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MP: गांधीसागर में 20 अप्रैल को छोड़ेंगे चीते: कूनो बनेगा आदर्श वन्य पर्यटन स्थल, चीता सफारी की सुविधा जल्द

Fri, 18 Apr 2025 08:29 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Fri, 18 Apr 2025 08:29 PM IST
सार


मध्यप्रदेश के वन्य पर्यटन को वैश्विक पहचान देने की दिशा में एक और कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ऐलान किया है कि 20 अप्रैल को गांधीसागर अभयारण्य में दो चीतों को बसाया जाएगा। इसके साथ ही कूनो नेशनल पार्क को भी आदर्श वन्य पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजनाओं को गति दी जा रही है। कूनो और गांधीसागर दोनों क्षेत्रों में पर्यटकों की सुविधा, सुरक्षा और रोजगार के नए अवसरों पर सरकार विशेष जोर दे रही है।
 

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MP: Cheetahs will be released in Gandhisagar on April 20: Kuno will become an ideal wildlife tourist destinati
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव के साथ चीता प्रोजेक्ट की समीक्षा करते हुए बताया कि गांधीसागर अभयारण्य की जलवायु चीतों के लिए बेहद अनुकूल है। कूनो नेशनल पार्क से 20 अप्रैल को दो चीते शिफ्ट कर गांधीसागर में छोड़े जाएंगे। इसके साथ ही केंद्र सरकार के सहयोग से इंटरस्टेट चीता संरक्षण कॉरिडोर पर भी काम शुरू होगा, जिससे राजस्थान से लगते इस इलाके में चीतों का संरक्षण और पर्यटकों की आवाजाही दोनों बढ़ेगी। सरकार ग्वालियर से कूनो तक सड़क और हवाई संपर्क को मजबूत करने की योजना पर काम कर रही है। इससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को आसानी होगी और स्थानीय लोगों को पर्यटन से रोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे। कूनो क्षेत्र में ‘टेंट सिटी’, इंटरनेशनल लेवल का वेटरनरी हॉस्पिटल और 'दीदी कैफे' जैसी योजनाएं भी तैयार की जा रही हैं, जिनमें महिला स्व-सहायता समूहों की भागीदारी सुनिश्चित होगी।
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कूना में 26 चीते, 16 खुले जंगल में 
चीता प्रोजेक्ट के अंतर्गत प्रदेश में अब तक 112 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जिसमें से 67% राशि मध्यप्रदेश के कूनो क्षेत्र में खर्च हुई है। वर्तमान में कूनो में 26 चीते हैं, जिनमें से 16 जंगल में खुले हैं और 10 पुनर्वास केंद्र में रखे गए हैं। इन चीतों की निगरानी सेटेलाइट कॉलर से की जा रही है। साथ ही चीता मित्रों को प्रशिक्षित कर उन्हें पर्यटन और संरक्षण कार्यों से जोड़ा जा रहा है।
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बढ़ेगा महिला और स्थानीय समुदायों का योगदान
चीता मित्रों को होम स्टे और गाइडिंग में प्रशिक्षित करने के लिए IIFM भोपाल के साथ अनुबंध की तैयारी की जा रही है। वहीं ‘दीदी कैफे’ और होमस्टे मॉडल के जरिए महिला स्व-सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने पर भी फोकस रहेगा। इसके साथ ही पर्यटकों के लिए हेरिटेज वॉक, मगरमच्छ और घड़ियाल के व्यूप्वाइंट और आयुर्वेदिक वेलनेस सेंटर जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
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पहले चरण में 10 किंग कोबरा मध्यप्रदेश लाने पर विचार
राज्य सरकार सिर्फ चीतों तक सीमित नहीं रहना चाहती। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि किंग कोबरा और दुर्लभ प्रजातियों के कछुओं व घड़ियालों के लिए भी संरक्षण योजनाएं शुरू की जा रही हैं। पहले चरण में 10 किंग कोबरा मध्यप्रदेश लाने पर विचार हो रहा है।


कूना में चीता सफारी की तैयारी
कूनो में चीता सफारी शुरू करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। अनुमति मिलते ही पर्यटकों को चीतों के दीदार का रोमांचक अनुभव मिलेगा, जिससे राज्य का वन्य पर्यटन एक नई ऊंचाई छुएगा।
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