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MP Politics: कांग्रेस की नरेला पर नजर, भाजपा साध रही दक्षिण पश्चिम सीट, जाने किस सीट पर कौन दावेदार
Mon, 04 Sep 2023 11:20 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Mon, 04 Sep 2023 11:20 PM IST
सार
राजधानी भोपाल की सात विधानसभा सीटों में से चार पर भाजपा और तीन पर कांग्रेस का कब्जा है। भाजपा के पास हुजूर, गोविंदपुरा, बैरसिया और नरेला विधानसभा सीट है। वहीं, कांग्रेस के पास मध्य, उत्तर और दक्षिण-पश्चिम विधानसभा सीट है।
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भाजपा-कांग्रेस
- फोटो : Social Media
विस्तार
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज हो गई है। भाजपा ने अपने 39 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी है। इसमें भोपाल उत्तर से पूर्व महापौर आलोक शर्मा और मध्य से ध्रुव नारायण सिंह को प्रत्याशी बनाया है। वहीं, कांग्रेस की तरफ से भाजपा की परंपरागत सीटों को जीतने तैयारी तेज कर दी गई है। कांग्रेस की सूची भी जल्द जारी हो सकती है। कांग्रेस की जहां नरेला सीट पर नजर है तो भाजपा दक्षिण पश्चिम सीट को साधने में जुटी है।
राजधानी भोपाल की सात विधानसभा सीटों में से चार पर भाजपा और तीन पर कांग्रेस का कब्जा है। भाजपा के पास हुजूर, गोविंदपुरा, बैरसिया और नरेला विधानसभा सीट है। वहीं, कांग्रेस के पास मध्य, उत्तर और दक्षिण-पश्चिम विधानसभा सीट है।
गोविंदपुरा 46 साल से भाजपा का अभेद्य किला
गोविंदपुरा सीट 46 साल से भाजपा की अभेद्य किला है। यहां से पूर्व सीएम बाबूलाल गौर की बहू कृष्णा गौर विधायक है। इस सीट पर कांग्रेस ने हर बार पूरा जोर लगाया, लेकिन सफलता नहीं मिली। 1980 से 2013 तक लगातार बाबूलाल गौर चुनाव लड़े। इसके बाद से उनकी पुत्रवधु कृष्णा गौर विधायक हैं। यहां पर इस बार भाजपा की तरफ से कृष्णा गौर को ही उम्मीदवार माना जा रहा है। वहीं, कांग्रेस की तरफ से गोविंदपुरा सीट पर रवीन्द्र साहू (झूमरवाला), दीप्ति सिंह और रामबाबू सिंह दावेदारी कर रहे हैं। रवींद्र साहू ने गोविंदपुरा में चुनाव कार्यालय का शुभारंभ कर तैयारी भी शुरू कर दी है।
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हुजूर में सिंधी मतदाता प्रभावी
2008 में भोपाल की गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र से अलग होकर हुजूर विधानसभा सीट बनी। यह भोपाल की क्षेत्रफल में सबसे बड़ी विधानसभा सीट है। यहां कांग्रेस से विधायक जितेंद्र डागा चुनाव जीते। इसके बाद 2013 में यहां से भाजपा के रामेश्वर शर्मा ने बड़ी जीत दर्ज की। 2018 के चुनाव में कांग्रेस ने नरेश ज्ञानचंदानी को प्रत्याशी बनाया। इस चुनाव में रामेश्वर सिर्फ 14 हजार वोटों से जीते। हुजूर विधानसभा सीट में कोलार और संत हिरदाराम नगर आता है। संत हिरदाराम नगर सिंधी समाज बाहुल्य क्षेत्र है। भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा और भाजपा प्रदेश महामंत्री भगवानदास सबनानी को टिकट दे सकती है। वहीं, कांग्रेस की तरफ से इस सीट पर पूर्व विधायक जितेंद्र डागा, नरेश ज्ञानचंदानी दावेदारी कर रहे है।
नरेला में चौंका सकती है कांग्रेस
2008 में ही परिसीमन के बाद नरेला विधानसभा सीट अस्तित्व में आई। इसके बाद से ही इस सीट पर भाजपा विधायक और मंत्री विश्वास सारंग का कब्जा है। सारंग नरेला से लगातारी चौथी बार जीत दर्ज करने की तैयारी में जुटे हुए हैं। वहीं, कांग्रेस भी इस सीट पर कब्जा जमाने की तैयारी कर रही है। इस सीट पर पूर्व प्रत्याशी महेंद्र सिंह चौहान, आशिफ जकी और कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला दावेदारी कर रहे हैं। शुक्ला इस सीट पर सबसे ज्यादा सक्रिय हैं। हालांकि, कांग्रेस यहां पर राजनीतिक समीकरणों के साथ ब्राह्मण चेहरा, सरल-सहज जिताऊ प्रत्याशी की तलाश कर रही है। यहां पर शहर कांग्रेस जिला अध्यक्ष कैलाश मिश्रा को भी टिकट देने पर विचार कर रही है।
दक्षिण-पश्चिम पर गुप्ता को फिर मौका
दक्षिण पश्चिम विधानसभा सीट पर अभी कांग्रेस नेता व पूर्व मंत्री पीसी शर्मा विधायक हैं। हालांकि, इस सीट पर कांग्रेस उलझती दिख रही है। दरअसल यहां पर संजीव सक्सेना दावेदारी ठोंक रहे हैं। इसके अलावा अमित शर्मा भी दावा कर रहे हैं। वहीं, भाजपा ने हारी सीटों में दक्षिण पश्चिम को छोड़कर बाकी दो सीटों पर प्रत्याशी की घोषणा कर दी। हुजूर से भगवानदास सबनानी को टिकट देने की चर्चा है। ऐसे में विधायक रामेश्वर शर्मा को दक्षिण पश्चिम सीट से प्रत्याशी बनाया जा सकता है। इसके अलावा इस सीट पर पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता का नाम भी चल रहा है। इसके अलावा राहुल कोठारी भी दावा ठोंक रहे हैं।
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राजधानी भोपाल की सात विधानसभा सीटों में से चार पर भाजपा और तीन पर कांग्रेस का कब्जा है। भाजपा के पास हुजूर, गोविंदपुरा, बैरसिया और नरेला विधानसभा सीट है। वहीं, कांग्रेस के पास मध्य, उत्तर और दक्षिण-पश्चिम विधानसभा सीट है।
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गोविंदपुरा 46 साल से भाजपा का अभेद्य किला
गोविंदपुरा सीट 46 साल से भाजपा की अभेद्य किला है। यहां से पूर्व सीएम बाबूलाल गौर की बहू कृष्णा गौर विधायक है। इस सीट पर कांग्रेस ने हर बार पूरा जोर लगाया, लेकिन सफलता नहीं मिली। 1980 से 2013 तक लगातार बाबूलाल गौर चुनाव लड़े। इसके बाद से उनकी पुत्रवधु कृष्णा गौर विधायक हैं। यहां पर इस बार भाजपा की तरफ से कृष्णा गौर को ही उम्मीदवार माना जा रहा है। वहीं, कांग्रेस की तरफ से गोविंदपुरा सीट पर रवीन्द्र साहू (झूमरवाला), दीप्ति सिंह और रामबाबू सिंह दावेदारी कर रहे हैं। रवींद्र साहू ने गोविंदपुरा में चुनाव कार्यालय का शुभारंभ कर तैयारी भी शुरू कर दी है।
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हुजूर में सिंधी मतदाता प्रभावी
2008 में भोपाल की गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र से अलग होकर हुजूर विधानसभा सीट बनी। यह भोपाल की क्षेत्रफल में सबसे बड़ी विधानसभा सीट है। यहां कांग्रेस से विधायक जितेंद्र डागा चुनाव जीते। इसके बाद 2013 में यहां से भाजपा के रामेश्वर शर्मा ने बड़ी जीत दर्ज की। 2018 के चुनाव में कांग्रेस ने नरेश ज्ञानचंदानी को प्रत्याशी बनाया। इस चुनाव में रामेश्वर सिर्फ 14 हजार वोटों से जीते। हुजूर विधानसभा सीट में कोलार और संत हिरदाराम नगर आता है। संत हिरदाराम नगर सिंधी समाज बाहुल्य क्षेत्र है। भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा और भाजपा प्रदेश महामंत्री भगवानदास सबनानी को टिकट दे सकती है। वहीं, कांग्रेस की तरफ से इस सीट पर पूर्व विधायक जितेंद्र डागा, नरेश ज्ञानचंदानी दावेदारी कर रहे है।
नरेला में चौंका सकती है कांग्रेस
2008 में ही परिसीमन के बाद नरेला विधानसभा सीट अस्तित्व में आई। इसके बाद से ही इस सीट पर भाजपा विधायक और मंत्री विश्वास सारंग का कब्जा है। सारंग नरेला से लगातारी चौथी बार जीत दर्ज करने की तैयारी में जुटे हुए हैं। वहीं, कांग्रेस भी इस सीट पर कब्जा जमाने की तैयारी कर रही है। इस सीट पर पूर्व प्रत्याशी महेंद्र सिंह चौहान, आशिफ जकी और कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला दावेदारी कर रहे हैं। शुक्ला इस सीट पर सबसे ज्यादा सक्रिय हैं। हालांकि, कांग्रेस यहां पर राजनीतिक समीकरणों के साथ ब्राह्मण चेहरा, सरल-सहज जिताऊ प्रत्याशी की तलाश कर रही है। यहां पर शहर कांग्रेस जिला अध्यक्ष कैलाश मिश्रा को भी टिकट देने पर विचार कर रही है।
दक्षिण-पश्चिम पर गुप्ता को फिर मौका
दक्षिण पश्चिम विधानसभा सीट पर अभी कांग्रेस नेता व पूर्व मंत्री पीसी शर्मा विधायक हैं। हालांकि, इस सीट पर कांग्रेस उलझती दिख रही है। दरअसल यहां पर संजीव सक्सेना दावेदारी ठोंक रहे हैं। इसके अलावा अमित शर्मा भी दावा कर रहे हैं। वहीं, भाजपा ने हारी सीटों में दक्षिण पश्चिम को छोड़कर बाकी दो सीटों पर प्रत्याशी की घोषणा कर दी। हुजूर से भगवानदास सबनानी को टिकट देने की चर्चा है। ऐसे में विधायक रामेश्वर शर्मा को दक्षिण पश्चिम सीट से प्रत्याशी बनाया जा सकता है। इसके अलावा इस सीट पर पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता का नाम भी चल रहा है। इसके अलावा राहुल कोठारी भी दावा ठोंक रहे हैं।
