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MP News: आयुष्मान में 403 मृत लोगों का कर दिया इलाज, कमलनाथ बोले- अब क्या कैग पर करेंगे FIR
Sun, 13 Aug 2023 09:21 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Sun, 13 Aug 2023 09:21 PM IST
सार
कमलनाथ ने कहा कि इस रिपोर्ट का क्या अर्थ है? इसका अर्थ है कि मध्य प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना में जबरदस्त घोटाला चल रहा है। बिना आधार प्रमाणीकरण के करोड़ों रुपये का भुगतान किया जा रहा है, फर्जी मरीज दिखा कर अस्पताल और शिवराज सरकार अपनी जेब गर्म कर रहे हैं।
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कमलनाथ और सीएम शिवराज
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
मध्य प्रदेश में 50 प्रतिशत कमीशन के पत्र को वायरल करने को लेकर मचे बवाल के बीच पूर्व सीएम कमलनाथ ने शिवराज सरकार पर कैग की रिपोर्ट के हवाले से बड़ा हमला बोला। कमलनाथ ने इस रिपोर्ट के हवाले से आरोप लगाया कि शिवराज सरकार ने आयुष्मान घोटाला कर मध्य प्रदेश को शर्मिंदा किया है। 403 मृत लोगों का योजना में इलाज करा दिया गया। उन्होंने सवाल किया कि अब क्या कैग पर शिवराज सरकार एफआईआर कराएगी।
पीसीसी चीफ और पूर्व सीएम कमलनाथ ने रविवार को बयान जारी कर दावा किया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत शिवराज सरकार ने कितना बड़ा घोटाला किया है, वह कैग ने सबके सामने रख दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक मध्य प्रदेश में 403 ऐसे लोगों का उपचार आयुष्मान योजना के तहत किया गया, जिन्हें पहले ही मृत घोषित किया जा चुका था। कमलनाथ ने आरोप लगाया कि अब तक जीवित लोगों के साथ भ्रष्टाचार करने वाली शिवराज सरकार ने मृतकों के साथ भी घोटाला कर दिया।
फर्जी मरीज दिखाकर जेब गर्म कर रहे
कमलनाथ ने कहा कि इस रिपोर्ट का क्या अर्थ है? इसका अर्थ है कि मध्य प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना में जबरदस्त घोटाला चल रहा है। बिना आधार प्रमाणीकरण के करोड़ों रुपये का भुगतान किया जा रहा है, फर्जी मरीज दिखा कर अस्पताल और शिवराज सरकार अपनी जेब गर्म कर रहे हैं। कमलनाथ ने कहा कि भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देने के लिए शिवराज सरकार पहले तो गलत तरीके से पेमेंट कर देती है और फिर जानबूझकर उसकी रिकवरी नहीं करती। यह सब उस राज्य में किया जा रहा है जहां पर सरकार का खर्च चलाने के लिए हर रोज कर्ज लिया जा रहा है। कमलनाथ ने कहा कि कैग रिपोर्ट से यह स्पष्ट है कि मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार लाखों करोड़ों रुपये का कर्जा जनता की भलाई के लिए नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार और कमीशन खोरी के लिए ले रही है।
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कांग्रेस नेताओं पर झूठे मुकदमे
कमलनाथ ने कहा कि एक तरफ शिवराज सरकार 50% कमीशन राज का खुलासा होने के बाद कांग्रेस नेताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज करा रही है तो दूसरी तरफ भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक ने अपनी रिपोर्ट से एक बार फिर साबित कर दिया है कि शिवराज सरकार विश्व की सबसे भ्रष्ट सरकार है। कांग्रेस नेताओं पर भ्रष्टाचार का खुलासा करने पर झूठे मुकदमे लिखने वाले शिवराज सिंह चौहान क्या अब कैग के ऊपर भी मुकदमा करेंगे?
एक ही समय मरीज का अलग-अलग अस्पताल में इलाज
कमलनाथ ने कहा कि कैग की रिपोर्ट के मुताबिक 8081 लोग एक ही समय में अलग-अलग अस्पतालों में इलाज कराते हुए पाए गए। इस तरह के मामलों में 213 अस्पताल शामिल पाए गए। इससे पता चलता है कि मध्य प्रदेश के अस्पतालों में कितनी बड़ी संख्या में फर्जी मरीजों को भर्ती करने का गोरख धंधा चल रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक मध्य प्रदेश उन राज्यों में शामिल हुआ जहां इस योजना में सबसे ज्यादा अनियमितताएं पाई गईं।
96% मामलो में रिकवरी नहीं कर पाई सरकार
अस्पतालों को किए गए गलत भुगतान के मामले में एमपी आयुष्मान के गलत भुगतान की रिकवरी के मामले में सबसे ज्यादा फिसड्डी है। मध्य प्रदेश में 96% मामलों में अब तक रिकवरी नहीं कर पाई है। रिपोर्ट में कहा गया कि एमपी आयुष्मान भारत में बिना बायोमैट्रिक ऑथेंटिकेशन के 160 करोड रुपये का भुगतान किया गया जबकि आधार ऑथेंटिकेशन वाले मरीजों को 126 करोड रुपये का भुगतान किया गया।
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पीसीसी चीफ और पूर्व सीएम कमलनाथ ने रविवार को बयान जारी कर दावा किया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत शिवराज सरकार ने कितना बड़ा घोटाला किया है, वह कैग ने सबके सामने रख दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक मध्य प्रदेश में 403 ऐसे लोगों का उपचार आयुष्मान योजना के तहत किया गया, जिन्हें पहले ही मृत घोषित किया जा चुका था। कमलनाथ ने आरोप लगाया कि अब तक जीवित लोगों के साथ भ्रष्टाचार करने वाली शिवराज सरकार ने मृतकों के साथ भी घोटाला कर दिया।
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फर्जी मरीज दिखाकर जेब गर्म कर रहे
कमलनाथ ने कहा कि इस रिपोर्ट का क्या अर्थ है? इसका अर्थ है कि मध्य प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना में जबरदस्त घोटाला चल रहा है। बिना आधार प्रमाणीकरण के करोड़ों रुपये का भुगतान किया जा रहा है, फर्जी मरीज दिखा कर अस्पताल और शिवराज सरकार अपनी जेब गर्म कर रहे हैं। कमलनाथ ने कहा कि भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देने के लिए शिवराज सरकार पहले तो गलत तरीके से पेमेंट कर देती है और फिर जानबूझकर उसकी रिकवरी नहीं करती। यह सब उस राज्य में किया जा रहा है जहां पर सरकार का खर्च चलाने के लिए हर रोज कर्ज लिया जा रहा है। कमलनाथ ने कहा कि कैग रिपोर्ट से यह स्पष्ट है कि मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार लाखों करोड़ों रुपये का कर्जा जनता की भलाई के लिए नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार और कमीशन खोरी के लिए ले रही है।
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कांग्रेस नेताओं पर झूठे मुकदमे
कमलनाथ ने कहा कि एक तरफ शिवराज सरकार 50% कमीशन राज का खुलासा होने के बाद कांग्रेस नेताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज करा रही है तो दूसरी तरफ भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक ने अपनी रिपोर्ट से एक बार फिर साबित कर दिया है कि शिवराज सरकार विश्व की सबसे भ्रष्ट सरकार है। कांग्रेस नेताओं पर भ्रष्टाचार का खुलासा करने पर झूठे मुकदमे लिखने वाले शिवराज सिंह चौहान क्या अब कैग के ऊपर भी मुकदमा करेंगे?
एक ही समय मरीज का अलग-अलग अस्पताल में इलाज
कमलनाथ ने कहा कि कैग की रिपोर्ट के मुताबिक 8081 लोग एक ही समय में अलग-अलग अस्पतालों में इलाज कराते हुए पाए गए। इस तरह के मामलों में 213 अस्पताल शामिल पाए गए। इससे पता चलता है कि मध्य प्रदेश के अस्पतालों में कितनी बड़ी संख्या में फर्जी मरीजों को भर्ती करने का गोरख धंधा चल रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक मध्य प्रदेश उन राज्यों में शामिल हुआ जहां इस योजना में सबसे ज्यादा अनियमितताएं पाई गईं।
96% मामलो में रिकवरी नहीं कर पाई सरकार
अस्पतालों को किए गए गलत भुगतान के मामले में एमपी आयुष्मान के गलत भुगतान की रिकवरी के मामले में सबसे ज्यादा फिसड्डी है। मध्य प्रदेश में 96% मामलों में अब तक रिकवरी नहीं कर पाई है। रिपोर्ट में कहा गया कि एमपी आयुष्मान भारत में बिना बायोमैट्रिक ऑथेंटिकेशन के 160 करोड रुपये का भुगतान किया गया जबकि आधार ऑथेंटिकेशन वाले मरीजों को 126 करोड रुपये का भुगतान किया गया।
