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MP News: MSC नर्सिंग प्रवेश पर सवाल,वेबसाइट बंद, सीटें खाली, तारीखों पर असमंजस,हाईकोर्ट ने काउंसिल को तलब किया
Sat, 13 Dec 2025 04:59 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Sat, 13 Dec 2025 04:59 PM IST
सार
एमएससी नर्सिंग प्रवेश प्रक्रिया में अव्यवस्था को लेकर हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है। वेबसाइट बंद होने और प्रवेश तिथियों को लेकर भ्रम पर अदालत ने नर्सिंग काउंसिल से जवाब मांगा है और 15 दिसंबर को व्यक्तिगत उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। हजारों खाली सीटों के बीच प्रवेश प्रक्रिया पर सवाल खड़े हुए हैं।
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नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश में एमएससी नर्सिंग प्रवेश प्रक्रिया की अव्यवस्था अब न्यायिक जांच के दायरे में आ गई है। हाईकोर्ट ने प्रवेश से जुड़े मामलों को गंभीर मानते हुए नर्सिंग काउंसिल से जवाब तलब किया है और 15 दिसंबर को संबंधित अधिवक्ता को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। मामला एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार और अन्य अभ्यर्थियों की याचिका से जुड़ा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि प्रदेश में हजारों नर्सिंग सीटें खाली होने के बावजूद प्रवेश प्रक्रिया समय पर और पारदर्शी ढंग से पूरी नहीं की जा रही। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय ने अदालत को बताया कि काउंसलिंग की समय-सारणी जारी होने के बाद भी नर्सिंग काउंसिल की वेबसाइट बंद है, जिससे योग्य उम्मीदवार आवेदन और जानकारी से वंचित हो रहे हैं।
हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी
हाईकोर्ट ने इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए सवाल किया कि जब सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 तक बढ़ाई गई है, तो एमएससी नर्सिंग को इससे अलग क्यों रखा गया। अदालत ने भारतीय नर्सिंग परिषद से भी इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख पेश करने को कहा है।
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एमएससी नर्सिंग प्रवेश को लेकर क्या ठोस व्यवस्था की गई
अदालत ने यह भी निर्देश दिए कि संबंधित याचिका और पत्राचार भारतीय नर्सिंग परिषद के अधिवक्ता को उपलब्ध कराए जाएं, ताकि परिषद की ओर से स्थिति स्पष्ट की जा सके। वहीं, मध्यप्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल के अधिवक्ता को 15 दिसंबर को अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर यह बताने को कहा गया है कि एमएससी नर्सिंग प्रवेश को लेकर क्या ठोस व्यवस्था की गई है।
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हजारों विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटका
याचिकाकर्ता रवि परमार ने कहा कि तकनीकी खामियों, अस्पष्ट आदेशों और देरी के कारण हजारों विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। उन्होंने मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए एमएससी नर्सिंग में भी प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़ाई जाए और पूरी प्रक्रिया को तुरंत सुचारु किया जाए।
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हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी
हाईकोर्ट ने इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए सवाल किया कि जब सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 तक बढ़ाई गई है, तो एमएससी नर्सिंग को इससे अलग क्यों रखा गया। अदालत ने भारतीय नर्सिंग परिषद से भी इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख पेश करने को कहा है।
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एमएससी नर्सिंग प्रवेश को लेकर क्या ठोस व्यवस्था की गई
अदालत ने यह भी निर्देश दिए कि संबंधित याचिका और पत्राचार भारतीय नर्सिंग परिषद के अधिवक्ता को उपलब्ध कराए जाएं, ताकि परिषद की ओर से स्थिति स्पष्ट की जा सके। वहीं, मध्यप्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल के अधिवक्ता को 15 दिसंबर को अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर यह बताने को कहा गया है कि एमएससी नर्सिंग प्रवेश को लेकर क्या ठोस व्यवस्था की गई है।
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हजारों विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटका
याचिकाकर्ता रवि परमार ने कहा कि तकनीकी खामियों, अस्पष्ट आदेशों और देरी के कारण हजारों विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। उन्होंने मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए एमएससी नर्सिंग में भी प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़ाई जाए और पूरी प्रक्रिया को तुरंत सुचारु किया जाए।
