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MP News: पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाहों से पंपों पर भीड़! डीलर्स बोले- मध्यप्रदेश में पर्याप्त स्टॉक
Sat, 07 Mar 2026 05:43 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Sat, 07 Mar 2026 05:43 PM IST
सार
अमेरिका-इजराइल-ईरान तनाव के बीच सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों से मध्यप्रदेश में अलग-अलग जगहाें पर कई पेट्रोल पंपों पर भीड़ जुटने की खबरे आ रही है। हालांकि पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने साफ किया है कि प्रदेश में दो से तीन माह का पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक है।
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पेट्रोल पंप (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अमेरिका-इजराइल-ईरान युद्ध के चलते नागरिकों में ईंधन की कीमतों को लेकर चिंता बढ़ गई है। मध्यप्रदेश समेत देश के कई हिस्सों में सोशल मीडिया पर अफवाहों के चलते पेट्रोल पंपों पर अचानक भीड़ देखी जा रही है। हालांकि पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने साफ किया है कि फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है और लोगों को अफवाहों से बचने की सलाह दी गई है।
मध्य प्रदेश में मांग को पूरा करने के लिए पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार है। यह जानकारी मध्य प्रदेश पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने दी है। एसोसिएशन के अनुसार, मध्य प्रदेश में सलाना पेट्रोल की खपत करीब 1200 मीट्रिक टन और डीजल की खपत करीब 1600 मीट्रिक टन है। कंपनियां हर साल की खपत के हिसाब से स्टॉक रखती हैं और आमतौर पर पिछले वर्ष की तुलना में 8 से 10 प्रतिशत अधिक आपूर्ति की योजना बनाकर चलती हैं। पेट्रोल पंपों पर करीब 4–5 दिन का, डिपो में लगभग 8 दिन का और पाइपलाइन में करीब 10 दिन का स्टॉक उपलब्ध रहता है। इसके अलावा टर्मिनल में लगभग एक महीने का भंडार रहता है और रिफाइनरी स्तर पर भी करीब 30 दिन का अतिरिक्त स्टॉक मौजूद रहता है।यदि इजरायल-ईरान युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से ईंधन प्रवाह बाधित रहता है, तो उपयोग के आधार पर मध्य प्रदेश में ईंधन भंडार 60 से 90 दिनों तक चल सकता है। मध्य प्रदेश में 3,700 पेट्रोल पंप हैं।
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अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील
मध्य प्रदेश पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा है कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। डिपो में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और अगले तीन से चार महीने तक बिना किसी बाधा के आपूर्ति की जा सकती है। कंपनियां हर साल की खपत के हिसाब से स्टॉक रखती हैं। उन्होंने बताया कि यदि लोग अफवाहों के कारण अचानक ज्यादा मात्रा में ईंधन लेने लगें तो अस्थायी दबाव बन सकता है, लेकिन सामान्य स्थिति में सप्लाई की पूरी व्यवस्था रहती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अफवाहों पर ध्यान न दें, प्रदेश में ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है।
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जमाखोरी और कालाबाजारी पर सरकार की नजर
बता दें कि अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए राज्य सरकार ने पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता की समीक्षा की है। मंत्रालय में आयोजित बैठक में अपर मुख्य सचिव खाद्य रश्मि अरुण शमी ने ऑयल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ पेट्रोल, डीजल और एलपीजी के स्टॉक की स्थिति पर चर्चा की। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में वर्तमान खपत के अनुसार पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के निर्देश भी दिए हैं।
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मध्य प्रदेश में मांग को पूरा करने के लिए पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार है। यह जानकारी मध्य प्रदेश पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने दी है। एसोसिएशन के अनुसार, मध्य प्रदेश में सलाना पेट्रोल की खपत करीब 1200 मीट्रिक टन और डीजल की खपत करीब 1600 मीट्रिक टन है। कंपनियां हर साल की खपत के हिसाब से स्टॉक रखती हैं और आमतौर पर पिछले वर्ष की तुलना में 8 से 10 प्रतिशत अधिक आपूर्ति की योजना बनाकर चलती हैं। पेट्रोल पंपों पर करीब 4–5 दिन का, डिपो में लगभग 8 दिन का और पाइपलाइन में करीब 10 दिन का स्टॉक उपलब्ध रहता है। इसके अलावा टर्मिनल में लगभग एक महीने का भंडार रहता है और रिफाइनरी स्तर पर भी करीब 30 दिन का अतिरिक्त स्टॉक मौजूद रहता है।यदि इजरायल-ईरान युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से ईंधन प्रवाह बाधित रहता है, तो उपयोग के आधार पर मध्य प्रदेश में ईंधन भंडार 60 से 90 दिनों तक चल सकता है। मध्य प्रदेश में 3,700 पेट्रोल पंप हैं।
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अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील
मध्य प्रदेश पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा है कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। डिपो में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और अगले तीन से चार महीने तक बिना किसी बाधा के आपूर्ति की जा सकती है। कंपनियां हर साल की खपत के हिसाब से स्टॉक रखती हैं। उन्होंने बताया कि यदि लोग अफवाहों के कारण अचानक ज्यादा मात्रा में ईंधन लेने लगें तो अस्थायी दबाव बन सकता है, लेकिन सामान्य स्थिति में सप्लाई की पूरी व्यवस्था रहती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अफवाहों पर ध्यान न दें, प्रदेश में ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है।
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जमाखोरी और कालाबाजारी पर सरकार की नजर
बता दें कि अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए राज्य सरकार ने पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता की समीक्षा की है। मंत्रालय में आयोजित बैठक में अपर मुख्य सचिव खाद्य रश्मि अरुण शमी ने ऑयल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ पेट्रोल, डीजल और एलपीजी के स्टॉक की स्थिति पर चर्चा की। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में वर्तमान खपत के अनुसार पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के निर्देश भी दिए हैं।
