फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   MP News Baba Kamal came to give education stayed here know what is being organized

MP News: शिक्षा देने आए, यहीं के होकर रह गए बाबा कमाल, जानिए क्या हो रहा आयोजन

Sat, 21 Dec 2024 03:14 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: अरविंद कुमार Updated Sat, 21 Dec 2024 03:14 PM IST
सार

प्रसिद्ध सूफी संत हजरत निजामुद्दीन औलिया दिल्ली के शिष्य व हजरत अमीर खुसरो के पीर भाई शहंशाह ए मालवा हजरत मौलाना कमालुद्दीन चिश्ती के सालाना 693वें उर्स शुरू हो गया है। चार दिन के इस आयोजन का आगाज बाबा के अस्ताने पर चादर पेश करने के साथ हुई।

विज्ञापन
MP News Baba Kamal came to give education stayed here know what is being organized
सालाना 693वां उर्स शुरू - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बाबा कमाल का जन्म दिल्ली में 1238 ई. में हुआ था। नौ साल की उम्र में कुरआन शरीफ को कंठस्थ कर बाबा हाफिज हो गए थे। मौलाना का कोर्स कर आलीम हुए। लोगों को शिक्षित करने के लिए बाबा को निजामुद्दीन औलिया ने 1291 में मालवा में भेजा था। वे उज्जैन में मौलाना मौज के साथ रुके, फिर धार आए। बाबा सर्वधर्म समभाव के प्रवर्तक माने गए। उनका सुलह ए आम का दरबार था। धार में 1331 में उनका देहांत हुआ। 

विज्ञापन


विज्ञापन


प्रसिद्ध सूफी संत हजरत निजामुद्दीन औलिया दिल्ली के शिष्य व हजरत अमीर खुसरो के पीर भाई शहंशाह ए मालवा हजरत मौलाना कमालुद्दीन चिश्ती के सालाना 693 वें उर्स  शुरू हो गया है। चार दिन के इस आयोजन का आगाज बाबा के अस्ताने पर चादर पेश करने के साथ हुई। अल सुबह महफिल खाने के पंडाल में चादर के कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जिसमें आस्ताने के पगड़ीबन कव्वाल नाहर खां शमशेर खां निसार खां ने बाबा की शान में कलाम पढ़े। उनके बाद आजम साबरी शाहिद सलाम साबरी यूसुफ फारूक कव्वाल जावरा और हाजी टिम्मू गुलफाम कव्वाल जयपुर ने बेहतरीन कलाम का नजराना पेश किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


चादर कार्यक्रम में विधानसभा नेता प्रतिपक्ष के प्रतिनिधि अजय सिंह ठाकुर, सत्यशील राव पंवार, नरेंद्र सिंह बुंदेला, पूर्व पार्षद अंतिम राठौड़ विशेष रूप से मौजूद थे। उर्स कमेटी पदाधिकारियों और मलंगों बाबाओं ने मेहमानों का दस्तार बांधकर इस्तकबाल किया। चादर शरीफ का जुलूस पांडाल से निकल कर आस्ताने आलिया पर पहुंचा, जहां चादर पेश कर अमन चैन की दुआएं की गई।

सभी धर्मों के लोगों की हाजिरी
बाबा कमाल का आस्ताना सभी धर्मों के लोगों की श्रद्धा का प्रतीक है। यहाँ सभी की दुआएं कबूल होती हैं। यही वजह है हर गुरुवार को यहां हाजिरी देने पहुंचने वालों में मुस्लिम से ज्यादा अन्य धर्मावलंबी होते हैं। 

सज रहीं कव्वाली महफिलें
उर्स के दौरान हर रात कव्वाली का आयोजन हो रहा है। देश की प्रसिद्ध कव्वाल पार्टियां अपने कलाम पेश कर रही हैं। उर्स समापन के आखिरी दिन सोमवार को यहां महफिल ए रंग में खास कलाम पेश किए जाएंगे। यहां लगने वाला व्यापारिक मेला 5 जनवरी तक जारी रहेगा।


देश में तीसरा स्थान 
बाबा कमाल का उर्स देश में तीसरे नंबर का उर्स माना गया। अजमेर शरीफ और रूढ़की जिले के कलीयर शरीफ के बाद यहीं का नंबर आता है। धार उर्स में कव्वाली का मुकाबला नहीं होता, सात्विक कव्वाली होती है। सूफियाना कव्वाली और निस्बती कलाम ही पेश किए जाते हैं।

महिलाओं के खास बाजार
संभवतः देश में यह इकलौता उर्स मेला है, जिसमें महिलाओं की खरीदी के लिए एक अलग ही बाजार लगाया जाता है। इसमें सिर्फ महिलाओं की ही एंट्री होती है। इसके अलावा कव्वाली महफिल में भी महिलाओं की बैठक व्यवस्था अलग होती है। बाबा के आस्ताने पर भी महिलाओं के लिए एक अलग हिस्सा तय किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed