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एमपी: मोहन यादव का राहुल गांधी पर निशाना, बोले- अराजकता फैला रहे, विपक्ष को आत्ममंथन की जरूरत
Sat, 10 Oct 2026 09:32 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Sat, 10 Oct 2026 09:32 PM IST
सार
बिहार दौरे पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन पर अराजकता का माहौल बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कांग्रेस को अपनी राजनीतिक स्थिति की समीक्षा करने और विपक्ष की जिम्मेदारी निभाने की सलाह दी।
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राहुल गांधी और सीएम मोहन यादव
- फोटो : Social Media
विस्तार
बिहार दौरे पर पहुंचे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जनता जब किसी दल को पांच साल के लिए जनादेश देती है, तो विपक्ष की जिम्मेदारी है कि वह लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी भूमिका निभाए। संगठन को मजबूत करने और जनता के बीच अपनी घटती स्वीकार्यता के कारणों पर विचार करने के बजाय अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश करना उचित नहीं है। मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी के रुख की निंदा करते हुए कांग्रेस को आत्ममंथन करने की सलाह दी। शनिवार को गया में मीडिया से चर्चा के दौरान डॉ. यादव ने निर्वाचन आयोग को लेकर कांग्रेस के विरोध पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि वह निर्वाचन आयोग का विरोध क्यों कर रही है, जबकि केरल में उसकी सरकार है। उन्होंने बिहार, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति को भी आत्ममंथन का विषय बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे दलों पर सवाल उठाने से पहले कांग्रेस को अपनी स्थिति का विश्लेषण करना चाहिए।
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मोदी के नेतृत्व में स्थिर सरकार का अनुभव
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने लंबे समय तक गठबंधन सरकारों के दौर के बाद एक दल के नेतृत्व वाली स्थिर सरकार का अनुभव किया है। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित होने के बाद मोदी ने जनता का विश्वास हासिल किया और लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बने। उन्होंने कहा कि भारत आर्थिक शक्ति के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। ऐसे में विपक्ष को भी देश की प्रगति से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा करनी चाहिए।
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धार्मिक पर्यटन में बढ़ी गतिविधियां
डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई काम किए जा रहे हैं। महाकाल महालोक के विकास के बाद प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिली है। उन्होंने काशी, उज्जैन और सोमनाथ जैसे धार्मिक स्थलों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में तीर्थस्थलों के विकास और प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बौद्ध धर्म की दृष्टि से गया के महत्व का भी जिक्र किया और कहा कि धार्मिक पर्यटन के जरिए मध्यप्रदेश और बिहार के बीच संबंधों को और मजबूत किया जा सकता है।
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बिहार और मध्यप्रदेश के ऐतिहासिक संबंधों का जिक्र
मुख्यमंत्री ने बिहार और मध्यप्रदेश के संबंधों को प्राचीन बताते हुए सम्राट अशोक के समय का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मगध और अवंती महाजनपदों के बीच ऐतिहासिक संबंध रहे हैं। दोनों राज्यों के बीच धार्मिक और सांस्कृतिक संबंधों को आगे बढ़ाने की जरूरत है। डॉ. यादव ने कहा कि मठ-मंदिर श्रद्धालुओं के लिए हैं और धार्मिक स्थलों पर व्यवस्थाएं बेहतर होना जरूरी है। उन्होंने गया में फल्गु नदी के किनारे पितरों के तर्पण और धार्मिक गतिविधियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को आगे बढ़ाने के लिए सभी को मिलकर काम करना चाहिए।
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मोदी के नेतृत्व में स्थिर सरकार का अनुभव
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने लंबे समय तक गठबंधन सरकारों के दौर के बाद एक दल के नेतृत्व वाली स्थिर सरकार का अनुभव किया है। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित होने के बाद मोदी ने जनता का विश्वास हासिल किया और लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बने। उन्होंने कहा कि भारत आर्थिक शक्ति के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। ऐसे में विपक्ष को भी देश की प्रगति से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा करनी चाहिए।
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धार्मिक पर्यटन में बढ़ी गतिविधियां
डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई काम किए जा रहे हैं। महाकाल महालोक के विकास के बाद प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिली है। उन्होंने काशी, उज्जैन और सोमनाथ जैसे धार्मिक स्थलों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में तीर्थस्थलों के विकास और प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बौद्ध धर्म की दृष्टि से गया के महत्व का भी जिक्र किया और कहा कि धार्मिक पर्यटन के जरिए मध्यप्रदेश और बिहार के बीच संबंधों को और मजबूत किया जा सकता है।
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बिहार और मध्यप्रदेश के ऐतिहासिक संबंधों का जिक्र
मुख्यमंत्री ने बिहार और मध्यप्रदेश के संबंधों को प्राचीन बताते हुए सम्राट अशोक के समय का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मगध और अवंती महाजनपदों के बीच ऐतिहासिक संबंध रहे हैं। दोनों राज्यों के बीच धार्मिक और सांस्कृतिक संबंधों को आगे बढ़ाने की जरूरत है। डॉ. यादव ने कहा कि मठ-मंदिर श्रद्धालुओं के लिए हैं और धार्मिक स्थलों पर व्यवस्थाएं बेहतर होना जरूरी है। उन्होंने गया में फल्गु नदी के किनारे पितरों के तर्पण और धार्मिक गतिविधियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को आगे बढ़ाने के लिए सभी को मिलकर काम करना चाहिए।
