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एमपी: नगरीय विकास मंत्री प्रतिमा बागरी बोली- जैम पोर्टल से खरीदी और निर्माण कार्यों की होगी उच्चस्तरीय जांच

Thu, 22 Oct 2026 05:41 PM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Anand Pawar Updated Thu, 22 Oct 2026 05:41 PM IST
सार

जैम पोर्टल से खरीदी और निर्माण कार्यों में संभावित अनियमितताओं को लेकर नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने उच्चस्तरीय जांच कराने की बात कही है। वायरल वीडियो में उठाए गए मुद्दों और उत्पादों की कीमतों में अंतर की भी पड़ताल होगी।

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MP Minister Pratima Bagri Announces High-Level Probe into GeM Portal Purchases and Construction Works
राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नगरीय विकास एवं आवास विभाग की बैठक का एक पुराना वीडियो वायरल होने के बाद प्रदेश में सियासत तेज हो गई है। वीडियो में अधिकारी मध्यप्रदेश के नगरीय निकायों में कचरा वाहनों, एलईडी लाइटों और कीटाणुनाशक की खरीदी दरों में भारी अंतर का विश्लेषण करते नजर आ रहे हैं। इस पर कांग्रेस ने भ्रष्टाचार का संरक्षण देने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की हैं। अब मामले के तूल पकड़ने के बाद सरकार ने इसकी जांच कराने की बात कही है। नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने कहा है कि विभाग के अंतर्गत जैम पोर्टल के माध्यम से होने वाली खरीदी और निर्माण कार्यों में किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इन मामलों में सामने आए वायरल वीडियो के आधार पर उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी। जांच में यदि किसी तरह की गड़बड़ी सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। राज्य मंत्री ने वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि विभाग के अंतर्गत होने वाली खरीदी और निर्माण कार्यों की निगरानी की जाती है। विभागीय स्तर पर भी इनकी जांच होती है। इसके बावजूद यदि किसी मामले में अनियमितता की शिकायत सामने आती है, तो उसे गंभीरता से लिया जाएगा।
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कीमतों में अंतर की भी होगी पड़ताल
प्रतिमा बागरी ने कहा कि जैम पोर्टल के माध्यम से होने वाली खरीदी में यदि किसी उत्पाद की कीमत में असामान्य अंतर मिलता है या किसी तरह की अनियमितता सामने आती है, तो उसकी जांच कराई जाएगी। वायरल वीडियो में उठाए गए मुद्दों को भी जांच के दायरे में शामिल किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पोर्टल को समय-समय पर अपग्रेड किया जाता है, ताकि खरीद प्रक्रिया में सामने आने वाली कमियों और अनियमितताओं के तरीकों की पहचान की जा सके। राज्य मंत्री के मुताबिक, जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 
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2500 यूजर आईडी-पासपर्ड लीक होने का भी खुलासा
बता दें करीब आठ माह पुराना नगरीय विकास एवं आवास विभाग की एक बैठक का वीडियो वायरल हो रहा हैं। इस वीडियो में एसीएस संजय दुबे अलग-अलग निगम और निगम परिषद में हुई खरीदी को लेकर अधिकारियों को फटकार लगा रहे हैं। इस बैठक में एक प्रजेंटेशन दिखाया गया, जिसमें कहीं कचरा वाहन दो लाख में खरीदा गया है तो कहीं वहीं कचरा वाहन चार डस्टबीन के साथ 6 लाख रुपए में खरीदी गया है। मध्यप्रदेश के नगरीय निकायों में कचरा वाहन, एलईडी लाइट और कीटाणुनाशक की खरीदी दरों में भारी अंतर सामने आया है। दुबे ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि खरीदी में गड़बड़ी की शिकायतों पर इस साल कार्रवाई की जाएगी। वहीं, एक प्रजेंटेशन में 2500 यूजर आईडी-पासपर्ड लीक होने की भी जानकारी दी गई। 

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भ्रष्टाचार करने वालों के साथ संरक्षण देने वालों पर भी हो कार्रवाई’
वहीं, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार को घेरा है। उन्होंने एसीएस संजय दुबे के कथित बयान का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री से भ्रष्टाचार के मामलों में चिह्नित अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने की मांग की है। मिश्रा ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और जांच प्रभावित न हो, इसके लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) और लोकायुक्त संगठन इस मामले में स्वतः संज्ञान लेकर जांच करेंगे। मिश्रा ने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं होती है, तो सरकार के संरक्षण को लेकर सवाल उठेंगे। उन्होंने सरकारी बंगलों में सरकारी सामान ले जाने के भी आरोप लगाए और कहा कि उनके पास इससे जुड़े साक्ष्य उपलब्ध हैं।
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