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MP Weather: ग्वालियर-भिंड समेत कई जिलों में बारिश बनी आफत, प्रदेश के पूर्वी हिस्से में 12% कम गिरा पानी
Sun, 07 Jul 2024 09:11 PM IST
दिनेश शर्मा
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, भोपाल
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, भोपाल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sun, 07 Jul 2024 09:11 PM IST
सार
मप्र के ग्वालियर, भिंड समेत कई जिलों में तेज बारिश से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में 12 प्रतिशत कम और पश्चिम क्षेत्र में 12 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है।
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प्रदेश के कई जिलों में बारिश हुई
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव होने के कारण ग्वालियर, भिंड, शिवपुरी, श्योपुर समेत कई जिलों में लगातार हो रही बारिश लोगों के जीवन में आफत बन गई है। इन क्षेत्रों में यहां निचले इलाकों में पानी भरने लगा है। कई जगह सड़कें धंस गईं। बारिश लोगों के घरों में भी भर रहा है। मौसम विभाग में अगले 24 घंटे तक ऐसे ही मौसम रहने का अनुमान जारी किया है। इधर मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो अभी तक प्रदेश के पूर्वी हिस्से में 12 प्रतिशत कम और पश्चिम क्षेत्र में 12 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है। राजधानी भोपाल के मौसम की बात करें तो रविवार को दिनभर बादल छाए रहे, बीच-बीच में हल्की धूप भी दिखी कुछ जगह बूंदाबांदी भी हुई। हालांकि तेज बारिश नहीं हुई।
मध्य प्रदेश में इसलिए हो रही तेज बारिश
सीनियर मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि ग्वालियर-चंबल और प्रदेश के अन्य हिस्सों से दो ट्रफ लाइन गुजर रही है। वहीं, उत्तर प्रदेश के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम भी एक्टिव है। इनकी वजह से प्रदेश में आंधी-बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम है। कई जिलों में 11 जुलाई तक भारी बारिश होगी।
इन क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ बिजली गिरने का अलर्ट
कटनी, ग्वालियर, उत्तरी शिवपुरी, निवाड़ी, ओरछा, उमरिया, बांधवगढ़, मैहर, रीवा, सीधी और उत्तरी शहडोल, बाणसागर बांध पर भारी बारिश के साथ बिजली गिरने की संभावना है। साथ ही अशोकनगर, मुरैना में मध्यम गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। दतिया, रतनगढ़, कूनो एनपी, दक्षिण सागर, उत्तर-पूर्व रायसेन, पन्ना टीआर, उत्तर टीकमगढ़, सतना, मऊगंज, संजय डुबरी एनपी, दक्षिण शहडोल, जबलपुर भेड़ाघाट एपी सिंगरौली तथा गुना, पूर्व शिवपुरी, दक्षिण विदिशा, देवास, दक्षिण पश्चिम सीहोर, बैतूल, छिंदवाड़ा, दमोह, खरगोन, बड़वानी, खंडवा, बुरहानपुर, भिंड, श्योपुर कलां, छतरपुर, खजुराहो, सिवनी, अनूपपुर में हल्की गरज के साथ बारिश की संभावना है। अमरकंटक, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, कान्हा और डिंडोरी में रात्रि में पानी गिर सकता है।
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जानें प्रदेश में कहां ज्यादा बारिश और कहां काम
मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों पर नजर डालें तो मध्य प्रदेश में अब तक सबसे ज्यादा पानी गिरने वाले जिलों में श्योपुरकलां, भिंड, ग्वालियर, मुरैना और शिवपुरी जिले शामिल हैं। श्योपुरकलां में रिकॉर्ड 146 प्रतिशत ज्यादा पानी गिर चुका है। यहां साढ़े 11 इंच पानी गिर चुका है। रीवा में सबसे कम 3.9 इंच पानी गिरा है। उमरिया, सिंगरौली, दतिया, कटनी में भी कम बारिश हुई है।
प्रदेश में 7.5 इंच बारिश, औसत के बराबर
मध्यप्रदेश में बारिश की तस्वीर पर नजर दौड़ाएं तो अब तक एवरेज 7.5 इंच बारिश हो चुकी है, जो अब तक की औसत बारिश के बराबर है। राज्य के पूर्वी हिस्से में 12 प्रतिशत कम और पश्चिमी हिस्से के जिलों में औसत से 12 प्रतिशत अधिक पानी गिरा है। यह आंकड़ा 7 जुलाई तक का है।
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मध्य प्रदेश में इसलिए हो रही तेज बारिश
सीनियर मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि ग्वालियर-चंबल और प्रदेश के अन्य हिस्सों से दो ट्रफ लाइन गुजर रही है। वहीं, उत्तर प्रदेश के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम भी एक्टिव है। इनकी वजह से प्रदेश में आंधी-बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम है। कई जिलों में 11 जुलाई तक भारी बारिश होगी।
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इन क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ बिजली गिरने का अलर्ट
कटनी, ग्वालियर, उत्तरी शिवपुरी, निवाड़ी, ओरछा, उमरिया, बांधवगढ़, मैहर, रीवा, सीधी और उत्तरी शहडोल, बाणसागर बांध पर भारी बारिश के साथ बिजली गिरने की संभावना है। साथ ही अशोकनगर, मुरैना में मध्यम गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। दतिया, रतनगढ़, कूनो एनपी, दक्षिण सागर, उत्तर-पूर्व रायसेन, पन्ना टीआर, उत्तर टीकमगढ़, सतना, मऊगंज, संजय डुबरी एनपी, दक्षिण शहडोल, जबलपुर भेड़ाघाट एपी सिंगरौली तथा गुना, पूर्व शिवपुरी, दक्षिण विदिशा, देवास, दक्षिण पश्चिम सीहोर, बैतूल, छिंदवाड़ा, दमोह, खरगोन, बड़वानी, खंडवा, बुरहानपुर, भिंड, श्योपुर कलां, छतरपुर, खजुराहो, सिवनी, अनूपपुर में हल्की गरज के साथ बारिश की संभावना है। अमरकंटक, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, कान्हा और डिंडोरी में रात्रि में पानी गिर सकता है।
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जानें प्रदेश में कहां ज्यादा बारिश और कहां काम
मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों पर नजर डालें तो मध्य प्रदेश में अब तक सबसे ज्यादा पानी गिरने वाले जिलों में श्योपुरकलां, भिंड, ग्वालियर, मुरैना और शिवपुरी जिले शामिल हैं। श्योपुरकलां में रिकॉर्ड 146 प्रतिशत ज्यादा पानी गिर चुका है। यहां साढ़े 11 इंच पानी गिर चुका है। रीवा में सबसे कम 3.9 इंच पानी गिरा है। उमरिया, सिंगरौली, दतिया, कटनी में भी कम बारिश हुई है।
प्रदेश में 7.5 इंच बारिश, औसत के बराबर
मध्यप्रदेश में बारिश की तस्वीर पर नजर दौड़ाएं तो अब तक एवरेज 7.5 इंच बारिश हो चुकी है, जो अब तक की औसत बारिश के बराबर है। राज्य के पूर्वी हिस्से में 12 प्रतिशत कम और पश्चिमी हिस्से के जिलों में औसत से 12 प्रतिशत अधिक पानी गिरा है। यह आंकड़ा 7 जुलाई तक का है।
