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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Protest against TET: Only 30,000 applications out of 1.5 lakh; October 5 deadline; teachers say they won't fil

टीईटी के खिलाफ प्रदर्शन: डेढ़ लाख में सिर्फ तीस हजार आवेदन, पांच अक्टूबर डेडलाइन,शिक्षक बोले-फॉर्म नहीं भरेंगे

Tue, 29 Sep 2026 03:33 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Tue, 29 Sep 2026 03:33 PM IST
सार

टीईटी के विरोध में अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा का संभागवार धरना जारी है। तीसरे दिन ग्वालियर-चंबल संभाग के शिक्षक नीलम पार्क पहुंचे। मोर्चे का दावा है कि प्रदेश के करीब डेढ़ लाख शिक्षकों में अब तक सिर्फ 30 हजार आवेदन हुए हैं। शिक्षक टीईटी का फॉर्म नहीं भरने और परीक्षा नहीं देने पर अड़े हैं। 5 अक्टूबर अंतिम तारीख है, जबकि दिसंबर में परीक्षा प्रस्तावित है।

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Protest against TET: Only 30,000 applications out of 1.5 lakh; October 5 deadline; teachers say they won't fil
शिक्षकों का अनिश्चितकालीन धरना - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को लेकर शिक्षकों का विरोध तेज हो गया है। अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के बैनर तले नीलम पार्क में संभागवार धरना-प्रदर्शन जारी है। मंगलवार को प्रदर्शन का तीसरा दिन रहा। इस दौरान ग्वालियर-चंबल संभाग के शिक्षक धरने में शामिल हुए। शिक्षकों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार बातचीत नहीं करती और समाधान नहीं निकालती, आंदोलन जारी रहेगा। टीईटी के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 5 अक्टूबर है। स्कूल शिक्षा विभाग पहले ही आवेदन की तारीख बढ़ा चुका है। इसके बावजूद आवेदनों की रफ्तार धीमी बनी हुई है। प्रदेश में करीब डेढ़ लाख शिक्षक बताए गए हैं, जबकि अब तक करीब 30 हजार आवेदन ही हुए हैं। आवेदन कम रहने पर अंतिम तारीख एक बार फिर बढ़ने की संभावना है। हालांकि कर्मचारी चयन मंडल दिसंबर में ही परीक्षा कराने की तैयारी में है।
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तीन मांगों को लेकर शिक्षक आंदोलन पर
मोर्चा के प्रदेश संयोजक राकेश नायक ने बताया कि शिक्षकों की तीन प्रमुख मांगें हैं। पहली मांग टीईटी को निरस्त कराने की है। उनका कहना है कि सरकार को तमिलनाडु की तर्ज पर विधानसभा में विधेयक पारित कर प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजना चाहिए। मोर्चा का दावा है कि प्रदेश में अलग-अलग समय पर हुई शिक्षक नियुक्तियां टीईटी के दायरे में नहीं आती हैं। दूसरी मांग 20 साल की सेवा अवधि को मान्य करने की है। नायक ने कहा कि कई शिक्षकों की सेवा अवधि को 2018 से माना जा रहा है, जबकि उनकी नियुक्तियां इससे पहले हुई थीं। इससे वरिष्ठता और ग्रेच्युटी जैसे लाभ प्रभावित होने का दावा किया जा रहा है। तीसरी मांग ई-अटेंडेंस को स्वैच्छिक करने की है। मोर्चा का आरोप है कि ई-अटेंडेंस के दौरान शिक्षकों का निजी डाटा सुरक्षित नहीं है और कई शिक्षक ठगी का शिकार हुए हैं।
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फॉर्म नहीं भरेंगे, परीक्षा भी नहीं देंगे
राकेश नायक ने कहा कि शिक्षक टीईटी का फॉर्म नहीं भरेंगे। उनका दावा है कि शुरुआती चरण में करीब 2500 आवेदन हुए थे, जिनमें बड़ी संख्या निजी स्कूलों के शिक्षकों की थी। अब कुल आवेदन करीब 30 हजार तक पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि 25 से 30 साल से पढ़ा रहे शिक्षकों से अब टीईटी कराने को लेकर शिक्षक सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि यदि इतने वर्षों की सेवा के बाद भी परीक्षा जरूरी मानी जा रही है, तो पहले शिक्षकों की सेवा अवधि और नियुक्ति से जुड़े मुद्दों का समाधान किया जाना चाहिए।
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दिसंबर में परीक्षा कराने की तैयारी
टीईटी के लिए आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन रहेगी। शिक्षकों को कर्मचारी चयन मंडल के पोर्टल पर प्रोफाइल और जरूरी जानकारी दर्ज करनी होगी। इसके बाद परीक्षा ऑफलाइन कराने की तैयारी है। आवेदन की संख्या कम होने के बीच विभाग और कर्मचारी चयन मंडल के स्तर पर चर्चा हुई है। हालांकि मंडल की ओर से दिसंबर में ही परीक्षा कराने की तैयारी बताई गई है। परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव नहीं करने के पीछे जनवरी में प्री-बोर्ड और फरवरी में मुख्य परीक्षाएं होने को भी प्रमुख कारण माना जा रहा है।


संभागवार प्रदर्शन, फिर राजधानी में बड़ा आंदोलन
मोर्चा के मुताबिक फिलहाल अलग-अलग संभागों के शिक्षकों को क्रमवार धरने में शामिल किया जा रहा है। ग्वालियर-चंबल संभाग के बाद अन्य संभागों के शिक्षक भी आंदोलन में शामिल होंगे। मोर्चा ने कहा है कि संभागवार प्रदर्शन पूरा होने के बाद राजधानी में बड़ा प्रदेशव्यापी प्रदर्शन किया जाएगा।

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एक नजर में
- टीईटी आवेदन की अंतिम तारीख: 5 अक्टूबर
- अब तक आवेदन: करीब 30 हजार
- प्रदेश में शिक्षक: करीब डेढ़ लाख
- परीक्षा: दिसंबर में प्रस्तावित
- परीक्षा का माध्यम: ऑफलाइन
- आवेदन: ऑनलाइन
- शिक्षकों का रुख: फॉर्म नहीं भरने और परीक्षा नहीं देने का दावा
- आंदोलन: नीलम पार्क में संभागवार धरना-प्रदर्शन जारी
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