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MP News: मध्य प्रदेश के इकलौते MLA को भारतीय आदिवासी पार्टी ने निकाला! डोडियार बोले-मुझे मौखिक ही पता चला
Thu, 09 May 2024 05:18 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Thu, 09 May 2024 05:18 PM IST
सार
मध्य प्रदेश में भारतीय आदिवासी पार्टी के एकमात्र विधायक कमलेश्वर डोडियार को पार्टी ने निकाल दिया है। ऐसा उन्हें मौखिक बताया गया है। डोडियार का दावा है कि उन्हें लिखित में कोई जानकारी नहीं मिली है।
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भारतीय आदिवासी पार्टी के विधायक कमलेश्वर डोडियार से खास बातचीत
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश के इकलौते गैर-भाजपा और गैर-कांग्रेस विधायक यानी भारतीय आदिवासी पार्टी (बाप) से चुनाव जीते कमलेश्वर डोडियार की पार्टी से नहीं बन रही है। बाप ने उन्हें बाहर निकालने की तैयारी कर ली है। उनका कहना है कि मुझे जहां बोला गया, वहां जाकर मैंने चुनाव प्रचार किया। यह बात बेबुनियाद है कि मैंने पार्टी की बात नहीं मानी। मुझे भी पार्टी से निकालने की बात मौखिक ही पता चली है। कोई पत्र नहीं मिला है।
कमलेश्वर डोडियार की पार्टी भारतीय आदिवासी पार्टी (बाप) मध्य प्रदेश में पांच सीटों पर चुनाव लड़ रही है। इनमें मंडला और बैतूल में मतदान हो चुका है। रतलाम, धार और खरगोन में चौथे चरण में 13 मई को मतदान होगा। डोडियार पर आरोप है कि वह पार्टी के लिए लोकसभा चुनावों में प्रचार नहीं कर रहे हैं। इसे लेकर उन्हें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहनलाल रोत ने नोटिस भी भेजा है। डोडियार ने कहा कि उनकी पेटलावद में रोत से मुलाकात होगी। उसमें वह अपना पक्ष उनके सामने रखेंगे। पेश है कमलेश्वर डोडियार से बातचीत के मुख्य अंशः-
आपकी पार्टी आपसे नाराज है? चुनाव प्रचार में शामिल होने के लिए नोटिस भी भेजा है। क्या आपको पार्टी से निकाल दिया है?
डोडियारः मुझे भी मौखिक ही पता चला है कि मुझे पार्टी से बाहर निकाल दिया है। मुझे अभी बताया नहीं गया है। एक पत्र मिला है। उसमें लोकसभा चुनाव में सक्रियता नहीं दिखाने की बात लिखी है। हकीकत तो यह है कि मुझे मंडला में चुनाव प्रचार के लिए बोला गया। मैंने वहां जाकर प्रचार किया। इसके बाद न तो मुझे प्रचार करने को बोला गया और न ही कोई सूचना दी गई। अभी मुझे राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पेटलावद बुलाया है।
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पार्टी अचानक आपको पत्र क्यों भेज दिया?
डोडियारः मैं न्यायिक और संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं की तैयारी कर रहा हूं। 12 से 16 घंटे पढ़ाई को देना पड़ता है। पार्टी मुझसे बोलेगी कि आपको यहां प्रचार करना है तो मैंने मना नहीं किया। मुझे प्रचार करने के लिए बोला ही नहीं गया।
पार्टी ने आपको निकाल दिया तो क्या आपकी विधायकी भी जा सकती है?
डोडियारः मैं किसी दूसरी पार्टी के लिए प्रचार तो नहीं कर रहा हूं। यदि पार्टी मुझ पर कोई एक्शन लेगी तो मेरी लीगल टीम उसका जवाब देगी।
आजकल तो प्रशासनिक सेवा के अधिकारी एमएलए बनने की सोच रहे हैं? आप उल्टा कर रहे हैं?
डोडियारः मुझे लगता है कि न्यायिक सेवा से जुड़कर लोगों को न्याय दिला सकूंगा। आदिवासी समाज के लोगों पर झूठे केस लादे गए हैं। उन्हें जेल में डाल दिया जाता है। आईएएस बनकर सरकार की योजनाओं से एक साथ सैकड़ों लोगों को फायदा दिला सकता हूं।
विधायक रहते भी तो आप ज्यादा लोगों की मदद कर सकते है?
डोडियारः मध्य प्रदेश सरकार में मंत्रियों की बात पटवारी नहीं सुन रहे। बाबू नहीं सुन रहे। हम तो विपक्ष के विधायक हैं। हमारे पत्रों को तो अधिकारी बहाने बनाकर टाल देते हैं। आज मेरे क्षेत्र में आदिवासियों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। कई महिलाओं को योग्य होने के बावजूद लाड़ली बहना योजना का फायदा नहीं मिल पा रहा है। केंद्र की योजनाओं का फायदा नहीं मिल पा रहा है। अधिकारी अपनी मनमानी कर रहे हैं।
पार्टी कोई एक्शन लेती है तो भाजपा या कांग्रेस किस पार्टी के साथ जाएंगे?
डोडियारः मैं दोनों ही पार्टी में नहीं जाऊंगा। भाजपा ने मुझे बहुत परेशान किया। मुझ पर झूठे आरोप लगाए। मेरे खिलाफ एक करोड़ रुपये मांगने का झूठा आरोप लगाकर केस किया गया है। कांग्रेस ने लंबे समय तक देश में राज किया। दोनों ही पार्टी की सरकारों में आदिवासियों का शोषण हुआ है। मेरे क्षेत्र धार, झाबुआ, अलीराजपुर, रतलाम में आदिवासी परिवार गरीबी में जी रहे हैं। फटे कपड़ों में जिंदगी बता रहे हैं। उनके पास सब्जी बनाने के लिए तेल खरीदने को पैसे नहीं है। बच्चों को पढ़ाने के लिए पैसे नहीं है।
फिर क्या आप नई पार्टी बनाएंगे?
डोडियारः अभी ऐसा सोचा नहीं है। यदि जरूरत पड़ी तो पार्टी भी बनाएंगे। हमारे साथ सक्रिय और युवा लोग हैं।
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कमलेश्वर डोडियार की पार्टी भारतीय आदिवासी पार्टी (बाप) मध्य प्रदेश में पांच सीटों पर चुनाव लड़ रही है। इनमें मंडला और बैतूल में मतदान हो चुका है। रतलाम, धार और खरगोन में चौथे चरण में 13 मई को मतदान होगा। डोडियार पर आरोप है कि वह पार्टी के लिए लोकसभा चुनावों में प्रचार नहीं कर रहे हैं। इसे लेकर उन्हें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहनलाल रोत ने नोटिस भी भेजा है। डोडियार ने कहा कि उनकी पेटलावद में रोत से मुलाकात होगी। उसमें वह अपना पक्ष उनके सामने रखेंगे। पेश है कमलेश्वर डोडियार से बातचीत के मुख्य अंशः-
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आपकी पार्टी आपसे नाराज है? चुनाव प्रचार में शामिल होने के लिए नोटिस भी भेजा है। क्या आपको पार्टी से निकाल दिया है?
डोडियारः मुझे भी मौखिक ही पता चला है कि मुझे पार्टी से बाहर निकाल दिया है। मुझे अभी बताया नहीं गया है। एक पत्र मिला है। उसमें लोकसभा चुनाव में सक्रियता नहीं दिखाने की बात लिखी है। हकीकत तो यह है कि मुझे मंडला में चुनाव प्रचार के लिए बोला गया। मैंने वहां जाकर प्रचार किया। इसके बाद न तो मुझे प्रचार करने को बोला गया और न ही कोई सूचना दी गई। अभी मुझे राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पेटलावद बुलाया है।
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पार्टी अचानक आपको पत्र क्यों भेज दिया?
डोडियारः मैं न्यायिक और संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं की तैयारी कर रहा हूं। 12 से 16 घंटे पढ़ाई को देना पड़ता है। पार्टी मुझसे बोलेगी कि आपको यहां प्रचार करना है तो मैंने मना नहीं किया। मुझे प्रचार करने के लिए बोला ही नहीं गया।
पार्टी ने आपको निकाल दिया तो क्या आपकी विधायकी भी जा सकती है?
डोडियारः मैं किसी दूसरी पार्टी के लिए प्रचार तो नहीं कर रहा हूं। यदि पार्टी मुझ पर कोई एक्शन लेगी तो मेरी लीगल टीम उसका जवाब देगी।
आजकल तो प्रशासनिक सेवा के अधिकारी एमएलए बनने की सोच रहे हैं? आप उल्टा कर रहे हैं?
डोडियारः मुझे लगता है कि न्यायिक सेवा से जुड़कर लोगों को न्याय दिला सकूंगा। आदिवासी समाज के लोगों पर झूठे केस लादे गए हैं। उन्हें जेल में डाल दिया जाता है। आईएएस बनकर सरकार की योजनाओं से एक साथ सैकड़ों लोगों को फायदा दिला सकता हूं।
विधायक रहते भी तो आप ज्यादा लोगों की मदद कर सकते है?
डोडियारः मध्य प्रदेश सरकार में मंत्रियों की बात पटवारी नहीं सुन रहे। बाबू नहीं सुन रहे। हम तो विपक्ष के विधायक हैं। हमारे पत्रों को तो अधिकारी बहाने बनाकर टाल देते हैं। आज मेरे क्षेत्र में आदिवासियों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। कई महिलाओं को योग्य होने के बावजूद लाड़ली बहना योजना का फायदा नहीं मिल पा रहा है। केंद्र की योजनाओं का फायदा नहीं मिल पा रहा है। अधिकारी अपनी मनमानी कर रहे हैं।
पार्टी कोई एक्शन लेती है तो भाजपा या कांग्रेस किस पार्टी के साथ जाएंगे?
डोडियारः मैं दोनों ही पार्टी में नहीं जाऊंगा। भाजपा ने मुझे बहुत परेशान किया। मुझ पर झूठे आरोप लगाए। मेरे खिलाफ एक करोड़ रुपये मांगने का झूठा आरोप लगाकर केस किया गया है। कांग्रेस ने लंबे समय तक देश में राज किया। दोनों ही पार्टी की सरकारों में आदिवासियों का शोषण हुआ है। मेरे क्षेत्र धार, झाबुआ, अलीराजपुर, रतलाम में आदिवासी परिवार गरीबी में जी रहे हैं। फटे कपड़ों में जिंदगी बता रहे हैं। उनके पास सब्जी बनाने के लिए तेल खरीदने को पैसे नहीं है। बच्चों को पढ़ाने के लिए पैसे नहीं है।
फिर क्या आप नई पार्टी बनाएंगे?
डोडियारः अभी ऐसा सोचा नहीं है। यदि जरूरत पड़ी तो पार्टी भी बनाएंगे। हमारे साथ सक्रिय और युवा लोग हैं।
