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Mp news: एमपी में मोबाइल एप से होगी पशुओं की गणना, केंद्र द्वारा संचालित योजनाओं की जांच करने भोपाल पहुंची टीम
Fri, 04 Oct 2024 09:00 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Fri, 04 Oct 2024 09:00 PM IST
सार
मध्य प्रदेश में अब पशुओं की गणना मोबाइल ऐप के द्वारा की जाएगी। पशुपालन विभाग में केंद्र द्वारा संचालित योजनाओं की मॉनिटरिंग के लिए नेशनल लेवल मॉनिटरिंग दल राजधानी भोपाल पहुंचा है।
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भोपाल पहुंची केन्द्र की टीम जानकारी देते हुए
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रदेश में अब मोबाइल के माध्यम से पशुओं की गणना की जाएगी। पशुपालन विभाग के अधिकारी और टीम इसके माध्यम से पशुओं का डेटा कलेक्शन कर इसे मोबाइल एप में फीड करेंगे। इसके लिए डेटा कलेक्शन करने के साथ इसमें जानकारी होगी कि मेल, फीमेल कितने पशु हैं। साथ ही पशुओं की राज्यवार जानकारी होगी। पशुओं की 219 नस्ल हैं। इसमें विमुक्त घुमक्कड़ के पास कितनी नस्ल के पशु हैं? इनसे जानकारी लेंगे। इसके बाद आगे की योजनाओं पर विचार किया जाएगा। यह जानकारी पशुपालन विभाग के संचालनालय में मध्य प्रदेश में संचालित योजनाओं की मॉनिटरिंग के लिए आए भारत सरकार के मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय, पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा गठित राष्ट्रीय निगरानी दल के अफसरों ने बताई। मीडिया से चर्चा में कहा गया कि पशु गणना के साथ पशुओं की अन्य जानकारी भी जुटाई जाएगी।
प्रदेश के इन चार जिलों में टीम करेगी निरीक्षण
मध्य प्रदेश में पशुपालन के क्षेत्र में केंद्र सरकार द्वारा कई योजनाओं को संचालित किया जा रहा है। इन योजनाओं पर कितना काम हो रहा है किस में लापरवाही की जा रही है। इसकी जांच के लिए शुक्रवार को एक टीम भोपाल पहुंची है, और संचनालय के अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रदेश के चार जिले भोपाल, सीहोर, शिवपुरी और रीवा में जाकर निरीक्षण करेगी और अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपेगी। खास बात यह है कि इस टीम में सभी अधिकारी अलग-अलग विभागों से सेवानिवृत्ति हैं। इनका किसी प्रकार से किसी भी अधिकारी का दबाव नहीं होगा और स्वतंत्र रूप से अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपेंगे। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्तर की निगरानी (NLM) भारत सरकार मत्स्य पालन एवं डेरी मंत्रालय पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा गठित दल मध्यप्रदेश के पांच दिवसीय प्रवास पर हैं। राष्ट्रीय स्तर की निगरानी प्रणाली पशुपालन एवं डेयरी (DAHD) का कार्यक्रम है जो विभाग के केंद्र शासन द्वारा संचालित योजनाओं का जमीन स्तर पर आंकलन एवं मूल्यांकन का कार्य करती है। जिसका उद्देश्य शासन द्वारा चलाई जा रही है योजनाओं का पशुपालकों के मध्य आवश्यक गुणवत्ता एवं सुझाव एकत्रित करना, विभाग द्वारा क्रियान्वयन के मापदंडों और योजनाओं के आउटकम को मापना है।
टीम में चार लोग हैं शामिल
संचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने बताया कि इस हेतु 4 अधिकारियों का दल जिसमें डॉ. अजय के. गहलोत (रिटायर्ड कुलपति RAJUVAS), डॉ. रिषिपाल सिंह रिटायर्ड डायरेक्टर NPC, डॉ. आंगन निराला Retd. General Manager,ONGC, डॉ. प्रदीप सारस्वत (रिटायर्ड संयुक्त संचालक) पशुपालन विभाग की योजनाओं का मूल्यांकन करेंगे।
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इन योजनाओं का किया जा रहा है मूल्यांकन
विभाग द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया कि मध्यप्रदेश पशुपालन विभाग पशुपालकों एवं ग्रामीणों के पशुधन स्वास्थ्य एवं नियंत्रण कार्यक्रमों हेतु संकल्पित है। राष्ट्रीय स्तर निगरानी समिति द्वारा राष्ट्रीय गोकुल मिशन (RGM), राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM), राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम (NPDD) , पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम (NADCP) का मूल्यांकन किया जाना है। उक्त कार्यक्रम पशुधन सांख्यिकी प्रभाव भारत सरकार द्वारा अंतर्गत किया जा रहा है। अतः प्रदेश की मॉनिटरिंग दल के साथ जगत हजारीका एडवाइजर सांख्यिकी भारत सरकार एवं वीपी सिंह डायरेक्टर सांख्यिकी दल के साथ पर्यवेक्षण हेतु उपस्थित रहेंगे। एवं पशुपालन एवं डेयरी विभाग मंत्रालय के प्रमुख सचिव डॉ. ई. रमेश कुमार (आईएएस) से भी विभागीय गतिविधियों हेतु आवश्यक चर्चा करेंगे।
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प्रदेश के इन चार जिलों में टीम करेगी निरीक्षण
मध्य प्रदेश में पशुपालन के क्षेत्र में केंद्र सरकार द्वारा कई योजनाओं को संचालित किया जा रहा है। इन योजनाओं पर कितना काम हो रहा है किस में लापरवाही की जा रही है। इसकी जांच के लिए शुक्रवार को एक टीम भोपाल पहुंची है, और संचनालय के अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रदेश के चार जिले भोपाल, सीहोर, शिवपुरी और रीवा में जाकर निरीक्षण करेगी और अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपेगी। खास बात यह है कि इस टीम में सभी अधिकारी अलग-अलग विभागों से सेवानिवृत्ति हैं। इनका किसी प्रकार से किसी भी अधिकारी का दबाव नहीं होगा और स्वतंत्र रूप से अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपेंगे। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्तर की निगरानी (NLM) भारत सरकार मत्स्य पालन एवं डेरी मंत्रालय पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा गठित दल मध्यप्रदेश के पांच दिवसीय प्रवास पर हैं। राष्ट्रीय स्तर की निगरानी प्रणाली पशुपालन एवं डेयरी (DAHD) का कार्यक्रम है जो विभाग के केंद्र शासन द्वारा संचालित योजनाओं का जमीन स्तर पर आंकलन एवं मूल्यांकन का कार्य करती है। जिसका उद्देश्य शासन द्वारा चलाई जा रही है योजनाओं का पशुपालकों के मध्य आवश्यक गुणवत्ता एवं सुझाव एकत्रित करना, विभाग द्वारा क्रियान्वयन के मापदंडों और योजनाओं के आउटकम को मापना है।
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टीम में चार लोग हैं शामिल
संचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने बताया कि इस हेतु 4 अधिकारियों का दल जिसमें डॉ. अजय के. गहलोत (रिटायर्ड कुलपति RAJUVAS), डॉ. रिषिपाल सिंह रिटायर्ड डायरेक्टर NPC, डॉ. आंगन निराला Retd. General Manager,ONGC, डॉ. प्रदीप सारस्वत (रिटायर्ड संयुक्त संचालक) पशुपालन विभाग की योजनाओं का मूल्यांकन करेंगे।
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इन योजनाओं का किया जा रहा है मूल्यांकन
विभाग द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया कि मध्यप्रदेश पशुपालन विभाग पशुपालकों एवं ग्रामीणों के पशुधन स्वास्थ्य एवं नियंत्रण कार्यक्रमों हेतु संकल्पित है। राष्ट्रीय स्तर निगरानी समिति द्वारा राष्ट्रीय गोकुल मिशन (RGM), राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM), राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम (NPDD) , पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम (NADCP) का मूल्यांकन किया जाना है। उक्त कार्यक्रम पशुधन सांख्यिकी प्रभाव भारत सरकार द्वारा अंतर्गत किया जा रहा है। अतः प्रदेश की मॉनिटरिंग दल के साथ जगत हजारीका एडवाइजर सांख्यिकी भारत सरकार एवं वीपी सिंह डायरेक्टर सांख्यिकी दल के साथ पर्यवेक्षण हेतु उपस्थित रहेंगे। एवं पशुपालन एवं डेयरी विभाग मंत्रालय के प्रमुख सचिव डॉ. ई. रमेश कुमार (आईएएस) से भी विभागीय गतिविधियों हेतु आवश्यक चर्चा करेंगे।
