फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   MP News: Government will buy cow dung on the lines of Chhattisgarh, will make manure-paint, Cow-Promotion Boar

MP News: छत्तीसगढ़ की तर्ज पर गोबर खरीदेगी सरकार, खाद-पेंट बनाएंगे, गौ-संवर्धन बोर्ड ने बनाई योजना

Sat, 15 Apr 2023 05:42 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Sat, 15 Apr 2023 05:42 PM IST
सार

मध्यप्रदेश सरकार भी छत्तीसगढ़ की तर्ज पर गाय का गोबर खरीदेगी। इसके लिए गौ-संवर्धन बोर्ड ने प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को भेज दिया है। 

विज्ञापन
MP News: Government will buy cow dung on the lines of Chhattisgarh, will make manure-paint, Cow-Promotion Boar
गाय - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

छत्तीसगढ़ की तर्ज पर जल्द ही मध्य प्रदेश सरकार भी किसानों से गाय का गोबर खरीदेगी। सरकार गोबर से खाद और पेंट बनवाएगी। इसका उद्देश्य गौ-शालाओं को आत्मनिर्भर बनाना और ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को मजबूती देना है। 

विज्ञापन

राज्य सरकार ने एक समिति गठित की थी, जिसने हाल ही में छत्तीसगढ़ का दौरा किया था। समिति ने छत्तीसगढ़ सरकार का गोबर खरीदने का मॉडल समझा। गोबर खरीदने की प्रक्रिया को समझकर उसके आधार पर एक रिपोर्ट तैयार की है। यह रिपोर्ट राज्य सरकार को भेज दी है। छत्तीसगढ़ सरकार के मॉडल से मध्य प्रदेश का मॉडल अलग होगा।  
विज्ञापन


गौ-शालाओं को आत्मनिर्भर बनाना है लक्ष्य : गिरि
मध्य प्रदेश गौ-संवर्धन बोर्ड के अध्यक्ष अखिलेश्वरानंद गिरि के नेतृत्व में टीम छत्तीसगढ़ गई थी। गिरि ने बताया कि उन्होंने अपनी रिपोर्ट सरकार को भेज दी है। हमारा उद्देश्य सड़क पर घूमने वाले जानवरों की देखभाल के लिए लोगों को जागरूक करना और प्रदेश की गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


1758 गौशालाएं हैं प्रदेश में 
प्रदेश में 1758 गौशालाएं संचालित हो रही हैं, जिनमें दो लाख 76 हजार गौवंश हैं। 1500 गौशालाएं निर्माणाधीन हैं। इनका निर्माण पूरा होने पर करीब डेढ़ लाख गौवंश गौशालाओं में पहुंच जाएगा। उन्होंने बताया कि सड़कों पर करीब साढ़े चार लाख गौवंश हैं। 


पशुओं को बांधकर रखेंगे पालक
सरकार दो रुपये प्रति किलो की दर से गोबर खरीदेंगी। एक पशु एक दिन में 10 किलो गोबर करता है। ऐसे में किसान या गोपालक अपने पशुओं को बांधकर रखेंगे। उन्हें खुला नहीं छोड़ेंगे। इससे सड़क किनारे घूमने वाले पशुओं की संख्या में कमी आएगी। आवारा पशुओं के लिए सड़क किनारे ही गौ-आश्रय तैयार कराने की सिफारिश की गई है। जहां चरवाहे उनकी देखभाल करेंगे। उनसे भी सरकार गोबर खरीदेगी। इस गोबर को गौशालाओं में प्रोसेस किया जाएगा। 

यह होगा गोबर का इस्तेमाल

  • गौ-शालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गोबर को प्रोसेस करने के गोबर गैस प्लांट लगाए जाएंगे। 
  • इनसे बायो-सीएनजी बनाई जाएगी। दूसरा प्राकृतिक पेंट का निर्माण किया जाएगा। 
  • पेंट सरकार बिल्डिंगों की पुताई में उपयोग करेगी। 
  • फास्फेट युक्त जैविक खाद और केंचुएं की मदद से खाद बनाई जाएगी। इसे किसानों को सब्सिडी पर उपलब्ध कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed