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MP News: सीएम डॉ. यादव ने संत सियाराम बाबा के अंतिम दर्शन किए, बोले- प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति
Wed, 11 Dec 2024 06:02 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Wed, 11 Dec 2024 06:02 PM IST
सार
मध्यप्रदेश के प्रमुख संत परम पूज्य सियाराम बाबा जी का बुधवार को निधन हो गया। 110 वर्ष की आयु में बाबा ने सुबह करीब 6:10 बजे अपने शरीर का त्याग किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खरगोन पहुंचकर संत के अंतिम दर्शन किए और प्रदेश के लिए इसे एक अपूरणीय क्षति बताया।
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सीएम ने संत सियाराम बाबा जी के अंतिम दर्शन किए
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
निमाड़ के निर्गुणी संत श्री सियाराम बाबा का 11 दिसंबर को सुबह मां नर्मदा के किनारे स्थित ग्राम भट्टयान स्थित आश्रम में निधन हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भट्टयान आश्रम पहुंचकर कर सियाराम बाबा के चरणों में माथा टेका और बाबा की पार्थिव देह पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री डॉ यादव के साथ भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद जी ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि बाबा का समाधि स्थल बनाया जाएगा, भट्टयान में नर्मदा नदी का घाट बनाया जाएगा और भट्टयान को पर्यटक स्थल के रूप विकसित किया जाएगा।
110 वर्ष की आयु में ब्रह्मलीन होने वाले सियाराम बाबा का देह त्याग हनुमान जी के परम भक्त के रूप में उनकी असीम श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक था। संत सियाराम बाबा को लोग उनके चमत्कारी शक्तियों और दिव्य आशीर्वाद के लिए पूजते थे, और भारत सहित विदेशों से भी लोग उनके दर्शन के लिए आते थे। संत के निधन के बाद उनके भक्तों की बड़ी संख्या अंतिम दर्शन के लिए एकत्र हो रही है। मुख्यमंत्री के साथ इस अवसर पर सगठन महामंत्री हितानंद जी भी उपस्थित रहे। संत सियाराम बाबा का जीवन और कार्य हमेशा याद रखा जाएगा। उनका प्रभाव न केवल मध्यप्रदेश बल्कि देश-विदेश में फैला हुआ था। उनकी शिक्षा और चमत्कारों ने लाखों लोगों की जिंदगी को प्रभावित किया और उन्हें आध्यात्मिक मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।
संत श्री सियाराम बाबा को निमोनिया हो गया था और वे कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश पर खरगोन जिला प्रशासन ने बाबा के उपचार की सभी व्यवस्था की थी। बाबा की इच्छा के अनुरूप भट्टयान आश्रम में ही चिकित्सकों की टीम बाबा के स्वास्थ्य पर नजर रखे हुए थी। वयोवृद्ध संत श्री सियाराम बाबा की आयु 110 साल बताई जाती है। बाबा के निधन का समाचार मिलते ही भक्तजन सुबह से ही बड़ी संख्या में बाबा के अंतिम दर्शन के लिए भट्टयान आश्रम पहुंचने लगे थे।
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110 वर्ष की आयु में ब्रह्मलीन होने वाले सियाराम बाबा का देह त्याग हनुमान जी के परम भक्त के रूप में उनकी असीम श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक था। संत सियाराम बाबा को लोग उनके चमत्कारी शक्तियों और दिव्य आशीर्वाद के लिए पूजते थे, और भारत सहित विदेशों से भी लोग उनके दर्शन के लिए आते थे। संत के निधन के बाद उनके भक्तों की बड़ी संख्या अंतिम दर्शन के लिए एकत्र हो रही है। मुख्यमंत्री के साथ इस अवसर पर सगठन महामंत्री हितानंद जी भी उपस्थित रहे। संत सियाराम बाबा का जीवन और कार्य हमेशा याद रखा जाएगा। उनका प्रभाव न केवल मध्यप्रदेश बल्कि देश-विदेश में फैला हुआ था। उनकी शिक्षा और चमत्कारों ने लाखों लोगों की जिंदगी को प्रभावित किया और उन्हें आध्यात्मिक मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।
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संत श्री सियाराम बाबा को निमोनिया हो गया था और वे कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश पर खरगोन जिला प्रशासन ने बाबा के उपचार की सभी व्यवस्था की थी। बाबा की इच्छा के अनुरूप भट्टयान आश्रम में ही चिकित्सकों की टीम बाबा के स्वास्थ्य पर नजर रखे हुए थी। वयोवृद्ध संत श्री सियाराम बाबा की आयु 110 साल बताई जाती है। बाबा के निधन का समाचार मिलते ही भक्तजन सुबह से ही बड़ी संख्या में बाबा के अंतिम दर्शन के लिए भट्टयान आश्रम पहुंचने लगे थे।
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