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मानसून विदा, फिर भी बारिश का दौर जारी; एमपी के 15 जिलों में अलर्ट, 20 अक्टूबर के बाद बढ़ेगी ठंड
Sun, 18 Oct 2026 07:15 AM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Sun, 18 Oct 2026 07:15 AM IST
सार
मध्यप्रदेश में मानसून की विदाई के बाद भी आंधी-बारिश जारी है। ग्वालियर-चंबल समेत कई संभागों में बारिश से दिन का तापमान 2.8 डिग्री तक गिरा है। रविवार को 15 जिलों में बारिश का अलर्ट है। 20 अक्टूबर के बाद रात में ठंडक बढ़ने की संभावना है। प्रदेश में सामान्य से करीब चार प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी मध्यप्रदेश के कई जिलों में अब भी बारिश की कमी बनी हुई है।
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मौसम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश में मानसून की विदाई के बाद भी बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। कहीं तेज आंधी के साथ पानी गिर रहा है तो कहीं बादलों की आवाजाही ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। ग्वालियर-चंबल अंचल में बारिश के साथ दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। बीते 72 घंटे से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में जारी इस बदलाव के बीच मौसम विभाग ने रविवार को 15 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, 20 अक्टूबर के बाद रात के तापमान में गिरावट आने से ठंड का असर बढ़ने के संकेत हैं। मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, रविवार को नीमच, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, सिवनी और बालाघाट में बारिश होने की संभावना है। अगले दो दिन यानी 18 और 19 अक्टूबर को भी कुछ जिलों में आंधी-बारिश का असर रह सकता है।
चक्रवाती सिस्टम ने बदला मौसम, कई संभागों में बारिश
प्रदेश के पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण के कारण मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और जबलपुर संभाग के कई जिलों में बादल छाने के साथ बारिश हो रही है। शुक्रवार और शनिवार को भी इन संभागों के अलग-अलग शहरों में पानी गिरा। बड़वानी के सेंधवा, सीहोर और पीथमपुर में बारिश दर्ज की गई, जबकि रीवा और सागर संभाग के कई इलाकों में बादल छाए रहे। बारिश और बादलों की मौजूदगी का असर तापमान पर भी पड़ा है। दिन के तापमान में 2.8 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, सभी जिलों में मौसम का असर एक जैसा नहीं है। कहीं बारिश से राहत मिल रही है तो कहीं धूप और रात की ठंडक के बीच अक्टूबर का मिला-जुला मौसम बना हुआ है।
20 अक्टूबर के बाद रात में बढ़ेगी ठंडक
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 18 और 19 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर आंधी-बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। इसके बाद बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ने की संभावना है। 20 अक्टूबर के बाद रात के तापमान में गिरावट आने से ठंडक बढ़ सकती है।मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार, पिछले दस वर्षों के आंकड़ों में अक्टूबर के दौरान बारिश, गर्मी और ठंडक का मिला-जुला रुख देखने को मिलता है। इस बार भी मौसम में इसी तरह का उतार-चढ़ाव दिखाई दे रहा है। महीने की शुरुआत में कई जगह आसमान साफ होने और धूप निकलने से गर्मी का एहसास हुआ, जबकि रात में ठंडक बनी रही। अब दोबारा सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण कई जिलों में बारिश हो रही है।
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मानसून लौट गया, लेकिन बारिश का सिलसिला जारी
मध्यप्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई 3 अक्टूबर को हो गई थी। इस बार मानसून करीब 100 दिन तक सक्रिय रहा। इसके बावजूद अक्टूबर में बारिश का दौर जारी है। मानसून की वापसी के बाद सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण पूर्वी और पश्चिमी मध्यप्रदेश के कई जिलों में आंधी और बारिश दर्ज की गई। प्रदेश में सामान्य बारिश का आंकड़ा 37.3 इंच है, लेकिन कुल बारिश सामान्य से करीब चार प्रतिशत कम रही। इसकी बड़ी वजह जून में कम बारिश होना रहा। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जून में सामान्य से 14 प्रतिशत कम पानी गिरा था। जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश से स्थिति सुधरी, लेकिन बाद में मानसून में दो बार ब्रेक आने से बारिश की रफ्तार प्रभावित हुई। जुलाई, अगस्त और सितंबर में बारिश का आंकड़ा बेहतर रहा, फिर भी जून की कमी पूरी नहीं हो सकी।
पूर्वी मध्यप्रदेश में बेहतर स्थिति, पश्चिमी जिलों में कमी
बारिश के आंकड़ों में प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के बीच अंतर दिखाई दे रहा है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग को मिलाकर पूर्वी हिस्से में कुल बारिश सामान्य से करीब चार प्रतिशत अधिक बताई गई है। हालांकि, बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से पांच से 21 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है। दूसरी ओर, पश्चिमी मध्यप्रदेश के कई जिलों में बारिश की कमी ज्यादा है। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से नौ से 51 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है।
यह भी पढ़ें-ओबीसी आरक्षण का मुद्दा: नेता प्रतिपक्ष ने राज्यपाल और सीएम को लिखा पत्र, नौवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग
25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में सामान्य बारिश का आंकड़ा पूरा हो चुका है। इसके उलट, प्रदेश के 30 जिलों में बारिश की कमी बनी हुई है। इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं। इस तरह अक्टूबर में हो रही बारिश के बावजूद प्रदेश में मौसमी बारिश का कुल आंकड़ा सामान्य से नीचे है। फिलहाल सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण अगले दो दिन कुछ जिलों में बारिश की संभावना बनी हुई है। इसके बाद रात के तापमान में गिरावट के साथ मौसम में ठंडक बढ़ने का अनुमान है।
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चक्रवाती सिस्टम ने बदला मौसम, कई संभागों में बारिश
प्रदेश के पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण के कारण मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और जबलपुर संभाग के कई जिलों में बादल छाने के साथ बारिश हो रही है। शुक्रवार और शनिवार को भी इन संभागों के अलग-अलग शहरों में पानी गिरा। बड़वानी के सेंधवा, सीहोर और पीथमपुर में बारिश दर्ज की गई, जबकि रीवा और सागर संभाग के कई इलाकों में बादल छाए रहे। बारिश और बादलों की मौजूदगी का असर तापमान पर भी पड़ा है। दिन के तापमान में 2.8 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, सभी जिलों में मौसम का असर एक जैसा नहीं है। कहीं बारिश से राहत मिल रही है तो कहीं धूप और रात की ठंडक के बीच अक्टूबर का मिला-जुला मौसम बना हुआ है।
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20 अक्टूबर के बाद रात में बढ़ेगी ठंडक
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 18 और 19 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर आंधी-बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। इसके बाद बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ने की संभावना है। 20 अक्टूबर के बाद रात के तापमान में गिरावट आने से ठंडक बढ़ सकती है।मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार, पिछले दस वर्षों के आंकड़ों में अक्टूबर के दौरान बारिश, गर्मी और ठंडक का मिला-जुला रुख देखने को मिलता है। इस बार भी मौसम में इसी तरह का उतार-चढ़ाव दिखाई दे रहा है। महीने की शुरुआत में कई जगह आसमान साफ होने और धूप निकलने से गर्मी का एहसास हुआ, जबकि रात में ठंडक बनी रही। अब दोबारा सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण कई जिलों में बारिश हो रही है।
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मानसून लौट गया, लेकिन बारिश का सिलसिला जारी
मध्यप्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई 3 अक्टूबर को हो गई थी। इस बार मानसून करीब 100 दिन तक सक्रिय रहा। इसके बावजूद अक्टूबर में बारिश का दौर जारी है। मानसून की वापसी के बाद सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण पूर्वी और पश्चिमी मध्यप्रदेश के कई जिलों में आंधी और बारिश दर्ज की गई। प्रदेश में सामान्य बारिश का आंकड़ा 37.3 इंच है, लेकिन कुल बारिश सामान्य से करीब चार प्रतिशत कम रही। इसकी बड़ी वजह जून में कम बारिश होना रहा। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जून में सामान्य से 14 प्रतिशत कम पानी गिरा था। जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश से स्थिति सुधरी, लेकिन बाद में मानसून में दो बार ब्रेक आने से बारिश की रफ्तार प्रभावित हुई। जुलाई, अगस्त और सितंबर में बारिश का आंकड़ा बेहतर रहा, फिर भी जून की कमी पूरी नहीं हो सकी।
पूर्वी मध्यप्रदेश में बेहतर स्थिति, पश्चिमी जिलों में कमी
बारिश के आंकड़ों में प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के बीच अंतर दिखाई दे रहा है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग को मिलाकर पूर्वी हिस्से में कुल बारिश सामान्य से करीब चार प्रतिशत अधिक बताई गई है। हालांकि, बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से पांच से 21 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है। दूसरी ओर, पश्चिमी मध्यप्रदेश के कई जिलों में बारिश की कमी ज्यादा है। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से नौ से 51 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है।
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25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में सामान्य बारिश का आंकड़ा पूरा हो चुका है। इसके उलट, प्रदेश के 30 जिलों में बारिश की कमी बनी हुई है। इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं। इस तरह अक्टूबर में हो रही बारिश के बावजूद प्रदेश में मौसमी बारिश का कुल आंकड़ा सामान्य से नीचे है। फिलहाल सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण अगले दो दिन कुछ जिलों में बारिश की संभावना बनी हुई है। इसके बाद रात के तापमान में गिरावट के साथ मौसम में ठंडक बढ़ने का अनुमान है।
