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MP News: एमपी सरकार दुष्कर्म के दोषी को 25 लाख मुआवजा दे, कोर्ट बोला- सजा पूरी होने पर रिहा क्यों नहीं किया
Mon, 08 Sep 2025 09:16 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Mon, 08 Sep 2025 09:16 PM IST
सार
सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को एक दुष्कर्म के आरोपी को 25 लाख रुपए मुआवजा देने केआदेश दिए है। दरअसल दोषी 7 साल की सजा पूरी करने के बावजूद साढ़े चार साल जेल में रहा। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की कि सजा पूरी हो गई तो रिहा क्यों नहीं किया?
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश सरकार को आदेश दिया है कि रेप केस में सजा पूरी कर चुके एक दोषी को 25 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। आरोपी को सात साल की सजा सुनाई गई थी, लेकिन प्रशासनिक चूक के कारण उसे साढ़े चार साल से ज्यादा अतिरिक्त जेल में रखा गया। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने इस मामले में प्रदेश सरकार को जमकर फटकारा। कोर्ट ने इसे सरकार की “गंभीर चूक” बताया। अदालत ने कहा कि अतिरिक्त कैद किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है। अदालत ने पूरे मामले में प्रशासनिक विफलता को जिम्मेदार ठहराया। सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश सरकार को दोषी को 25 लाख रुपये देने का आदेश दिया। अदालत ने कहा कि इस तरह की अवैध कैद न केवल व्यक्ति के अधिकारों का हनन है बल्कि न्याय व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है।
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कैसे खुला मामला
यह मामला सागर जिले के सोहन सिंह उर्फ बबलू से संबंधित है। 2004 में ट्रायल कोर्ट ने उसे रेप केस में उम्रकैद की सजा सुनाई थी। बाद में उसने हाईकोर्ट में अपील की। अक्टूबर 2007 में हाईकोर्ट ने उसकी सजा घटाकर सात साल कर दी। तय अवधि 2021 में पूरी हो चुकी थी, लेकिन इसके बावजूद उसे रिहा नहीं किया गया। यह केस लीगल एड के जरिए वरिष्ठ अधिवक्ता महफूज ए. नाजकी तक पहुंचा। उन्होंने जेल प्रशासन और लीगल एड टीम से संपर्क किया। इसके बाद 6 जून 2025 को सोहन सिंह को जेल से रिहा किया गया। जब उसने मुआवजे की मांग की तो अदालत ने पाया कि उसने 4 साल 7 महीने अतिरिक्त जेल में काटे हैं।
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कैसे खुला मामला
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