{"_id":"681d6f5e27b568e5ef0a746a","slug":"mp-news-54-year-old-siren-system-will-be-changed-in-bhopal-now-it-will-be-controlled-from-command-center-2025-05-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP News: भोपाल में बदलेगा 54 साल पुराना सायरन सिस्टम, अब कमांड सेंटर से होगा नियंत्रण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP News: भोपाल में बदलेगा 54 साल पुराना सायरन सिस्टम, अब कमांड सेंटर से होगा नियंत्रण
Fri, 09 May 2025 08:28 AM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, भोपाल, मध्य प्रदेश
न्यूज डेस्क, भोपाल, मध्य प्रदेश
Published by: आनंद पवार
Updated Fri, 09 May 2025 08:28 AM IST
सार
राजधानी भोपाल में आपातकालीन चेतावनी प्रणाली को आधुनिक रूप देने की तैयारी शुरू हो गई है। 1971 से संचालित हो रहा पुराना सायरन सिस्टम अब बदला जाएगा, जिसे अब तक युद्धकालीन परिस्थितियों के लिए उपयोग में लाया जाता था। हाल की मॉक ड्रिल के दौरान इस सिस्टम की खामियां सामने आने के बाद प्रशासन ने इसे अपग्रेड करने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भोपाल में आपात स्थितियों के दौरान चेतावनी देने वाला 1971 से चला आ रहा सायरन सिस्टम अब बदला जाएगा। प्रशासन ने इस दिशा में कदम उठाते हुए शहर के प्रमुख इलाकों और बाजारों में नया सायरन सिस्टम लगाने की योजना तैयार की है, जिसे कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से सीधे जोड़ा जाएगा। हाल ही में हुई मॉक ड्रिल में सामने आया था कि पुराना सायरन सिस्टम कई इलाकों तक आवाज नहीं पहुंचा सका, जिससे उसकी प्रभावशीलता पर सवाल उठे। प्रशासन ने इस फीडबैक के आधार पर नए और अधिक प्रभावशाली सिस्टम की जरूरत महसूस की।
ये भी पढ़ें: जैसलमेर में बम मिला, नौ घंटे ब्लैक आउट, यहां रातभर बजा सायरन, राजस्थान में कैसे हालात?
नए सिस्टम को न सिर्फ तकनीकी रूप से अपग्रेड किया जाएगा, बल्कि इसकी उपयोगिता को लेकर स्कूल और कॉलेजों के विद्यार्थियों को भी जागरूक किया जाएगा। उन्हें बताया जाएगा कि सायरन का क्या महत्व है, किस स्थिति में यह बजाया जाता है और इससे जुड़ी सावधानियां क्या हैं। मॉक ड्रिल के दौरान यह भी पाया गया कि कई जगहों पर लाइट बंद नहीं हुई, जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति बनी। प्रशासन अब इस दिशा में भी जनजागरूकता अभियान चलाएगा, ताकि आपात स्थिति में हर नागरिक सही प्रतिक्रिया दे सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: जैसलमेर में बम मिला, नौ घंटे ब्लैक आउट, यहां रातभर बजा सायरन, राजस्थान में कैसे हालात?
विज्ञापन
नए सिस्टम को न सिर्फ तकनीकी रूप से अपग्रेड किया जाएगा, बल्कि इसकी उपयोगिता को लेकर स्कूल और कॉलेजों के विद्यार्थियों को भी जागरूक किया जाएगा। उन्हें बताया जाएगा कि सायरन का क्या महत्व है, किस स्थिति में यह बजाया जाता है और इससे जुड़ी सावधानियां क्या हैं। मॉक ड्रिल के दौरान यह भी पाया गया कि कई जगहों पर लाइट बंद नहीं हुई, जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति बनी। प्रशासन अब इस दिशा में भी जनजागरूकता अभियान चलाएगा, ताकि आपात स्थिति में हर नागरिक सही प्रतिक्रिया दे सके।
विज्ञापन
