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MP News: सीएम डॉ. यादव बोले- पेसा कानून के समस्त दावों का समय-सीमा में निराकरण करें

Sat, 28 Dec 2024 07:56 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Sat, 28 Dec 2024 07:56 PM IST
सार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत जनजातीय भाई-बहनों के शत-प्रतिशत सेचुरेशन की आवश्यकता पर जोर दिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप इसे लागू करने का निर्देश दिया। 

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MP News: CM Dr. Yadav said - resolve all the claims of PESA law within the time limit.
सीएम डॉ मोहन यादव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वन अधिकार अधिनियम और पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने पेसा कानून के तहत दावों का समय-सीमा में निराकरण करने की बात की और आगामी कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में इस पर समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही, पेसा अधिनियम के बेहतर क्रियान्वयन के लिए जनजातीय कार्य विभाग में पेसा सेल गठित करने पर सहमति प्रदान की। मुख्यमंत्री ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत जनजातीय भाई-बहनों के शत-प्रतिशत सेचुरेशन की आवश्यकता पर जोर दिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप इसे लागू करने का निर्देश दिया। उन्होंने तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए प्रदेश में तेंदूपत्ता आधारित व्यवसायों को प्रोत्साहित करने की बात की, ताकि इस व्यवसाय से जुड़े जनजातीय भाई-बहनों को अधिक लाभ मिल सके।
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वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में परिवर्तित करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए नोटिफिकेशन के अनुसार, ग्रामवासियों को रिकार्ड ऑफ राइट्स शीघ्र प्रदान किए जाएं। इस दिशा में अब तक 827 वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में परिवर्तित करने का निर्णय लिया गया है, जिसमें से 792 ग्रामों को राजस्व ग्रामों में बदलकर उनका गजट नोटिफिकेशन जारी किया जा चुका है। 
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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय भाई-बहनों के जीवन स्तर में सुधार और वन क्षेत्रों के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। सामुदायिक वन संसाधनों के संरक्षण और प्रबंधन में स्थानीय निवासियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए, इसके साथ ही सामाजिक संस्थाओं को जोड़ते हुए गतिविधियों का विस्तार किया जाए। बैठक में मध्यप्रदेश वन अधिकार अनिधियम के प्रावधानों और उसके क्रियान्वयन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में डॉ. मिलिंद दांडेकर, डॉ. शरद लेले, मिलिंद थत्ते, भगत सिंह नेताम, डॉ. राजेश राजौरा, अशोक बर्णवाल, और प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य गुलशन बामरा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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