फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   MP News: Five medicines given to children turned out to be defective, MPMCCL blacklisted 19 medicines

MP News: बच्चों को दी जाने वाली 5 दवाएं निकली खराब, एमपीएमसीसीएल ने 19 दवाओं को किया ब्लैकलिस्ट

Fri, 10 Oct 2025 12:27 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Fri, 10 Oct 2025 12:27 PM IST
सार

मध्य प्रदेश मेडिकल कॉर्पोरेशन ने इस साल गुणवत्ता खराब होने से 19 दवाओं को ब्लैकलिस्ट किया, जिनमें 5 बच्चों वाली दवाएं जैसे पेरासिटामोल ड्रॉप्स और जेंटामाइसिन शामिल हैं। इससे सरकारी अस्पतालों में बच्चों की दवाओं की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। 

विज्ञापन
MP News: Five medicines given to children turned out to be defective, MPMCCL blacklisted 19 medicines
दवाईयां - फोटो : एएनआई

विस्तार

मध्यप्रदेश मेडिकल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMCCL) ने घटिया गुणवत्ता के कारण इस साल अब तक 19 दवाओं को ब्लैकलिस्ट किया है। इनमें से 5 दवाएं ऐसी हैं जो बच्चों को दी जाती थीं, जिससे सरकारी अस्पतालों में बच्चों को दी जा रही दवाओं की गुणवत्ता को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई है। इन ब्लैकलिस्ट दवाओं में पेरासिटामोल ड्रॉप्स, जेंटामाइसिन इंजेक्शन, थायमिन टैबलेट्स, मल्टीविटामिन टैबलेट्स और एस्कॉर्बिक एसिड (विटामिन C) शामिल हैं। इन दवाओं का उपयोग आमतौर पर बुखार, दर्द, पोषण की कमी और संक्रमण जैसी समस्याओं में बच्चों को दिया जाता है। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  भोपाल में निवेशक से 35.75 करोड़ की धोखाधड़ी: फर्जी शेयर और बंद खाते के चेक दे दिए, EOW ने दर्ज की FIR
विज्ञापन


मार्च 2025 में पेरासिटामोल ड्रॉप्स को गुणवत्ता परीक्षण में असफल पाए जाने के बाद प्रतिबंधित किया गया था। वहीं, जेंटामाइसिन इंजेक्शन (40 mg/ml), जो आंखों और बैक्टीरियल संक्रमण के इलाज में प्रयुक्त होती थी, को अक्टूबर 2025 में ब्लैकलिस्ट किया गया। थायमिन टैबलेट्स IP 100 mg, जो बच्चों में विटामिन B1 की कमी दूर करने के लिए दी जाती थीं, जनवरी 2025 में बाजार से हटाई गईं। मल्टीविटामिन टैबलेट्स, जिनमें बी-कॉम्प्लेक्स और विटामिन C शामिल हैं, मई माह में गुणवत्ता जांच में फेल पाई गईं। वहीं एस्कॉर्बिक एसिड (विटामिन C 100 mg), जो बच्चों की इम्युनिटी बढ़ाने के लिए दी जाती थी, को मई 2025 में ही ब्लैकलिस्ट किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- MP News: गिले-शिकवे को भूलकर 'यंग ब्रिगेड' को साथ ला रहे दिग्विजय सिंह, सिंघार के साथ बंद कमरे में की मीटिंग

एमपी खाद्य एवं औषधि प्रशासन  ने भी बच्चों के लिए दी जाने वाली दवाओं की गुणवत्ता को लेकर जांच का दायरा बढ़ा दिया है। हाल ही में बच्चों में प्रतिकूल दवा प्रतिक्रिया की रिपोर्टों के बाद यह कार्रवाई की गई है।  खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारी ने बताया कि जिन दवाओं के नमूने फेल पाए गए हैं, उन्हें तुरंत प्रतिबंधित कर दिया गया है। वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति दवा नियंत्रण प्रणाली की गंभीर खामियों की ओर इशारा करती है। साथ ही सवाल उठाया है कि सरकार को प्रतिबंधित दवाओं वाली कंपनियों की भी जांच करने की पहल करनी चाहिए। इससे गड़बड़ियां पर रोक लगेगी। बता दें  छिंदवाड़ा की घटना के बाद दवाओं की गुणवत्ता को लेकर सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है।

ये भी पढ़ें- सीएम आफिस का स्मार्ट प्लॉन: हर विधानसभा क्षेत्र में VC की सुविधा शुरू होगी, प्रशासनिक प्रक्रियाएं तेज होगी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed