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MP News: सीएम डॉ. यादव बोले- आजादी का मूल मंत्र था वंदे मातरम..,'पूरा प्रदेश रंगा देशभक्ति के रंग में

Fri, 07 Nov 2025 12:56 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Fri, 07 Nov 2025 12:56 PM IST
सार

मध्य प्रदेश में वंदे मातरम का 150वां स्मरणोत्सव आयोजित हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के शौर्य स्मारक में कार्यक्रम का शुभारंभ किया। स्मरणोत्सव सालभर चार चरणों में चलेगा।  
 

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MP News: CM Dr. Yadav said – the basic mantra of independence was Vande Mataram, 'The entire state is colored
सीएम भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए - फोटो : अमर उजाला
7 नवंबर को प्रदेशभर में ‘वंदे मातरम’ के 150वें स्मरणोत्सव का उत्सव मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के शौर्य स्मारक में भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर दीप प्रज्जवलित करते हुए इस ऐतिहासिक आयोजन का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय का ‘वंदे मातरम’ गीत आजादी का मूल मंत्र बना था। यह गीत केवल शब्द नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा है, जिसने स्वतंत्रता संग्राम के दौर में क्रांतिकारियों को प्राण शक्ति दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब आजादी के बाद राष्ट्रगीत को अपनाने का समय आया, तब देश को भ्रमित करने की कोशिश की गई, जबकि सरदार पटेल ने भी राष्ट्रगान ‘जन-गण-मन’ के साथ राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को समान महत्व देने की बात कही थी।


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वंदे मातरम का स्मरणोत्सव चार चरणों में मनाया जाएगा 
कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम’ के इतिहास और महत्व पर आधारित विशेष पत्रिका का विमोचन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह गीत हमारे लिए एक “मंत्र” की तरह है, जिसने स्वतंत्रता संग्राम के समय देशवासियों को एकजुट किया। “कदम-कदम बढ़ाए जा…” जैसे देशभक्ति गीतों के माध्यम से उन्होंने देश की एकता और समर्पण की भावना को याद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वंदे मातरम का स्मरणोत्सव अगले एक वर्ष तक, 7 नवंबर 2026 तक चार चरणों में मनाया जाएगा। इस दौरान राष्ट्रीय त्योहारों और विशेष अवसरों पर इस गीत से जुड़े आयोजन होंगे। प्रमुख सचिव संस्कृति ने बताया कि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा वर्ष 1875 में रचित यह गीत बंगला और संस्कृत भाषा का मिश्रण है, जिसे 1950 में संविधान सभा ने राष्ट्रगीत के रूप में अंगीकृत किया। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान यह गीत क्रांतिकारियों का प्रेरणास्रोत बना।

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स्वदेशी अपनाने संकल्प दिलाते हुए 
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने “भारत माता की सेवा और सम्मान” के लिए स्वदेशी उत्पादों के उपयोग, स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहन, भारतीय भाषाओं के प्रयोग और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री ने जनता को स्वदेशी अपनाने का संकल्प दिलाते हुए कहा कि हर नागरिक को भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक स्वतंत्रता का प्रतीक है।

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वंदे मारतम एक शब्द नहीं, एक ऊर्जा है 
उधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में ‘वंदे मातरम’ पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और इसके 150वें स्मरणोत्सव पर विशेष डाक टिकट और स्मृति सिक्का जारी किया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम एक शब्द नहीं, एक ऊर्जा है, एक संकल्प है, जो हमें आत्मविश्वास से भर देता है और हमारे भविष्य को नई दिशा देता है।
 
MP News: CM Dr. Yadav said – the basic mantra of independence was Vande Mataram, 'The entire state is colored
भाजपा कार्यालय में वंदे मातरम स्पमरण दिवस पर कार्यक्रम - फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में  भारत माता को पुष्पांजलि अर्पित कर ‘वंदे मातरम @150’ अभियान का शुभारंभ किया। इसके बाद  प्रदेश अध्यक्ष ने स्वदेशी का संकल्प सामूहिक रूप से दिलाया। वंदे मातरम केवल एक गीत नहीं, बल्कि यह हमारी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह गीत हमें आजादी का महत्व समझाता है और पूरे देश को एक माला में पिरोने का काम करता है। 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस मौके पर कहा कि आज हम सब वंदे मातरम गीत की 150वीं वर्षगांठ का उत्सव मना रहे हैं। यह वही गीत है, जिसके मूल मंत्र के साथ हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने आजादी की लड़ाई लड़ी। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम ने पूरे देश को एकजुट किया और स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आजादी के बाद जब राष्ट्रगीत को अपनाने की बात आई, तब कांग्रेस ने देश को दिग्भ्रमित करने और बांटने का काम किया। उन्होंने कहा कि “हमारी सनातन संस्कृति ने भारत को सदैव सशक्त और एकजुट किया है। यही संस्कृति हमारी सबसे बड़ी शक्ति है।  

इस अवसर पर प्रदेश शासन के मंत्री विश्वास सारंग, पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुरेश पचौरी, पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेन्द्र शर्मा, प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी, सांसद आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा,  भगवानदास सबनानी, महापौर मालती राय, प्रदेश मंत्री लोकेन्द्र पाराशर, राजेन्द्र सिंह राजपूत, राजो मालवीय, प्रदेश कार्यालय मंत्री श्याम महाजन, प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष उषा अग्रवाल, अजा मोर्चा के प्रदेश पकंज टेकाम, जिला अध्यक्ष रविन्द्र यति, वरिष्ठ नेत्री सीमासिंह जादौन, पूर्व विधायक धु्रवनारायण सिंह, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी सहित पार्टी के प्रदेश पदाधिकारी, जिला पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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