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MP News: मध्य प्रदेश में पहली बार विज्ञान महोत्सव का आयोजन 21 से 24 जनवरी तक, 10 हजार प्रतिभागी होंगे शामिल
Fri, 13 Jan 2023 10:58 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Fri, 13 Jan 2023 10:58 PM IST
सार
भारतीय अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव में भारत में विज्ञान के क्षेत्र में हुई प्रगति पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी लगाई जाएगी। लगभग दो लाख स्क्वायर फीट की जगह पर लगने वाली इस प्रदर्शनी में इसरो, परमाणु ऊर्जा विभाग, अंतरिक्ष विभाग, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, डीआरडीओ सहित विज्ञान के क्षेत्र में कार्य करने वाले भारत के 300 से अधिक संस्थान अपनी उपलब्धियों को प्रदर्शित करेंगे।
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मंत्री ओम प्रकाश सकलेचा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (मेपकास्ट) में आठवें भारत अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव के कर्टेन रेजर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य अतिथि मप्र विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा सूक्ष्म, मध्यम एवं लघु उद्यम मंत्री ओम प्रकाश सकलेचा थे। भोपाल के मैनिट में 21 से 24 जनवरी तक मध्यप्रदेश में पहली बार इस विज्ञान महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर मंत्री सकलेचा ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आत्मनिर्भरता की बात कही है। एक समय था जब भारत में चीन से बहुतायात में खिलौने भेजे जाते थे। लेकिन भारत में ही खिलौनों के निर्माण किये जाने का निर्णय लिया गया। मध्यप्रदेश ने इन्हीं सबको ध्यान में रखते हुए एमएसएमई डिपार्टमेंट बनाया।
सकलेचा ने कहा कि आज विश्व के किसी भी देश में अगर हम देखें तो बिना भारतीय साइंटिस्ट के कोई देश अकेले चल नहीं सकता। कई विकसित देश में लैब के अंदर कार्य करने वाले भारतीय हैं। अमेरिका में हर छठवें मरीज का इलाज भारतीय डॉक्टर कर रहे हैं। आज के समय में सभी विकसित देशों में भारतीयों ने हमारा सम्मान बढ़ाया है। अब समय आ गया है जब हमें अपनी पैकेजिंग और प्रजेंटेशन को बदलने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारत में अब तक जो विज्ञान के क्षेत्र में कार्य हुआ है उससे ऐसा वातावरण बनेगा जो हमें विज्ञान के क्षेत्र में लीडर बनायेगा। अभी भारत विकासशील देशों में है लेकिन अगर हमें विश्व गुरु बनना है तो उसमें विज्ञान की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
विशाल प्रदर्शनी में दिखेगी विज्ञान की उपल्ब्धियां
भारतीय अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव में भारत में विज्ञान के क्षेत्र में हुई प्रगति पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी लगाई जाएगी। लगभग दो लाख स्क्वायर फीट की जगह पर लगने वाली इस प्रदर्शनी में इसरो, परमाणु ऊर्जा विभाग, अंतरिक्ष विभाग, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, डीआरडीओ सहित विज्ञान के क्षेत्र में कार्य करने वाले भारत के 300 से अधिक संस्थान अपनी उपलब्धियों को प्रदर्शित करेंगे। इसके साथ ही 19 जनवरी को रन फॉर साइंस का आयोजन किया जायेगा। विज्ञान के प्रति लोगों में जागरूकता लाने के उद्देश्य से यह रन टीटी नगर स्टेडियम से शुरू होगी जो मैनिट परिसर पर समाप्त होगी।
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स्टूडेंट्स साइंस विलेज बनेगा आकर्षण
महोत्सव के दौरान स्टूडेंट्स साइंस विलेज का आयोजन किया जायेगा। इस साइंस विलेज में मध्यप्रदेश के विभिन्न दूरस्थ इलाकों के 1500 बच्चे शामिल होंगे जो विज्ञान और इसके चमत्कार को करीब से देखेंगे। इसके साथ ही वैज्ञानिका साइंस लिट्रेचर फेस्टिवल, स्टार्टअप हब जैसी गतिविधियां आयोजित की जायेंगी। विज्ञान महोत्सव में कुल 15 गतिविधियां आयोजित होंगी जिनमें 10 हजार से अधिक प्रतिभागी शामिल होंगे।
महोत्सव में यह गतिधियां होंगी आयोजित
आर्टिजन टेक्नोलॉजी विलेज वोकल फॉर लोकल, न्यू एज टेक्नोलॉजी शो, मेगा साइंस एंड टेक्नोलॉजी एग्जीबिशन, इंटरनेशनल साइंस फिल्म फेस्टिवल, साइंस थ्रू गेम्स एंड टॉयज, स्टार्टअप कॉन्क्लेव जैसी विभिन्न गतिविधियां होंगी। इस अवसर पर भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव आईआईएसएफ 2022 के हिंदी ब्रोशर का विमोचन भी किया गया।
यह अतिथि भी थे उपस्थित
इस अवसर पर आरजीपीवी के कुलपति प्रो. सुनील गुप्ता, एम्प्री का निदेशक अवनीश श्रीवास्तव, शुल्क विनिमायक आयोग के अध्यक्ष रवीन्द्र कन्हेरे, विज्ञान भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रवीण रामदास, निजी विश्वविद्यालय विनिमायक आयोग के अध्यक्ष भगवत शरण सिंह, भोज मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति संजय तिवारी, मैनिट के एक्टिंग डायरेक्टर उपस्थित थे।
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सकलेचा ने कहा कि आज विश्व के किसी भी देश में अगर हम देखें तो बिना भारतीय साइंटिस्ट के कोई देश अकेले चल नहीं सकता। कई विकसित देश में लैब के अंदर कार्य करने वाले भारतीय हैं। अमेरिका में हर छठवें मरीज का इलाज भारतीय डॉक्टर कर रहे हैं। आज के समय में सभी विकसित देशों में भारतीयों ने हमारा सम्मान बढ़ाया है। अब समय आ गया है जब हमें अपनी पैकेजिंग और प्रजेंटेशन को बदलने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारत में अब तक जो विज्ञान के क्षेत्र में कार्य हुआ है उससे ऐसा वातावरण बनेगा जो हमें विज्ञान के क्षेत्र में लीडर बनायेगा। अभी भारत विकासशील देशों में है लेकिन अगर हमें विश्व गुरु बनना है तो उसमें विज्ञान की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
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विशाल प्रदर्शनी में दिखेगी विज्ञान की उपल्ब्धियां
भारतीय अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव में भारत में विज्ञान के क्षेत्र में हुई प्रगति पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी लगाई जाएगी। लगभग दो लाख स्क्वायर फीट की जगह पर लगने वाली इस प्रदर्शनी में इसरो, परमाणु ऊर्जा विभाग, अंतरिक्ष विभाग, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, डीआरडीओ सहित विज्ञान के क्षेत्र में कार्य करने वाले भारत के 300 से अधिक संस्थान अपनी उपलब्धियों को प्रदर्शित करेंगे। इसके साथ ही 19 जनवरी को रन फॉर साइंस का आयोजन किया जायेगा। विज्ञान के प्रति लोगों में जागरूकता लाने के उद्देश्य से यह रन टीटी नगर स्टेडियम से शुरू होगी जो मैनिट परिसर पर समाप्त होगी।
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स्टूडेंट्स साइंस विलेज बनेगा आकर्षण
महोत्सव के दौरान स्टूडेंट्स साइंस विलेज का आयोजन किया जायेगा। इस साइंस विलेज में मध्यप्रदेश के विभिन्न दूरस्थ इलाकों के 1500 बच्चे शामिल होंगे जो विज्ञान और इसके चमत्कार को करीब से देखेंगे। इसके साथ ही वैज्ञानिका साइंस लिट्रेचर फेस्टिवल, स्टार्टअप हब जैसी गतिविधियां आयोजित की जायेंगी। विज्ञान महोत्सव में कुल 15 गतिविधियां आयोजित होंगी जिनमें 10 हजार से अधिक प्रतिभागी शामिल होंगे।
महोत्सव में यह गतिधियां होंगी आयोजित
आर्टिजन टेक्नोलॉजी विलेज वोकल फॉर लोकल, न्यू एज टेक्नोलॉजी शो, मेगा साइंस एंड टेक्नोलॉजी एग्जीबिशन, इंटरनेशनल साइंस फिल्म फेस्टिवल, साइंस थ्रू गेम्स एंड टॉयज, स्टार्टअप कॉन्क्लेव जैसी विभिन्न गतिविधियां होंगी। इस अवसर पर भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव आईआईएसएफ 2022 के हिंदी ब्रोशर का विमोचन भी किया गया।
यह अतिथि भी थे उपस्थित
इस अवसर पर आरजीपीवी के कुलपति प्रो. सुनील गुप्ता, एम्प्री का निदेशक अवनीश श्रीवास्तव, शुल्क विनिमायक आयोग के अध्यक्ष रवीन्द्र कन्हेरे, विज्ञान भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रवीण रामदास, निजी विश्वविद्यालय विनिमायक आयोग के अध्यक्ष भगवत शरण सिंह, भोज मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति संजय तिवारी, मैनिट के एक्टिंग डायरेक्टर उपस्थित थे।
