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MP News: भोपाल के विकास का खाका तैयार, बाघों का इलाका ग्रीन बेल्ट ही रहेगा, बड़ी झील के किनारे नहीं बनेगी सड़क

Fri, 02 Jun 2023 09:25 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Fri, 02 Jun 2023 09:25 PM IST
सार

भोपाल मास्टर प्लान 2031 का तीन साल में दूसरी बार डॉफ्ट जारी किया गया। इस संशोधित डॉफ्ट में अब अरेरा कॉलोनी और चूनाभट्टी आवासीय ही बने रहेंगे। वहीं, मिश्रित उपयोग के लिए 18 मीटर सड़क को अनिवार्य किया गया है। मेट्रो रेल के दोनों तरफ टीओडी कॉरिडोर अब 500 मीटर की जगह 100 मीटर दूरी पर प्रस्तावित किया गया है। 

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MP News: The blueprint for the development of Bhopal is ready, the area of tigers will remain green belt, th
भोपाल के मास्टर प्लान का ड्राफ्ट जारी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश सरकार ने राजधानी भोपाल के विकास का संशोधित प्रारूप शुक्रवार को जारी कर दिया। मास्टर प्लान-2031 का ड्रॉफ्ट तीन साल में दूसरी बार जारी किया गया है। इससे पहले 10 जुलाई 2020 को जारी जारी ड्रॉफ्ट में सुझाव और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखकर सरकार ने संशोधन करने का निर्णय लिया था। भोपाल मास्टर प्लान को 35 लाख आबादी को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इस पर दावे-आपत्ति बुलाने के लिए 30 दिन का समय दिया गया है। 
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बड़े तालाब के आसपास नहीं होगा निर्माण 
मास्टर प्लान के संशोधित ड्रॉफ्ट में वेटलैंड अथॉरिटी द्वारा भोज वेटलैंड के लिए तैयार नियमों को सम्मिलित किया गया है। इन नियमों के अनुसार बड़े तालाब एवं उसके आसपास के क्षेत्र में कोई ऐसी गतिविधि संचालित नहीं की जा सकेगी, जिससे तालाब पर विपरित प्रभाव पड़े। मास्टर प्लान-2031 के ड्रॉफ्ट में भूमि उपयोग मानचित्र की त्रुटि को सुधार कर क्षेत्रफल को 3541.09 हेक्टेयर से 3872.43 हेक्टेयर किया गया है। डॉफ्ट में बड़े तालाब के दक्षिणी ओर एफटीएल से लगकर बरखेड़ी कला, गौरा, बरखेड़ा नाथु होकर इंदौर मार्ग पर खजूरी सड़क तक प्रस्तावित 45.0 मीटर का 15.7 किलोमीटर मार्ग के प्लान को हटा दिया गया है। दरअसल सड़क निर्माण और उसके दोनों तरफ होने वाली गतिविधियां बड़ी झील के जीवों-पक्षियों और इकोलॉजी को नकारात्मक रूप से प्रभावित करती।  
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ये प्रस्ताव भी हटाए 
- मास्टर प्लान-2031 के डॉफ्ट में बैरागढ़ से इंदौर रोड के उत्तर की ओर बड़ी झील के जलग्रहण क्षेत्र में 1659 हेक्टेयर भूमि पर आवासीय एवं अन्य भूमि उपयोग का प्रावधान कया गया था। जिसे हटा कर इसे कृषि उपयोग किया गया है। हलालपुर के पास लेकफ्रंट उपयोग की 30.48 हेक्टेयर भूमि को आवासीय भूमि उपयोग के रूप में प्रस्तावित किया गया था, जिसे लेकफ्रंट ही किया गया है। 
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-शहर के दक्षिण-पश्चिम में कलियासोत बांध तथा केरवा बांध के करीब ग्राम रातापानी से ग्राम मेंडोरा एवं ग्राम चंदनपुरा तक वन क्षेत्र में बाघों का मूवमेंट है। इसको देखते केरवा बांध के क्षेत्र से लगे 51.66 हेक्टेयर भूमि को निम्न घनत्व आवासीय के रूप में प्रस्तावित की गई थी। जिसे संशोधित कर दोबारा ग्रीन बेल्ट कर दिया गया। 

- वहीं, चंदनपुरा/मेंडारा-मेंडारी स्थित 357.78 हेक्टेयर भूमि शासकीय भूमि को सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक भूमि उपयोग के रूप में प्रस्तावित किया गया। जिसे दोबारा वन भूमि के रूप में दर्शाया गया है। मास्टर प्लान-2031 में कलियासोत बांध से लगकर तथा केरवा मार्ग की पूर्वी की तरफ ही ग्रीन बेल्ट की भूमि को सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक भूमि उपयोग अंतर्गत प्रस्तावित किया गया है। इसे जलग्रहण क्षेत्र एवं पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील होने के कारण दोबारा हरित क्षेत्र में रखा गया।  

मिश्रित उपयोग के लिए 18 मीटर सड़क अनिवार्य
भोपाल के मास्टर प्लान में मिश्रित उपयोग के लिए सड़क की चौड़ाई को लेकर कोई प्रावधान नहीं था। मास्टर प्लान-2031 में 12 मीटर सड़क पर मिश्रित उपयोग करने का प्रस्ताव रखा गया। इस चौड़ाई की अधिकतर सड़के कॉलोनी की होती है, जिससे रिहायशी इलाके में कमर्शियल गतिविधियों बढ़ने से प्रदूषण, पार्किग और भीड़ भाड़ की स्थिति निर्मित होगी। इसको देखते हुए मिश्रित उपयोग के लिए सड़क की चौड़ाई 18 मीटर अनिवार्य की गई है।

अरेरा कॉलोनी और चूनाभट्टी आवासीय 
शहर के पॉश इलाके अरेरा कॉलोनी, चूनाभट्टी, विजय नगर को पिछले मास्टर प्लान में आवासीय क्षेत्र घोषित किया गया है। मास्टर प्लान-2031 के ड्रॉफ्ट में इन क्षेत्र में उच्च एफएआर के साथ ही मिश्रित गतिविधियों को भी प्रस्तावित किया गया था। इन क्षेत्रों के लिए मिश्रित उपयोग गतिविधियों और एफएआर के मापदंडों को संशोधित किया गया है। अब यह क्षेत्र आवासीय ही रहेंगे। यहां पर कमर्शियल गतिविधियां बैन रहेगी। 

टीओडी कॉरिडोर की मेट्रो से दूरी कम की 
मास्टर प्लान-2031 में मेट्रो रेल के दोनों तरफ ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) पॉलिसी के तहत 500 मीटर में मिश्रित गतिविधि (आवासीय व व्यवसायिक) प्रस्तावित किया गया था। इससे 2 हजार 398 हेक्टेयर क्षेत्र में मिश्रित गतिविधियां होती। इससे शहरी अधोसंरचना जैसे सड़क, जलापूर्ति, जल निकासी आदि पर दबाव पड़ेगा। इसलिए इसे अब कम करके मेट्रो रेल के दोनों तरफ टीओडी कॉरिडोर 100 मीटर कर दिया गया। जिससे अब 514.25 हेक्टर क्षेत्रफल में भी मिश्रित गतिविधियां हो सकेंगी। 

आईएएस-आईपीएस के बंगले अवैध 
नए आवासीय क्षेत्रों में बेस एफएआर (फ्लोर एरिया रेशो) कम रखा गया है। बाकी क्षेत्रों में एफएआर पूर्व की तरह ही है। यह जोन और लैंड यूज के अनुसार अलग-अलग है। मास्टर प्लान-2031 में निम्न घनत्व आवासीय क्षेत्रों में एफएआर को बढ़ाने का प्रस्ताव था, लेकिन अब इसे पूर्व की तरह 1:0.6 ही किए जाने का प्रावधान है। इससे प्रेमपुरा, सेवनिया गौड़, बरखेड़ी खुर्द, खुदागंज, मेण्डोरी, मेण्डोरा क्षेत्र में निम्न घनत्व का निर्माण सुनिश्चित किया जा सकेगा। ऐसे में निम्न घनत्व वाले इलाके बरखेड़ी खुर्द में अधिक एफएआर के बंगले बनाने वाले आईएएस और आईपीएस के बंगले फिर अवैध हो गए हैं। वहीं, नए संशोधित मास्टर प्लान में प्रीमियम एफएआर और टीडीआर के माध्यम से अतिरिक्त एफएआर का प्रावधान किया गया है। सरकार को कलेक्टर गाइडलाइन की तय राशि देकर और टीडीआर (ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट) के रूप में किसी निजी व्यक्ति या सरकार से एफएआर खरीदने का भी प्रावधान प्रस्तावित किया गया है।

सतगढ़ी में बनेगी स्पोर्ट सिटी 
सतगढ़ी में वन/ कृषि भूमि में प्रस्तावित राजस्व भूमि पर सरकार ने स्पोर्ट सिटी प्रस्तावित की है। अत: इस भूमि को सार्वजनिक/अर्द्धसार्वजनिक प्रस्तावित की गई है। प्रस्तावित भोपाल मास्टर प्लान-2031 में भविष्य में भवन के आकार तथा ऊंचाई, लंबाई-चौड़ाई को मार्ग की चौड़ाई के आधार पर निर्माण किए जाने का प्रावधान किया जा रहा है। इसके तहत भवन का उपयोग किस उद्देश्य के लिए किया जा रहा है, इसके प्रावधान भी सड़क की चौड़ाई के आधार पर रहेंगे। नए प्रावधानों में भवन में संचालित होने वाली गतिविधियों को परिवर्तित भी किया जा सकेगा।

 
1- अवधपुरी से हताईखेड़ा तक 60 मीटर चौड़ा प्रस्तावित मार्ग का 5.02 किलोमीटर लंबे भाग को मास्टर प्लान-2005 में विलोपित किया गया। इस भाग की चौड़ाई 30 मीटर निर्धारित कर बनाने का प्रस्ताव किया गया। 
2- कोलार रोड से बिलकिसगंज तक 60 मीटर चौड़ा मार्ग का एलाइनमेंट कान्हाकुंज कॉलोनी के पास परिवर्तित कर सरकारी भूमि से करना प्रस्तावित किया गया। 
3- ग्रामीण मार्गों की चौड़ाई को 18 मीटर करना प्रस्तावित किया गया। 
4- नहरों के लिए अधिगृहित भूमि की दोनों तरफ भूमि की उपलब्धता अनुसार 15-15 मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण किया जा सकेगा। 

 
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