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MP News: बचपन से दिव्यांग, आठ साल की उम्र में मां का साया छिना, व्हील चेयर पर बैठकर भी प्राची नहीं हारी हौसला
Fri, 12 Jan 2024 10:47 AM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Fri, 12 Jan 2024 10:47 AM IST
सार
Prachi Yadav Paracanoe Life Story {जन्म से रीढ़ की हड्डी की बीमारी के कारण कमर के नीचे का हिस्सा काम नहीं करता है। इसके बावजूद व्हील चेयर पर बैठकर भी उसने अपना हौसला नहीं हारा। आज 28 साल की प्राची यादव अर्जुन अवॉर्डी हैं।}
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प्राची यादव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश की 28 साल की पैरा कैनोइंग खिलाड़ी प्राची यादव ने व्हील चेयर पर बैठकर भी अपना हौसला नहीं हारा। उसने अपनी बीमारी के लिए एक्विवा थैरेपी शुरू की। इसके बाद स्विमिंग से जुड़ गई। पांच साल तक स्विमिंग करने के बाद पैरा कैनोइंग से जुड़ गई। अपने हिम्मत और जज्बे के दम पर फिर कभी पलटकर नहीं देखा। ग्वालियर की रहने वाली प्राची यादव अर्जुन अवॉर्डी हैं। प्राची ने बताया कि उसने कभी नहीं सोचा था कि वह इस मुकाम तक पहुंचेगी।
प्राची ने बताया कि वह बचपन से दिव्यांग है। स्पाइना वायफीडा बीमारी के कारण रीढ़ की हड्डी में समस्या है, जिससे कमर के नीचे का हिस्सा काम नहीं करता। वह जब आठ साल की थी तो कैंसर से मां का साया छिन गया। पिता कृषि विभाग में सरकारी नौकरी में थे, उन्होंने हिम्मत दी और आगे बढ़ाया। प्राची ने बताया कि चाल साल पहले उनका दल पेरिस जा रहा था, लेकिन उसके पास जाने को पैसे नहीं थे। उस समय वह बहुत टूट गई थी, उसको लगा कि मेहनत खत्म हो गई। इसके बाद कोच और रिश्तेदारों ने मदद की। प्राची ने बताया कि मैंने कभी अपने आप को बेचारा नहीं बनाया, मनोबल मजबूत रखा। प्राची का मानना है कि यदि आप शारीरिक रूप से मजबूत हैं, लेकिन मानसिक रूप से कमजोर हैं तो कुछ नहीं कर सकते। इसलिए आप हमेशा सकारात्मक सोच के साथ मानसिक रूप से मजबूत रहे।
पांच गोल्ड व दो सिल्वर जीत चुकी
प्राची यादव अब तक पांच इंटरनेशनल गोल्ड और दो सिल्वर समेत कई पदक जीत चुकी हैं। पिछले साल 2023 में पैरा एशियन गेम्स के कयाकिंग में गोल्ड और कैनोइंग में सिल्वर मेडल जीता। 2021 में जापान के टोक्यो में पैरालंपिक में प्राची का मैडल नहीं आ पाया था, उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनको आमंत्रित कर हौसला अफजाई की थी। प्राची ने बताया कि उनका लक्ष्य अब 2024 में होने वाले पैरालंपिक में गोल्ड मेडल जीतना है। प्राची देश की पहली खिलाड़ी है, जो पैरा गेम्स में स्वर्ण पदक जीत पाई है।
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पति मनीष भी पैरा गेम्स खिलाड़ी
प्राची के पति मनीष कौरव भी पैरा गेम्स के खिलाड़ी हैं। वह भी लोकोमोटिव डिसऑर्डर से पीड़ित हैं। उनका भी कमर के नीचे का हिस्सा पूरी तरह काम नहीं करता है। मनीष ने भी एशियाई खेलों में कांस्य पदक हासिल किया था। प्राची और मनीष की मुलाकात एपी वॉटर स्पोर्ट्स अकादमी में ट्रेनिंग के दौरान हुई। इसके बाद दोनों ने शादी कर ली।
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प्राची ने बताया कि वह बचपन से दिव्यांग है। स्पाइना वायफीडा बीमारी के कारण रीढ़ की हड्डी में समस्या है, जिससे कमर के नीचे का हिस्सा काम नहीं करता। वह जब आठ साल की थी तो कैंसर से मां का साया छिन गया। पिता कृषि विभाग में सरकारी नौकरी में थे, उन्होंने हिम्मत दी और आगे बढ़ाया। प्राची ने बताया कि चाल साल पहले उनका दल पेरिस जा रहा था, लेकिन उसके पास जाने को पैसे नहीं थे। उस समय वह बहुत टूट गई थी, उसको लगा कि मेहनत खत्म हो गई। इसके बाद कोच और रिश्तेदारों ने मदद की। प्राची ने बताया कि मैंने कभी अपने आप को बेचारा नहीं बनाया, मनोबल मजबूत रखा। प्राची का मानना है कि यदि आप शारीरिक रूप से मजबूत हैं, लेकिन मानसिक रूप से कमजोर हैं तो कुछ नहीं कर सकते। इसलिए आप हमेशा सकारात्मक सोच के साथ मानसिक रूप से मजबूत रहे।
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पांच गोल्ड व दो सिल्वर जीत चुकी
प्राची यादव अब तक पांच इंटरनेशनल गोल्ड और दो सिल्वर समेत कई पदक जीत चुकी हैं। पिछले साल 2023 में पैरा एशियन गेम्स के कयाकिंग में गोल्ड और कैनोइंग में सिल्वर मेडल जीता। 2021 में जापान के टोक्यो में पैरालंपिक में प्राची का मैडल नहीं आ पाया था, उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनको आमंत्रित कर हौसला अफजाई की थी। प्राची ने बताया कि उनका लक्ष्य अब 2024 में होने वाले पैरालंपिक में गोल्ड मेडल जीतना है। प्राची देश की पहली खिलाड़ी है, जो पैरा गेम्स में स्वर्ण पदक जीत पाई है।
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पति मनीष भी पैरा गेम्स खिलाड़ी
प्राची के पति मनीष कौरव भी पैरा गेम्स के खिलाड़ी हैं। वह भी लोकोमोटिव डिसऑर्डर से पीड़ित हैं। उनका भी कमर के नीचे का हिस्सा पूरी तरह काम नहीं करता है। मनीष ने भी एशियाई खेलों में कांस्य पदक हासिल किया था। प्राची और मनीष की मुलाकात एपी वॉटर स्पोर्ट्स अकादमी में ट्रेनिंग के दौरान हुई। इसके बाद दोनों ने शादी कर ली।
