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RGPV : पूर्व VC सुनील कुमार को जेल भेजा, रजिस्ट्रार और वित्त नियंत्रक गिरफ्त से बाहर, बढ़ सकती है ईनाम की राशि
Fri, 12 Apr 2024 09:40 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Fri, 12 Apr 2024 09:40 PM IST
सार
पूर्व कुलपति प्रो. सुनील कुमार गुप्ता, पूर्व रजिस्ट्रार प्रो. आरएस राजपूत और सेवानिवृत्त वित्त नियंत्रक ऋषिकेश वर्मा ने यूनिवर्सिटी की 19.48 करोड़ रुपए की राशि को निजी बैंक खाते में ट्रांसफर किया था। इस घोटाले को अंजाम देने के लिए कुटरचित दस्तावेज भी बनाए गए थे।
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पूर्व कुलपति प्रो. सुनील कुमार को पुलिस कोर्ट लेकर पहुंची
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) के पूर्व कुलपति प्रो. सुनील कुमार गुप्ता को पुलिस ने शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने पूर्व कुलपति को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। अभी इस मामले में पूर्व रजिस्ट्रार प्रो. आरएस राजपूत और वित्त नियंत्रक ऋषिकेश वर्मा पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए भी लगातार प्रयास कर रही है। बता दें आरोपियों के खिलाफ 30 हजार रुपए का इनाम और लुकआउट नोटिस जारी किया है। जानकारी के अनुसार अब पुलिस दोनों फरार आरोपियों के ऊपर इनाम की राशि बढ़ा सकती है।
पुलिस ने कुलपति डॉ. सुनील कुमार को रायपुर से गुरुवार को गिरफ्तार किया था। पूर्व कुलपति, पूर्व रजिस्ट्रार और सेवानिवृत्त वित्त नियंत्रण के खिलाफ एफआईआर होने के बावजूद सरकार और पुलिस की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही थी। इस मामले में एबीवीपी ने मुख्यमंत्री निवास के बाहर प्रदर्शन किया था और आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण देने का आरोप लगाया था। जिसके बाद पुलिस ने अपनी कार्रवाई में तेजी दिखाई और पूर्व कुलपति को गिरफ्तार किया।
बता दें पूर्व कुलपति प्रो. सुनील कुमार गुप्ता, पूर्व रजिस्ट्रार प्रो. आरएस राजपूत और सेवानिवृत्त वित्त नियंत्रक ऋषिकेश वर्मा ने यूनिवर्सिटी की 19.48 करोड़ रुपए की राशि को निजी बैंक खाते में ट्रांसफर किया था। इस घोटाले को अंजाम देने के लिए कुटरचित दस्तावेज भी बनाए गए थे। इस मामले में तीन मार्च को यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार ने पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस दो बैंक के अधिकारी, एक दलित संघ संस्था के पदाधिकारी को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। फरवरी में घोटाले के सामने आने के बाद कुलपति छुट्टी पर चले गए थे। छह मार्च को छुट्टी से लौटने के बाद उन्होंने राज्यपाल को अपना इस्तीफा दे दिया था। सरकार ने कुछ दिन पहले ही प्रो. सुनील कुमार गुप्ता को निलंबित भी कर दिया है।
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पुलिस ने कुलपति डॉ. सुनील कुमार को रायपुर से गुरुवार को गिरफ्तार किया था। पूर्व कुलपति, पूर्व रजिस्ट्रार और सेवानिवृत्त वित्त नियंत्रण के खिलाफ एफआईआर होने के बावजूद सरकार और पुलिस की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही थी। इस मामले में एबीवीपी ने मुख्यमंत्री निवास के बाहर प्रदर्शन किया था और आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण देने का आरोप लगाया था। जिसके बाद पुलिस ने अपनी कार्रवाई में तेजी दिखाई और पूर्व कुलपति को गिरफ्तार किया।
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बता दें पूर्व कुलपति प्रो. सुनील कुमार गुप्ता, पूर्व रजिस्ट्रार प्रो. आरएस राजपूत और सेवानिवृत्त वित्त नियंत्रक ऋषिकेश वर्मा ने यूनिवर्सिटी की 19.48 करोड़ रुपए की राशि को निजी बैंक खाते में ट्रांसफर किया था। इस घोटाले को अंजाम देने के लिए कुटरचित दस्तावेज भी बनाए गए थे। इस मामले में तीन मार्च को यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार ने पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस दो बैंक के अधिकारी, एक दलित संघ संस्था के पदाधिकारी को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। फरवरी में घोटाले के सामने आने के बाद कुलपति छुट्टी पर चले गए थे। छह मार्च को छुट्टी से लौटने के बाद उन्होंने राज्यपाल को अपना इस्तीफा दे दिया था। सरकार ने कुछ दिन पहले ही प्रो. सुनील कुमार गुप्ता को निलंबित भी कर दिया है।
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