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MP Election 2023: कांग्रेस ने दी स्कूली बच्चों को स्कॉलरशिप की 'गारंटी', योजना पर खर्च होंगे 7,500 करोड़
सार
MP Election 2023:मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने विद्यार्थियों के जरिए वोटर माता-पिता को साधने के लिए नया दांव चला है। कांग्रेस ने पहली से 12वीं कक्षा तक के बच्चों को 500 रुपए से लेकर 1500 रुपए स्कॉलरशिप देने का एलान किया है।
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- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने सरकार बनाने के इरादे से एक और बड़ा दांव चला है। प्रियंका गांधी ने गुरुवार को मंडला की सभा में 'पढ़ो और पढ़ाओ योजना' लागू करने का एलान किया। इस योजना के लिए करीब 7500 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष की जरूरत होगी। दरअसल, कांग्रेस ने स्कूली विद्यार्थियों के जरिए उनके वोटर माता—पिता व अन्य वयस्क परिजनों को साधने का प्रयास किया है।
मंडला में प्रियंका गांधी ने एलान किया कि कांग्रेस की सरकार बनने पर पहली से 12वीं तक सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को 500 रुपये से 1500 रुपये तक स्कॉलरशिप दी जाएगी। इस घोषणा के बाद अमर उजाला ने प्रदेश के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की मौजूदा संख्या के आधार पर स्कॉलरशिप पर खर्च होने वाली राशि की गणना। इसके अनुसार सरकार को हर साल करीब 7,428 करोड़ रुपये की जरूरत पड़ेगी। स्कूल शिक्षा विभाग का पिछला बजट 36 हजार करोड़ रुपये का है। इसमें 80 प्रतिशत राशि वेतन और अन्य मदों में खर्च हो जाती है।
पहली से 12वीं तक 90 लाख बच्चे
स्कूल शिक्षा विभाग के पिछले साल के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में पहलीं से 12वीं तक की कक्षा में 89 लाख 85 हजार 543 बच्चे रजिस्टर्ड हैं। इसमें पहली से आठवीं तक की कक्षा में 65 लाख 63 हजार 745 बच्चे रजिस्टर्ड है। इन बच्चों को कांग्रेस की 500 रुपये देने की घोषणा के अनुसार एक माह 328.18 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। वहीं, नौंवी से 10वीं तक की कक्षा में 14 लाख 48 हजार 881 बच्चे रजिस्टर्ड हैं। इनको 1 हजार रुपये देने पर 144.89 करोड़ रुपये प्रतिमाह का खर्च आएगा। वहीं, 11वीं से 12वीं कक्षा के 9 लाख 72 हजार 917 बच्चों को 1500 रुपये देने पर 145.94 करोड़ रुपये प्रतिमाह का खर्चा आएगा। यानी कुल 7 हजार 428 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च आएगा।
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लाडली बहना और नारी सम्मान योजना
प्रदेश की शिवराज सरकार लाडली बहना योजना शुरू की है। इसमें महिलाओं को 1250 रुपये प्रतिमाह दिया जा रहा है। वहीं, कांग्रेस ने भी सरकार बनने पर नारी सम्मान योजना शुरू करने की घोषणा की है। यदि 1.25 करोड़ लाडली बहना योजना में 1250 रुपये प्रति माह सरकार देती है तो 18 हजार 750 रुपये सालाना खर्च बनता है। वहीं, यदि इतनी ही महिलाओं को नारी सम्मान के तहत 1500 रुपये प्रतिमाह दिया जाता है तो करीब 22 हजार 800 करोड़ रुपये साल का खर्चा आएगा।
अभी बच्चों को यह मिल रही सुविधा
स्कूल शिक्षा विभाग के सरकारी स्कूलों में वर्तमान में पहली से पांचवी तक के बच्चों को 600 रुपये ड्रेस के और किताबें नि:शुल्क देता है। इन बच्चों को स्कॉलरशिप नहीं दी जाती है। वहीं, छठी के बच्चों को 300 रुपये और सातवीं एवं आठवीं के बच्चों को 400 रुपये स्कॉलरशिप प्रति वर्ष दी जाती है। साथ ही 600 रुपए ड्रेस के लिए अलग से दिए जाते है। नौंवी से 10वीं तक के बच्चों को एससी, एसटी और ओबीसी के वर्ग अनुसार तय छात्रवृत्ति अनुसार साल में दो हजार रुपये छात्रवृत्ति दी जाती है। इसके अलावा किताबें भी मुफ्त दी जाती है। वहीं, 11वीं और 12वीं के बच्चों को एससी, एसटी ओर ओबीसी वर्ग अनुसार करीब 3000 रुपये तक सालाना छात्रवृत्ति दी जाती है। साथ ही किताबें मुफ्त दी जाती हैं।
450 रुपये में गैस सिलिंडर
प्रदेश सरकार लाडली बहनों और उज्जवला योजना के हितग्राहियों को 450 रुपये में गैस सिलिंडर दे रही है। वहीं, कांग्रेस ने भी सरकार बनने पर हर परिवार को 500 रुपये में गैस सिलिंडर देने का वादा किया है।
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मंडला में प्रियंका गांधी ने एलान किया कि कांग्रेस की सरकार बनने पर पहली से 12वीं तक सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को 500 रुपये से 1500 रुपये तक स्कॉलरशिप दी जाएगी। इस घोषणा के बाद अमर उजाला ने प्रदेश के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की मौजूदा संख्या के आधार पर स्कॉलरशिप पर खर्च होने वाली राशि की गणना। इसके अनुसार सरकार को हर साल करीब 7,428 करोड़ रुपये की जरूरत पड़ेगी। स्कूल शिक्षा विभाग का पिछला बजट 36 हजार करोड़ रुपये का है। इसमें 80 प्रतिशत राशि वेतन और अन्य मदों में खर्च हो जाती है।
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पहली से 12वीं तक 90 लाख बच्चे
स्कूल शिक्षा विभाग के पिछले साल के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में पहलीं से 12वीं तक की कक्षा में 89 लाख 85 हजार 543 बच्चे रजिस्टर्ड हैं। इसमें पहली से आठवीं तक की कक्षा में 65 लाख 63 हजार 745 बच्चे रजिस्टर्ड है। इन बच्चों को कांग्रेस की 500 रुपये देने की घोषणा के अनुसार एक माह 328.18 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। वहीं, नौंवी से 10वीं तक की कक्षा में 14 लाख 48 हजार 881 बच्चे रजिस्टर्ड हैं। इनको 1 हजार रुपये देने पर 144.89 करोड़ रुपये प्रतिमाह का खर्च आएगा। वहीं, 11वीं से 12वीं कक्षा के 9 लाख 72 हजार 917 बच्चों को 1500 रुपये देने पर 145.94 करोड़ रुपये प्रतिमाह का खर्चा आएगा। यानी कुल 7 हजार 428 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च आएगा।
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लाडली बहना और नारी सम्मान योजना
प्रदेश की शिवराज सरकार लाडली बहना योजना शुरू की है। इसमें महिलाओं को 1250 रुपये प्रतिमाह दिया जा रहा है। वहीं, कांग्रेस ने भी सरकार बनने पर नारी सम्मान योजना शुरू करने की घोषणा की है। यदि 1.25 करोड़ लाडली बहना योजना में 1250 रुपये प्रति माह सरकार देती है तो 18 हजार 750 रुपये सालाना खर्च बनता है। वहीं, यदि इतनी ही महिलाओं को नारी सम्मान के तहत 1500 रुपये प्रतिमाह दिया जाता है तो करीब 22 हजार 800 करोड़ रुपये साल का खर्चा आएगा।
अभी बच्चों को यह मिल रही सुविधा
स्कूल शिक्षा विभाग के सरकारी स्कूलों में वर्तमान में पहली से पांचवी तक के बच्चों को 600 रुपये ड्रेस के और किताबें नि:शुल्क देता है। इन बच्चों को स्कॉलरशिप नहीं दी जाती है। वहीं, छठी के बच्चों को 300 रुपये और सातवीं एवं आठवीं के बच्चों को 400 रुपये स्कॉलरशिप प्रति वर्ष दी जाती है। साथ ही 600 रुपए ड्रेस के लिए अलग से दिए जाते है। नौंवी से 10वीं तक के बच्चों को एससी, एसटी और ओबीसी के वर्ग अनुसार तय छात्रवृत्ति अनुसार साल में दो हजार रुपये छात्रवृत्ति दी जाती है। इसके अलावा किताबें भी मुफ्त दी जाती है। वहीं, 11वीं और 12वीं के बच्चों को एससी, एसटी ओर ओबीसी वर्ग अनुसार करीब 3000 रुपये तक सालाना छात्रवृत्ति दी जाती है। साथ ही किताबें मुफ्त दी जाती हैं।
450 रुपये में गैस सिलिंडर
प्रदेश सरकार लाडली बहनों और उज्जवला योजना के हितग्राहियों को 450 रुपये में गैस सिलिंडर दे रही है। वहीं, कांग्रेस ने भी सरकार बनने पर हर परिवार को 500 रुपये में गैस सिलिंडर देने का वादा किया है।
