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फिर आ रहे दारा शिकोह: भोपाल की गंगा जमुनी संस्कृति में एकता और भाईचारा का पैगाम लेकर मंचन आज शाम को

Mon, 03 Mar 2025 08:54 AM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: अरविंद कुमार Updated Mon, 03 Mar 2025 08:54 AM IST
सार

मंच कलाकार अदनान खान के निर्देशन और अभिनय से सजे इस नाटक की पूर्व में भी पूरे भारत भर में प्रस्तुति हो चुकी हैं, जिन्हें खूब पसंद किया गया और सराहा गया है।

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play will be staged this evening with message of unity and brotherhood in Ganga Jamuni culture of Bhopal
फिर आ रहे दारा शिकोह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिंदुस्तान की मिट्टी और यहां की गंगा जमुनी संस्कृति को समर्पित एक किरदार दारा शिकोह इस सोमवार राजधानी भोपाल में आकार लेने वाला है। एकता, भाईचारा और सामाजिक सद्भाव की रंगत फैलाता यह नाट्य मंचन शहर के लिटिल बैलेट ट्रूप श्यामला हिल्स पर मंचित होगा। मंच कलाकार अदनान खान के निर्देशन और अभिनय से सजे इस नाटक की पूर्व में भी पूरे भारत भर में प्रस्तुति हो चुकी हैं, जिन्हें खूब पसंद किया गया और सराहा गया है।

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संस्था रंग मोहल्ला सोसायटी फॉर परफॉर्मिंग आर्ट के अदनान खान ने बताया कि संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की सांस्कृतिक समारोह एवं प्रस्तुति अनुदान योजना के अंतर्गत "नाटक दारा शिकोह" का मंचन 3 मार्च को शाम 7 बजे रंगश्री लिटिल बैले टूप सभागार (एलबीटी) में होगा। इस नाटक के लेखक मोहम्मद हसन हैं एवं इसका निर्देशन प्रदीप अहिरवार द्वारा किया गया है। उन्होंने बताया कि रंग मोहल्ला सोसायटी फार परफार्मिंग आर्ट्स समिति वर्ष 2013 से रंगकर्म के क्षेत्र में लगातार सक्रिय है। संस्था ने अपनी नाट्य प्रस्तुतियों से प्रदेश में ही नहीं वरन् देश में भी अपनी एक अलग पहचान बनाई है।
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दारा शिकोह शाहजहां के सबसे बड़े बेटे थे, मुगल परम्परा के अनुसार अपने पिता के बाद वह सिंहासन के उत्तराधिकारी थे। दारा अपने पिता के बहुत प्रिय लड़के थे। दारा शिकोह भारत का ऐसा बादशाह बनने का सपना देख रहे थे, जो बादशाह के साथ-साथ दर्शन, सूफिज्म और आध्यात्मिकता पर भी महारत रखता हो, दारा शिकोह प्रमुख हिन्दू, बौद्ध, जैनियों, ईसाई और मुस्लिम सूफियों के साथ उनके धार्मिक विचारों पर चर्चा करते थे। इस्लाम के साथ, उनकी हिंदू धर्म में भी गहरी रुचि थी। वे सभी धर्मो को समानता की नजर से देखते थे। नाटक में दारा शिकोह का नजरिया और सोच से आम लोगों से अवगत करने का प्रयास है।

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