फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   MP News Saurabh Sharma built an empire with money from corruption 10 crores in bank accounts and property

'करप्शन किंग' का आलीशान साम्राज्य: सौरभ शर्मा के खाते में करोड़ों रुपये, मिली 23 करोड़ की प्रॉपर्टी

Mon, 30 Dec 2024 06:06 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: अरविंद कुमार Updated Mon, 30 Dec 2024 06:06 PM IST
सार

ईडी ने सौरभ शर्मा और उसके सहयोगियों के मध्यप्रदेश के तीन जिलों में आठ ठिकानों पर छापेमारी की थी। यहां से करोड़ों रुपये की संपत्ति और दस्तावेज मिले हैं।

विज्ञापन
MP News Saurabh Sharma built an empire with money from corruption 10 crores in bank accounts and property
सौरभ शर्मा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

परिवहन विभाग के पूर्व सिपाही सौरभ शर्मा को लेकर लगातार नए-नए खुलासे हो रहे हैं। इसके साथ ही एजेंसियों का शिकंजा सौरभ शर्मा पर कसता जा रहा है। प्रवर्तन निदेशालस (ईडी) के भोपाल जोनल कार्यालय ने पीएमएलए एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। 27 दिसंबर को ईडी ने सौरभ शर्मा के सहयोगी चेतन सिंह गौर, शरद जायसवाल और रोहित तिवारी के भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर स्थित आठ ठिकानों पर कार्रवाई की थी। ईडी ने यह कार्रवाई लोकायुक्त की दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू की है। ईडी की छापेमारी में सामने आया है कि सौरभ शर्मा ने अपने परिवार के सदस्यों और संबंधित फर्मों/ कंपनियों के नाम पर करोड़ों रुपये की अनुपातहीन संपत्ति अर्जित की है।

विज्ञापन


विज्ञापन


ईडी की छापेमारी में सौरभ के सहयोग चेतन सिंह गौर के नाम पर छह करोड़ रुपये से अधिक के फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) मिली है। वहीं, सौरभ शर्मा के परिवार और कंपनियों के नाम पर चार करोड़ रुपये से अधिक की राशि बैंक खातों में मिली है। इसके अलावा उसके परिवार के सदस्यों और अलग-अलग कंपनियों के नाम पर 23 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों के दस्तावेज ईडी को मिले हैं। साथ ही कई दस्तावेज भी ईडी ने बरामद किए हैं। ईडी की तरफ से बताया गया कि मामले की आगे जांच जारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बता दें कि सौरभ शर्मा पर आरोप है कि उसने परिवहन विभाग में सिपाही की नौकरी करते भ्रष्ट तरीके से धन कमाया और उसका उपयोग संपत्तियों को खरीदने में किया। सौरभ शर्मा के पिता डॉ. आरके शर्मा का 2015 में निधन हो गया था। वह स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत थे। उनकी जगह सौरभ शर्मा को परिवहन विभाग में अनुकंपा नियुक्ति 2016 में मिली। आरोप है कि इस दौरान सौरभ शर्मा ने आरटीओ चौकियों से भ्रष्टाचार कर पैसा कमाया। वहीं, 2023 में उसने नौकरी छोड़कर ठेकेदारी शुरू कर ली और कंस्ट्रक्शन कंपनी बना ली। वह होटल और स्कूल भी बना रहा था। यह भी सामने आया है कि वह पेट्रोल पंप का संचालन भी कर रहा था।


लोकायुक्त पुलिस ने सौरभ के घर पर 19 दिसंबर को रेड की थी और बेनामी संपत्ति का खुलासा किया था। लोकायुक्त को सौरभ शर्मा को उसके ठिकानों से 2.87 करोड़ रुपये नकद, जमीन में दबा कर रखी गई 234 किलो चांदी, 50 लाख कीमत के सोने के आभूषण समेत कई महंगी सामग्री मिली थी। लोकायुक्त को सौरभ के घर से करीब सात करोड़ 98 लाख रुपये की चंल संपत्ति मिली थी। इसके अलावा अचल संपत्ति के दस्तावेज अलग है, जिनकी अभी जांच की जा रही है। 

वहीं, इस कार्रवाई के बीच इनकम टैक्स विभाग ने भी एक कार से 52 किलो सोना और 11 करोड़ रुपये नकद जब्त किए हैं। यह कार भी सौरभ के सहयोगी चेतन सिंह गौर के नाम है। चेतन सिंह गौर ने पूछताछ में कार का उपयोग सौरभ शर्मा के द्वारा करने की बात कही है। फिलहाल, मामले में चार एजेंसी जांच कर रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed