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MP News: मंंत्री तोमर बोले- 2023 की GIS मील का पत्थर साबित होगी, शरबती गेहूं के घटते उत्पादन पर यह जवाब दिया

Fri, 13 Jan 2023 06:42 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Fri, 13 Jan 2023 06:42 PM IST
सार

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा आयोजन हुआ। इसमें देश के अलावा 84 देशों से निवेशक आये। उन्होंने मध्य प्रदेश के प्रजेंटेशन को देखा है। मुझे लगता है कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट काफी सफल रही है। इसके माध्यम से इन्वेस्टमेंट आएगा और मध्य प्रदेश के विकास में इन्वेस्टर्स समिट का एक बड़ा योगदान रहेगा।

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MP News: Narendra Tomar said- GIS of 2023 will prove to be a milestone, gave this answer on the decreasing pro
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश की दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) में सरकार ने 15.42 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिलने का दावा किया है। इससे प्रदेश में लाखों रोजगार के अवसर भी आने की बात कही है। 7वें ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को लेकर अमर उजाला ने केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह  तोमर से बात की। तोमर ने कहा कि 2023 की ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट मध्य प्रदेश के लिए मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने प्रदेश में शरबती गेहूं के घटते उत्पादन को लेकर पूछे सवाल पर भी अपनी बात रखी।
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सवाल- ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट-2023 में निवेश के आए प्रस्ताव को कैसे देखते है?
जवाब- ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा आयोजन हुआ। इसमें देश के अलावा 84 देशों से निवेशक आये। उन्होंने मध्य प्रदेश के प्रजेंटेशन को देखा है। मुझे लगता है कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट काफी सफल रही है। इसके माध्यम से इन्वेस्टमेंट आएगा और मध्य प्रदेश के विकास में इन्वेस्टर्स समिट का एक बड़ा योगदान रहेगा।
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सवाल- केंद्र सरकार की तरफ से समिट में आए प्रस्ताव को जमीन पर उतारने में किस तरह मदद की जाएगी?  
जवाब- केंद्र सरकार किसी भी राज्य के विकास के पथ पर बढ़ने के लिए कदम से कदम मिला कर खड़ी रहती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अद्योसंरचना विकास, देश में इन्वेस्टमेंट लाने, मेन इन इंडिया की दृष्टि से अनेक आवश्यक सुधार करने का काम किया गया है। पहले भी मध्य प्रदेश को पूर्व में अयोजित इन्वेस्टर्स समिट का लाभ भी मिला है। ग्वालियर से लेकर इंदौर, इंदौर से लेकर भोपाल तक आज जो काम हो रहे है और जितने प्रोजेक्ट आ रहे है। यह सब मध्य प्रदेश सरकार के प्रयासो का ही परिणाम है। मैं समझता हूं कि 2023 की इन्वेस्टर्स समिट मध्य प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होगी।
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सवाल- प्रदेश में शरबती गेहूं का उत्पादन कम होते जा रहा है? इस पर निवेशकों ने चिंता जताई हैं?  
जवाब- स्वाभाविक रूप से हमारे यहां पर बासमती चावल, शरबती गेहूं यह बहुत अच्छी क्राप है। निरंतर इस दिशा में काम हो रहा है। कभी कभी मौसम की मार पड़ती है। उसके कारण कोई उत्पादन प्रभावित होता है और कभी ज्यादा बढ़ जाता है। इस बार गेहूं बहुत अच्छा है। सरसों भी बहुत अच्छा है। रकबा भी बहुत अच्छा है। कभी प्रतिकूल परिस्थिती आ जाती है। कृषि पर प्राकृतिक मार पड़ती रहती हैं।

 
बता दें प्रदेश में करीब 1 करोड़ 35 लाख हेक्टेयर जमीन में से 95 लाख हेक्टेयर में गेहूं का उत्पादन होता है। इसमें शरबती गेहूं का रकबा लगातार कम हो रहा है। दरअसल किसान ज्यादा उत्पादन वाली पूर्णा जैसी गेहूं की किस्म की बुआई कर रहे हैं। इसका कारण शरबती गेहूं का उत्पादन कम होना और लागत ज्यादा होना बताया जा रहा है। इसको लेकर जीआईएस समिट में आए निवेशकोंं ने सरकार को शरबती गेहूं की विदेशों में मांग के चलते इस पर रिसर्च करने के सुझाव दिए हैं। 
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