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MP News: सरकारी आवास पर कब्जे को लेकर जीएडी ने डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे को भेजा नोटिस, बांगरे ने दिया जवाब
Sat, 24 Jun 2023 07:10 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Sat, 24 Jun 2023 07:10 PM IST
सार
डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे ने एक बयान जारी कर सरकार की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई लोग अवैध रूप से सरकारी आवास में रह रहे हैं, लेकिन उन पर कोई सवाल नहीं उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मैं डरूंगी नहीं मुकाबला करूंगी। मैं घबराने वाली नहीं हूं।
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एसडीएम निशा बांगरे
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छतरपुर में डिप्टी कलेक्टर पद पर पदस्थ निशा बांगरे के इस्तीफा देने के बाद मुसीबतें लगातार बढ़ रही हैं। बांगरे को अब सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने नोटिस भेजा है। जिसमें भोपाल से ट्रांसफर होने के बाद भी सरकारी आवास पर अवैध कब्जे के लिए कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।
बता दें कि छतरपुर के लवकुश नगर में एसडीएम निशा बांगरे ने 22 जून को इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा था कि वे अपने घर के उद्घाटन कार्यक्रम और विश्व शांति सम्मेलन में तथागत बुद्ध की अस्थियों के दर्शन के कार्यक्रम में शामिल नहीं होने देने से व्यथित हैं। इसके अगले ही दिन उनको बैक डेट में (22 जून) बैतूल अपर कलेक्टर ने सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश का हवाला देकर जवाब मांगा। इसमें कहा गया कि आपने अनुमति नहीं मिलने के बावजूद अंतर्राष्ट्रीय सर्वधर्म शांति सम्मेलन एवं विश्व शांति पुरस्कार सम्मान समारोह के सर्वधर्म शांति एवं शिक्षा केंद्र के लोकार्पण कार्यक्रम का प्रचार प्रसार किया और भाग ले रही हैं। इस पत्र में उनसे 23 जून को ही जवाब न देने पर एकपक्षीय कार्यवाही करने को कहा गया। इसके बाद अब उनको जीएडी ने भोपाल के चार इमली स्थित बंगले में अवैध रूप से कब्जा रखने पर कार्रवाई करने की बात कही है। इस पत्र में आरोप है कि बांगरे ने चार इमली में अवैध तरीके से बंगले पर कब्जा किया हुआ है, जिसे नोटिस देने के बाद भी खाली नहीं किया।
सरकार का रवैया तानाशाह वाला, मैं नहीं डरने वाली नहीं
इस पूरे मामले के बाद डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे ने एक बयान जारी कर बताया कि नवंबर 2022 में मेरा ट्रांसफर छतरपुर हुआ था। वहां सरकारी आवास ना मिलने के कारण साढ़े चार महीने रेस्ट हाउस में अपने परिवार के साथ रही। इसलिए सामान भोपाल के आवास में रखा था। इस दौरान मुझे कोई नोटिस भी जारी नहीं किया गया। बांगरे ने आरोप लगाया कि मेरे इस्तीफा देने के बाद शासन तानाशाही पूर्वक काम करते हुए मेरे खिलाफ षड्यंत्र कर रही है। यही वजह है कि मुझे नोटिस पर नोटिस भेजे जा रहे हैं। उन्होंने सरकार की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई लोग अवैध रूप से सरकारी आवास में रह रहे हैं, लेकिन उन पर कोई सवाल नहीं उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मैं डरूंगी नहीं मुकाबला करूंगी। मैं घबराने वाली नहीं हूं।
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बता दें कि छतरपुर के लवकुश नगर में एसडीएम निशा बांगरे ने 22 जून को इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा था कि वे अपने घर के उद्घाटन कार्यक्रम और विश्व शांति सम्मेलन में तथागत बुद्ध की अस्थियों के दर्शन के कार्यक्रम में शामिल नहीं होने देने से व्यथित हैं। इसके अगले ही दिन उनको बैक डेट में (22 जून) बैतूल अपर कलेक्टर ने सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश का हवाला देकर जवाब मांगा। इसमें कहा गया कि आपने अनुमति नहीं मिलने के बावजूद अंतर्राष्ट्रीय सर्वधर्म शांति सम्मेलन एवं विश्व शांति पुरस्कार सम्मान समारोह के सर्वधर्म शांति एवं शिक्षा केंद्र के लोकार्पण कार्यक्रम का प्रचार प्रसार किया और भाग ले रही हैं। इस पत्र में उनसे 23 जून को ही जवाब न देने पर एकपक्षीय कार्यवाही करने को कहा गया। इसके बाद अब उनको जीएडी ने भोपाल के चार इमली स्थित बंगले में अवैध रूप से कब्जा रखने पर कार्रवाई करने की बात कही है। इस पत्र में आरोप है कि बांगरे ने चार इमली में अवैध तरीके से बंगले पर कब्जा किया हुआ है, जिसे नोटिस देने के बाद भी खाली नहीं किया।
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सरकार का रवैया तानाशाह वाला, मैं नहीं डरने वाली नहीं
इस पूरे मामले के बाद डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे ने एक बयान जारी कर बताया कि नवंबर 2022 में मेरा ट्रांसफर छतरपुर हुआ था। वहां सरकारी आवास ना मिलने के कारण साढ़े चार महीने रेस्ट हाउस में अपने परिवार के साथ रही। इसलिए सामान भोपाल के आवास में रखा था। इस दौरान मुझे कोई नोटिस भी जारी नहीं किया गया। बांगरे ने आरोप लगाया कि मेरे इस्तीफा देने के बाद शासन तानाशाही पूर्वक काम करते हुए मेरे खिलाफ षड्यंत्र कर रही है। यही वजह है कि मुझे नोटिस पर नोटिस भेजे जा रहे हैं। उन्होंने सरकार की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई लोग अवैध रूप से सरकारी आवास में रह रहे हैं, लेकिन उन पर कोई सवाल नहीं उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मैं डरूंगी नहीं मुकाबला करूंगी। मैं घबराने वाली नहीं हूं।
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