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MP News:  वाहन जांच को लेकर परिवहन विभाग ने जारी की नई गाइडलाइन, वर्दी और बॉडी वॉर्न कैमरा अनिवार्य

Sat, 19 Apr 2025 07:35 AM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Sat, 19 Apr 2025 07:35 AM IST
सार

मध्य प्रदेश में परिवहन जांच प्रणाली को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। परिवहन आयुक्त ने इन गाइडलाइनों को इसलिए लागू किया है क्योंकि परिवहन जांच चौकियों के बंद होने के बावजूद वाहनों से अवैध वसूली की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं।

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MP News: Transport department issued new guidelines regarding vehicle checking, uniform and body worn camera m
जांच में जुटी पुलिस - फोटो : अमर उजाला डिजिटल

विस्तार

मध्य प्रदेश में परिवहन जांच चौकियों को बंद कर दिए जाने के बावजूद, वाहनों से अवैध वसूली की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। इन मामलों को ध्यान में रखते हुए परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा ने वाहन जांच की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए विस्तृत निर्देश जारी किए हैं। परिवहन आयुक्त द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में साफ किया गया है कि जांच कार्यवाही केवल अधिकृत और वर्दीधारी अधिकारियों की मौजूदगी में ही की जा सकेगी। इसके साथ ही, जांच के दौरान बॉडी वॉर्न कैमरों का उपयोग अनिवार्य किया गया है।
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गाइडलाइन के अनुसार जांच के समय कम से कम एक सहायक परिवहन उप निरीक्षक का मौजूद होना जरूरी होगा। सभी स्टाफ को वर्दी पहनना अनिवार्य है और वर्दी पर नाम की प्लेट भी होनी चाहिए। जांच कार्यवाही में केवल विभागीय अधिकारी व कर्मचारी ही शामिल रहेंगे, किसी भी निजी व्यक्ति की भागीदारी पूरी तरह वर्जित है। चालान की प्रक्रिया केवल POS मशीन के माध्यम से ही की जाएगी। जहां POS मशीन उपलब्ध नहीं है, वहां इसके उपयोग की व्यवस्था प्राथमिकता से की जाएगी। एक बार में एक ही वाहन की जांच की जाएगी, और उसके बाद ही अगला वाहन रोका जाएगा।
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किसी भी वाहन को 15 मिनट से अधिक बिना कारण के नहीं रोका जा सकेगा। रात्रिकालीन जांच के लिए अच्छी रोशनी वाले सुरक्षित स्थान का चयन अनिवार्य होगा। स्टाफ को LED बैटन और रिफ्लेक्टिव जैकेट उपलब्ध कराई जाएंगी। बॉडी वॉर्न कैमरे जांच की पूरी अवधि के दौरान सक्रिय रहेंगे। कम से कम दो कैमरे चालू रहेंगे, जिनमें से एक लाइव मोड में होगा। कैमरे संबंधित अधिकारी या कर्मचारी को ही आवंटित किए जाएंगे।
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कैमरों की रिकॉर्डिंग और स्टोरेज की निगरानी भी यूनिट प्रभारी की जिम्मेदारी होगी। यदि जांच के दौरान किसी वाहन चालक या अन्य व्यक्ति से विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है, तो उसकी रिकॉर्डिंग अनिवार्य रूप से की जाएगी। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि दिशा-निर्देशों के क्रियान्वयन की पूरी जिम्मेदारी संबंधित यूनिट प्रभारी की होगी। किसी भी प्रकार की लापरवाही की स्थिति में उनके खिलाफ अनुशासनात्मक या दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
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