे पेरिहेलियन बिंदु पर आना कहते हैं। पास आने पर भी उत्तरी गोलार्द्ध के स्थानों पर सूर्य की तुलना में झुकाव होने के कारण सूर्य की किरणें इस समय तिरछी पड़ रही हैं, इसलिए ठंडक का अहसास हो रहा है। सूर्य पांच जुलाई को पृथ्वी से सबसे दूर के बिंदु पर होगा, जिसे अपहेलियन बिंदु पर आना कहते हैं। उस समय सूर्य की दूरी 15 करोड़ 20 लाख किमी से भी अधिक हो जाएगी। सारिका ने बताया कि पेरिहेलियन कब होगा, यह बदलता रहता है। हर 58 साल में इसमें एक दिन का अंतर आ जाता है। 

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