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MP News: गांधी सागर अभयारण्य में मादा चीता धीरा को छोड़ा, कूनो के बाद अब बनेगा दूसरा ठिकाना

Wed, 17 Sep 2025 08:26 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Wed, 17 Sep 2025 08:26 PM IST
सार

 प्रोजेक्ट चीता ने 17 सितंबर को एक और उपलब्धि दर्ज की। साढ़े सात साल की मादा चीता ‘धीरा’ को गांधीसागर अभयारण्य में छोड़ा गया। यहां पहले से मौजूद दो नर चीतों के साथ अब प्रजनन की संभावना मजबूत हुई है।

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MP News: Female cheetah Dhira released in Gandhi Sagar Sanctuary, first leap marks the beginning of a new chap
गांधी सागर में मादा चीता धीरा को छोड़ा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

7 सितंबर 2025 को प्रोजेक्ट चीता ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। लगभग साढ़े सात वर्षीया मादा चीता 'धीरा' को गांधीसागर अभयारण्य के जंगल में सफलतापूर्वक छोड़ा गया। यह अभयारण्य इस परियोजना का दूसरा स्थल है। सुबह कुनो राष्ट्रीय उद्यान से शुरू हुए इस ऑपरेशन में वन विभाग की वरिष्ठ टीम, वेटरनरी विशेषज्ञ और फील्ड स्टाफ हर चरण पर बारीकी से नजर रखे रहे। धीरा को विशेष रूप से तैयार एयर-कंडीशंड वाहन से सात घंटे की यात्रा कर सुरक्षित कूनो से गांधीसागर लाया गया। दोपहर करीब दो बजे काफिला यहां पहुंचा।
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नए घर में धीरा की पहली छलांग
पिंजरे का दरवाजा खुलते ही धीरा ने कुछ पल ठहरकर अनजान जंगल को देखा और फिर फूर्ति से बाहर निकल पड़ी। उसकी पहली छलांग ने गांधीसागर में चीता संरक्षण के नए अध्याय की शुरुआत कर दी। गांधीसागर में इससे पहले दो नर चीतों को बसाया जा चुका है। अब मादा चीता के शामिल होने से यहां प्रजनन की संभावनाएं बढ़ेंगी और भारत में चीता आबादी के स्थायी भविष्य की दिशा में यह एक अहम पड़ाव साबित होगा। बता दें, यहां पर करीब पांच माह पहले ही दो नर चीते छोड़े गए हैं। 
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प्रदेश में अभी 27 चीते मौजूद 
बता दें, मध्य प्रदेश में नामीबिया और साउथ अफ्रीका से 20 चीते लगाए गए थे, जिनमें से 9 की मौत हो चुकी हैं। यहां पर 26 शावकों ने जन्म लिया, जिनमें से 10 की मौत हो गई। अभी प्रदेश में 27 चीते मौजूद हैं। इसमें 24 चीते कूनो और तीन चीते गांधीसागर अभयारण्य में मौजूद हैं। 

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चीता प्रोजेक्ट पर पुस्तक का विमान 
चीता प्रोजेक्ट के तीन वर्ष पूरे होने पर वन विभाग के पीसीसीएफ वाइल्ड लाइन शुभरंजन सेन ने तीन वर्ष: राष्ट्रीय संरक्षण की एक विजय- महत्वपूर्ण घटनाओं और मील के पत्थरों की कहानियां नामक पुस्तक का विमोचन किया। इस पुस्तक में चीता प्रोजेक्ट की ऐतिहासिक घटनाओं और उपलब्धियों को साझा किया गया।

 
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