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MP News: देश में पहली बार चुनाव से पहले विधायक ने मांगा- जनादेश, पाठक ने जनता से पूछा चुनाव लडू या नहीं?

Mon, 21 Aug 2023 06:55 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Mon, 21 Aug 2023 06:55 PM IST
सार

कटनी के विजयराघवगढ़ विधानसभा से विधायक संजय पाठक ने जनता के आदेश पर ही चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। इसके लिए वह 21 अगस्त से 25 अगस्त तक वोटिंग करा रहे है।

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MP News: For the first time in the country, voting in the name of public order, the MLA asked the public wheth
विधायक संजय पाठक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश के विजयराघवगढ़ विधानसभा क्षेत्र से विधायक संजय पाठक चुनाव लड़ने अनोखे तरीके से जनता से आदेश मांगा है। जनता से वोटिंग करा कर पूछ रहे है कि मैं चुनाव लड़ू या नहीं नहीं। पाठक का कहना है कि 50 प्रतिशत कम वोट मिले तो चुनाव नहीं लड़ूगा।  
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कटनी के विजयराघवगढ़ विधानसभा से विधायक संजय पाठक ने जनता के आदेश पर ही चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। इसके लिए वह 21 अगस्त से 25 अगस्त तक वोटिंग करा रहे है। इसमें मत पेटियों में जनता से वोटिंग कराई जा रही है। कार्यकर्ता मतदान पेटिंया लेकर गांव-गांव और बूथ स्तर तक जाएंगे। पांच दिन तक लोगों से वोटिंग कराई जाएगी। इसके लिए एक मतदान पर्चा छपाया गया। जिसमें लिखा है कि क्या आप अपने संजय सत्येंद्र पाठक को पुन: अपना विधायक बनाना चाहते है। इसमें हां और नहीं के दो विकल्प दिए गए है। जिनमें से एक पर टिक कर पर्चे को मतदान पेटी में डालना है। पेटियों को सील किया गया है। एक व्यक्ति एक ही बार वोट कर सकेंगा। 25 अगस्त को वोटिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही मतगणना की जाएगी। संजय पाठक ने दावा किया है कि यदि उनको 50 प्रतिशत लोगों के मत नहीं मिले तो वह चुनाव नहीं लड़ेंगे। 
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पार्टी आलाकमान तय करे
विधायक संजय पाठक ने बताया पद महत्वपूर्ण नहीं है। पार्टी आलाकमान जिसको चाहे टिकट दे। मुझे स्वीकार है। जनता तय करेगी मेरे भाग्य का फैसला। इन्होंने कहा कि अगर आपको लगे कि मैंने कोई काम नहीं किया तो आप मना कर देना।

सेवा भाव बाबू जी से मिला
पाठक ने कहा कि बाबूजी हमेशा से आपके लिए सेवाभाव करते थे। विजयराघवगढ़ मेरा परिवार है। आपकी सेवा हमेशा से करता आया हूं और आगे भी करता रहूंगा। पद महत्वपूर्ण नहीं है। सेवाभाव जरूरी है। बाबूजी से हमने यही विरासत में पाया है।
 
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