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एमपी: फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र से हासिल किए दो सरकारी टेंडर, ठेकेदार पर ईओडब्ल्यू ने दर्ज किया केस
Fri, 30 Oct 2026 05:37 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Fri, 30 Oct 2026 05:37 PM IST
सार
दमोह के एक ठेकेदार पर फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र के जरिए निवाड़ी में पीएचई विभाग के दो सरकारी टेंडर हासिल करने का आरोप है। शिकायत की जांच के बाद ईओडब्ल्यू ने ठेकेदार और उसकी फर्म के खिलाफ धोखाधड़ी व कूटरचना का केस दर्ज किया है।
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ईओडब्ल्यू
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सरकारी निर्माण कार्यों के टेंडर हासिल करने के लिए फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र का इस्तेमाल करने का मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने दमोह के ठेकेदार लखन लाल कुर्मी और उनकी फर्म जय मां अम्बे कंस्ट्रक्शन के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचना का केस दर्ज किया है। आरोप है कि ठेकेदार ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग के छतरपुर खंड के नाम से फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र तैयार कराया और इसके आधार पर निवाड़ी जिले में विभाग के दो टेंडर हासिल कर लिए।
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ईओडब्ल्यू के अनुसार, इस मामले में दमोह निवासी रोहित बरोलिया ने शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि लखन प्रसाद कुर्मी ने फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र तैयार कर टेंडर प्रक्रिया में इसका इस्तेमाल किया है। जांच के दौरान प्रमाण पत्र कूटरचित पाया गया। बताया गया कि इसमें छतरपुर के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री के नाम से हैंडपंप की गिरी हुई और फंसी पाइपलाइन निकालने का काम करने का अनुभव दर्शाया गया था।
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जांच में सामने आया कि इस प्रमाण पत्र का उपयोग पीएचई विभाग के निवाड़ी खंड के दो टेंडर प्राप्त करने के लिए किया गया। ईओडब्ल्यू ने इसे शासन के साथ धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज के इस्तेमाल का मामला मानते हुए ठेकेदार लखन लाल कुर्मी और उनकी फर्म जय मां अम्बे कंस्ट्रक्शन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(2), 336(2) और 340(2) के तहत अपराध दर्ज किया है। मामले में एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। ईओडब्ल्यू का कहना है कि जांच के दौरान यदि अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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ईओडब्ल्यू के अनुसार, इस मामले में दमोह निवासी रोहित बरोलिया ने शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि लखन प्रसाद कुर्मी ने फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र तैयार कर टेंडर प्रक्रिया में इसका इस्तेमाल किया है। जांच के दौरान प्रमाण पत्र कूटरचित पाया गया। बताया गया कि इसमें छतरपुर के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री के नाम से हैंडपंप की गिरी हुई और फंसी पाइपलाइन निकालने का काम करने का अनुभव दर्शाया गया था।
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जांच में सामने आया कि इस प्रमाण पत्र का उपयोग पीएचई विभाग के निवाड़ी खंड के दो टेंडर प्राप्त करने के लिए किया गया। ईओडब्ल्यू ने इसे शासन के साथ धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज के इस्तेमाल का मामला मानते हुए ठेकेदार लखन लाल कुर्मी और उनकी फर्म जय मां अम्बे कंस्ट्रक्शन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(2), 336(2) और 340(2) के तहत अपराध दर्ज किया है। मामले में एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। ईओडब्ल्यू का कहना है कि जांच के दौरान यदि अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
