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MP News: वैश्विक शिखर सम्मेलन 2024 का शुभारंभ, सीएम ने कहा- हमारी आध्यात्मिकता हमें विश्व गुरु बना सकती है
Sat, 16 Nov 2024 10:08 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Sat, 16 Nov 2024 10:08 PM IST
सार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारत की ताकत उसकी आध्यात्मिकता है। उन्होंने कहा कि भारत एकमात्र ऐसा देश है, जिसने समर्थ होते हुए भी कभी किसी पर आक्रमण नहीं किया। हमारी आध्यात्मिकता हमें बुरे समय में संरक्षण और सहयोग प्रदान करती है और यही ताकत हमें विश्व गुरु बना सकती है।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को नीलबड़ स्थित ब्रह्माकुमारीज सुख शांति भवन मेडिटेशन रिट्रीट सेंटर में आयोजित ''''वैश्विक शिखर सम्मेलन 2024'''' के प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस वर्ष का मुख्य विषय "आध्यात्मिकता द्वारा स्वस्थ एवं स्वच्छ समाज" था। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की ताकत उसकी आध्यात्मिकता है। उन्होंने कहा कि भारत एकमात्र ऐसा देश है, जिसने समर्थ होते हुए भी कभी किसी पर आक्रमण नहीं किया। हमारी आध्यात्मिकता हमें बुरे समय में संरक्षण और सहयोग प्रदान करती है और यही ताकत हमें विश्व गुरु बना सकती है। डॉ. यादव ने कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी बहनों को प्रतीकात्मक ''''ज्ञान कलश'''' अर्पित करते हुए ''''आध्यात्मिकता द्वारा स्वस्थ एवं स्वच्छ समाज अभियान'''' की शुरुआत की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व में शांति, सह-अस्तित्व, विकास और सभी प्रकार के मानवोचित भाव को जागृत करने के लिए द्वितीय विश्व युद्ध के बाद संयुक्त राष्ट्र संघ को एक मंच के रूप में स्थापित किया गया। यह सत्य है कि यह मंच पिछली सदी में बना लेकिन भारत में आदिकाल से एक गुरुत्व शक्ति रही है। इससे ही भारत की पहचान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे इसी जीवन की सारी तपस्या और साधना अंतत: हमारे शरीर के साथ आई और शरीर के साथ जाएगी। भगवान श्रीकृष्ण ने 5 हजार साल पहले गीता में यही कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो इस शरीर में है वही ब्रह्माण्ड में है। कहा भी गया है "यत् पिण्डे तत् ब्रह्माण्डे"। आज मानव शरीर की किसी विकृति को दूर करने के लिए चिकित्सा विज्ञान भी मानव शरीर से ही अवयव प्राप्त करता है। अस्पतालों में बैंक बनाकर गर्भ नाल और अन्य मानव अंग सुरक्षित रखे जा रहे हैं, जो शल्य चिकित्सा और प्रत्यारोपण के माध्यम से जीवन देने का कार्य करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने संस्था द्वारा वैश्विक शिखर सम्मेलन के आयोजन की प्रशंसा की।
आध्यात्मिकता से समाज का उत्थान
मुख्य वक्ता राजयोगिनी पुष्पा दीदी ने कहा कि आध्यात्मिक जीवन से आंतरिक शांति, नैतिक मूल्य और आत्मबल प्राप्त होता है। यह जीवन को सकारात्मक और आदर्श दिशा प्रदान करता है। राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी जयंती दीदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कहा कि भारत का आध्यात्मिक ज्ञान और राजयोग शिक्षा विश्व को एक नई दिशा देंगे। उन्होंने कहा कि हम सब एक परमात्मा की संतान हैं, और यह भावना आपसी सद्भाव और स्वच्छ समाज की अवधारणा को साकार करेगी। कार्यक्रम का संचालन रामकुमार जी ने किया। सुख शांति भवन की निर्देशिका, राजयोगिनी नीता दीदी ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि विधानसभा के प्रमुख सचिव अवधेश प्रताप सिंह ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर भोपाल की महापौर मालती राय और विधायक रामेश्वर शर्मा भी उपस्थित रहे। यह आयोजन आध्यात्मिकता की शक्ति और समाज में उसकी सकारात्मक भूमिका पर एक नई दृष्टि प्रस्तुत करता है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व में शांति, सह-अस्तित्व, विकास और सभी प्रकार के मानवोचित भाव को जागृत करने के लिए द्वितीय विश्व युद्ध के बाद संयुक्त राष्ट्र संघ को एक मंच के रूप में स्थापित किया गया। यह सत्य है कि यह मंच पिछली सदी में बना लेकिन भारत में आदिकाल से एक गुरुत्व शक्ति रही है। इससे ही भारत की पहचान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे इसी जीवन की सारी तपस्या और साधना अंतत: हमारे शरीर के साथ आई और शरीर के साथ जाएगी। भगवान श्रीकृष्ण ने 5 हजार साल पहले गीता में यही कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो इस शरीर में है वही ब्रह्माण्ड में है। कहा भी गया है "यत् पिण्डे तत् ब्रह्माण्डे"। आज मानव शरीर की किसी विकृति को दूर करने के लिए चिकित्सा विज्ञान भी मानव शरीर से ही अवयव प्राप्त करता है। अस्पतालों में बैंक बनाकर गर्भ नाल और अन्य मानव अंग सुरक्षित रखे जा रहे हैं, जो शल्य चिकित्सा और प्रत्यारोपण के माध्यम से जीवन देने का कार्य करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने संस्था द्वारा वैश्विक शिखर सम्मेलन के आयोजन की प्रशंसा की।
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आध्यात्मिकता से समाज का उत्थान
मुख्य वक्ता राजयोगिनी पुष्पा दीदी ने कहा कि आध्यात्मिक जीवन से आंतरिक शांति, नैतिक मूल्य और आत्मबल प्राप्त होता है। यह जीवन को सकारात्मक और आदर्श दिशा प्रदान करता है। राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी जयंती दीदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कहा कि भारत का आध्यात्मिक ज्ञान और राजयोग शिक्षा विश्व को एक नई दिशा देंगे। उन्होंने कहा कि हम सब एक परमात्मा की संतान हैं, और यह भावना आपसी सद्भाव और स्वच्छ समाज की अवधारणा को साकार करेगी। कार्यक्रम का संचालन रामकुमार जी ने किया। सुख शांति भवन की निर्देशिका, राजयोगिनी नीता दीदी ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि विधानसभा के प्रमुख सचिव अवधेश प्रताप सिंह ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर भोपाल की महापौर मालती राय और विधायक रामेश्वर शर्मा भी उपस्थित रहे। यह आयोजन आध्यात्मिकता की शक्ति और समाज में उसकी सकारात्मक भूमिका पर एक नई दृष्टि प्रस्तुत करता है।
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