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MP News: प्रदेश में मतदान खत्म होते ही सरकार जुलाई में प्रस्तावित बजट की तैयारी में जुटी,ले सकती है कड़े फैसले
Wed, 15 May 2024 06:12 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Wed, 15 May 2024 06:12 PM IST
सार
मध्य प्रदेश में लोकसभा चुनाव के चारों चरण का मतदान पूरा होते ही राज्य सरकार बजट की तैयारी में जुट गई है। वित्त विभाग ने विभागों को बजट अनुमान और तैयारी को लेकर दिशा निर्देश जारी किए हैं। अब चुनाव चार से पांच साल बाद हैं। ऐसे में सरकार बजट में सख्त फैसले ले सकती है।
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मंत्रालय
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश सरकार के वित्त विभाग ने 2024-25 के बजट अनुमान और तैयारी को लेकर दिशा निर्देश जारी किए हैं। इसमें विभाग ने वेतन-भत्ते, ऋण भुगतान और 15वें वित्त आयोग के लिए बजट अनुदान को प्राथमिकता में रखने को कहा है। प्रदेश सरकार ने लोकसभा चुनाव के चलते फरवरी में पूर्ण बजट पेश नहीं किया था। सरकार लेखानुदान लेकर आई थी। इसमें तीन महीने का सरकार का योजनाओं और वेतन भत्तों के खर्च का बजट जारी किया गया था। इसमें किसी तरह के नए कर संबंधी नए प्रस्ताव और व्यय के नए मदद शामिल नहीं किए गए थे। जानकारों का कहना है कि सरकार अब लोकसभा चुनाव के बाद जुलाई में अपना पूर्ण बजट लेकर आ सकती है। अब राज्य में चार से पांच साल बाद चुनाव है। ऐसे में सरकार कठोर निर्णय भी ले सकती है। यह समय सरकार के लिए सख्त निर्णय लेने के लिए आदर्श होता है। सरकार जुलाई माह के दूसरे सप्ताह में बजट पेश कर सकती है।
वित्त विभाग ने विभागों से कहा है कि नई योजनाओं के प्रस्ताव प्रशासकीय स्वीकृति के बाद ही भेजें। इसमें उद्देश्य और लाभ की जानकारी का विवरण भी भेजने को कहा गया है। वहीं, जिन योजनाओं को बंद किया जा रहा है, उसकी जानकारी भी देने को कहा गया है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की उपयोजना के लिए पर्याप्त राशि रखने को कहा गया है। सभी विभागों को मई अंत तक प्रस्ताव भेजने को कहा गया है।
फरवरी में लगाया था लेखानुदान
राज्य सरकार फरवरी में पूर्ण बजट लेकर नहीं आई। सरकार लेखानुदान लेकर आई। जानकारों ने बताया कि इसका कारण केंद्र की तरफ से योजनाओं और प्रोग्राम के लिए राज्य को मिलने वाले राज्यांश में देरी कारण रहा। केंद्र सरकार ने भी लोकसभा चुनाव के चलते लेखानुदान लेकर आई। अब वह भी जुलाई में पूर्ण बजट पेश कर सकती है। लेखानुदान में सरकार पूर्ण बजट पेश होने तक राज्य सरकार के खर्चों और योजनाओं के संचालन के लिए राशि को स्वीकृति देती है।
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3.48 लाख करोड़ के पार हो सकता है बजट
सरकार का 2024-25 का पूर्ण बजट का अनुमान 3.48 लाख करोड़ है। इसमें लेखानुदान के 1.45 लाख करोड़ रुपये भी शामिल होगा। अगले वित्तीय वर्ष के लिए राजस्व प्राप्तियां 2.52 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है। इसमें राज्य कराधान से आय 96 हजार करोड़ रुपये है।
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वित्त विभाग ने विभागों से कहा है कि नई योजनाओं के प्रस्ताव प्रशासकीय स्वीकृति के बाद ही भेजें। इसमें उद्देश्य और लाभ की जानकारी का विवरण भी भेजने को कहा गया है। वहीं, जिन योजनाओं को बंद किया जा रहा है, उसकी जानकारी भी देने को कहा गया है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की उपयोजना के लिए पर्याप्त राशि रखने को कहा गया है। सभी विभागों को मई अंत तक प्रस्ताव भेजने को कहा गया है।
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फरवरी में लगाया था लेखानुदान
राज्य सरकार फरवरी में पूर्ण बजट लेकर नहीं आई। सरकार लेखानुदान लेकर आई। जानकारों ने बताया कि इसका कारण केंद्र की तरफ से योजनाओं और प्रोग्राम के लिए राज्य को मिलने वाले राज्यांश में देरी कारण रहा। केंद्र सरकार ने भी लोकसभा चुनाव के चलते लेखानुदान लेकर आई। अब वह भी जुलाई में पूर्ण बजट पेश कर सकती है। लेखानुदान में सरकार पूर्ण बजट पेश होने तक राज्य सरकार के खर्चों और योजनाओं के संचालन के लिए राशि को स्वीकृति देती है।
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3.48 लाख करोड़ के पार हो सकता है बजट
सरकार का 2024-25 का पूर्ण बजट का अनुमान 3.48 लाख करोड़ है। इसमें लेखानुदान के 1.45 लाख करोड़ रुपये भी शामिल होगा। अगले वित्तीय वर्ष के लिए राजस्व प्राप्तियां 2.52 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है। इसमें राज्य कराधान से आय 96 हजार करोड़ रुपये है।
