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MP News: साइबर ठग निर्वाचन अधिकारी बन बीएलओ से कर रहे ठगी, बचाव की सलाह
Fri, 11 Aug 2023 08:17 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Fri, 11 Aug 2023 08:17 PM IST
सार
भारत निर्वाचन आयोग या मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मध्यप्रदेश द्वारा किसी भी सोशल मीडिया या दूरभाष के माध्यम से कोई भी एप्प डाउनलोड करने के निर्देश नहीं दिये जाते है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
सायबर ठगी जिला निर्वाचन अधिकारी बनकर बीएलओ के साथ ठगी की वारदात कर रहे है। अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्य प्रदेश राजेश कोल ने बीएलओ से फर्जी कॉल से सावधान रहने की अपील की है। उन्होंने मीडिया से मिली जानकारी के आधार पर सभी कलेक्टर एवं जिला निवार्चन अधिकारी को पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने यह स्पष्ट किया है कि भारत निर्वाचन आयोग या मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मध्यप्रदेश द्वारा किसी भी सोशल मीडिया या दूरभाष के माध्यम से कोई भी एप्प डाउनलोड करने के निर्देश नहीं दिये जाते है। साथ ही सभी बीएलओ से कहा गया है कि " कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी के नाम से किसी भी प्रकार का कॉल प्राप्त होने पर सीधे अपने तहसील कार्यालय में ईआरओ, एईआरओ विधानसभा के सुपरवाईजर से सम्पर्क करें तथा अवांछित कॉल एवं सोशल मीडिया के संबंध में सजग रहे ।
ऐसे कर रहे धोखाखड़ी
सायबर ठग बीएलओ को कॉल करके उनको जिला निर्वाचन शाखा से बोलने की बात कहते है। इसके बाद उनसे मतदाता सूची से संबंधित जानकारी मांग कर गुमराह करते है। बीएलओ के उसके ऊपर विश्वास करने के बाद ठगी सोशल मीडिया के माध्यम जैसे फेसबुक, इंस्ट्राग्राम, यूट्यूब आदि के द्वारा बीएलओ एप्प के नाम पर कोई दूसरी फर्जी एप्प डाउनलोड कराकर एनीडेस्क से डिवाइस का एक्सेस ले लेते है। फिर अन्य जानकारी लेकर बीएलओ के अकाउंट में जाकर उनके पैसे फर्जी तरीके से ट्रांसफर कर लेते है।
इन ठगों से ऐसे बचे
किसी अज्ञात व्यक्ति के निर्वाचन अधिकारी के नाम से कॉल आने पर उसकी सत्यतता की पुष्टि जरूर करें। अपनी गोपनीय जानकारी जैसे डेबिट कार्ड, आधार कार्ड, यूपीआई डिटेल, बैंक में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर की जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ शेयर ना करें। एनीडेस्क एप एक रिमोट एक्सेस एप है। इसके माध्यम से मोबाइल/लेपटॉप, कंप्यूटर की गतिविधि को दूसरे डिवाइस पर आसानी से देखा जा सकता है। किसी अनजानव्यक्ति के कहने पर एप को डाउनलोड न करें।
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ऐसे कर रहे धोखाखड़ी
सायबर ठग बीएलओ को कॉल करके उनको जिला निर्वाचन शाखा से बोलने की बात कहते है। इसके बाद उनसे मतदाता सूची से संबंधित जानकारी मांग कर गुमराह करते है। बीएलओ के उसके ऊपर विश्वास करने के बाद ठगी सोशल मीडिया के माध्यम जैसे फेसबुक, इंस्ट्राग्राम, यूट्यूब आदि के द्वारा बीएलओ एप्प के नाम पर कोई दूसरी फर्जी एप्प डाउनलोड कराकर एनीडेस्क से डिवाइस का एक्सेस ले लेते है। फिर अन्य जानकारी लेकर बीएलओ के अकाउंट में जाकर उनके पैसे फर्जी तरीके से ट्रांसफर कर लेते है।
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इन ठगों से ऐसे बचे
किसी अज्ञात व्यक्ति के निर्वाचन अधिकारी के नाम से कॉल आने पर उसकी सत्यतता की पुष्टि जरूर करें। अपनी गोपनीय जानकारी जैसे डेबिट कार्ड, आधार कार्ड, यूपीआई डिटेल, बैंक में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर की जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ शेयर ना करें। एनीडेस्क एप एक रिमोट एक्सेस एप है। इसके माध्यम से मोबाइल/लेपटॉप, कंप्यूटर की गतिविधि को दूसरे डिवाइस पर आसानी से देखा जा सकता है। किसी अनजानव्यक्ति के कहने पर एप को डाउनलोड न करें।
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